Sakaratmak Soch
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"जब भी खिड़की से बाहर देखें तो कीचड़ को नहीं, आसमान के तारों को देखें—यही है सकारात्मक सोच। सकारात्मक सोच आदमी का वह ब्रह्मास्त्र है, जो उसके मार्ग के सभी व्यवधानों व बाधाओं को समाप्त कर उसकी सफलता का मार्ग प्रशस्त कर देता है। याद रखें—एक नकारात्मक विचार हमारे अनेक सकारात्मक विचारों को समाप्त कर देता है, उनका दमन कर देता है। निराशा मनुष्य को शिथिल कर देती है, तोड़कर रख देती है; वहीं एक छोटी सी सफलता का सकारात्मक विचार मन में उमंग एवं उत्साह का संचार कर देता है। आज की आपाधापी भरी जिंदगी में सभी लोग तरह-तरह की स्पर्धाओं और चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में महत्त्वपूर्ण आवश्यकता सकारात्मक दृष्टिकोण तथा सोच के साथ आगे बढ़ने की है। सकारात्मक सोच व्यक्ति की जीवनशैली और फिर दृष्टिकोण को बदल देती है; इससे व्यक्ति की सफलता के सारे द्वार खुल जाते हैं। इस पुस्तक में सकारात्मक सोच विकसित करने के सरल उपाय और उनसे हमारे व्यक्तित्व पर पड़नेवाले सुनहरे प्रभावों के बारे में बताया गया है, जिन्हें जीवन में अपनाकर आप अभूतपूर्व सफलता को प्राप्त कर सकते हैं। "
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About the Book
"जब भी खिड़की से बाहर देखें तो कीचड़ को नहीं, आसमान के तारों को देखें—यही है सकारात्मक सोच। सकारात्मक सोच आदमी का वह ब्रह्मास्त्र है, जो उसके मार्ग के सभी व्यवधानों व बाधाओं को समाप्त कर उसकी सफलता का मार्ग प्रशस्त कर देता है। याद रखें—एक नकारात्मक विचार हमारे अनेक सकारात्मक विचारों को समाप्त कर देता है, उनका दमन कर देता है। निराशा मनुष्य को शिथिल कर देती है, तोड़कर रख देती है; वहीं एक छोटी सी सफलता का सकारात्मक विचार मन में उमंग एवं उत्साह का संचार कर देता है।
आज की आपाधापी भरी जिंदगी में सभी लोग तरह-तरह की स्पर्धाओं और चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में महत्त्वपूर्ण आवश्यकता सकारात्मक दृष्टिकोण तथा सोच के साथ आगे बढ़ने की है। सकारात्मक सोच व्यक्ति की जीवनशैली और फिर दृष्टिकोण को बदल देती है; इससे व्यक्ति की सफलता के सारे द्वार खुल जाते हैं।
इस पुस्तक में सकारात्मक सोच विकसित करने के सरल उपाय और उनसे हमारे व्यक्तित्व पर पड़नेवाले सुनहरे प्रभावों के बारे में बताया गया है, जिन्हें जीवन में अपनाकर आप अभूतपूर्व सफलता को प्राप्त कर सकते हैं।
"
Book Details
-
ISBN9789390101764
-
Pages104
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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