Jeevan Jeene Ki Kala
(0)
₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"क्या पारिवारिक जिम्मेदारियों से बँधा एक सामान्य व्यक्ति निर्वाण या बुद्धत्व (बोध) प्राप्त कर सकता है? अपने कार्य-व्यवसाय में व्यस्त किसी व्यक्ति के लिए महत्त्वाकांक्षाओं की आध्यात्मिक सीमा क्या होनी चाहिए? क्या नकारात्मक भाव अलग-अलग रूपों में सामने आते हैं? अपने चारों ओर होनेवाले मानवीय अन्याय का सामना करते हुए आप सकारात्मक कैसे बने रह सकते हैं? इस तरह के अनेक प्रश्नों के उत्तर परम पावन दलाई लामा द्वारा इस पुस्तक में दिए गए हैं। जीवन के विभिन्न पक्षों का ज्ञान रखनेवाले और स्वभाव से सहृदय, व्यवहारशील दलाई लामा ने ऐसे कई विषयों व समस्याओं पर महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जो एक सामान्य व्यक्ति के जीवन में प्रायः देखने में आती हैं, जैसे—संकीर्ण मानसिकता से उत्पन्न लोभ और भावनात्मक पीड़ा से स्वयं को कैसे बचाएँ? विषाद और निराशा को संतोष में कैसे बदलें? आज के इस मुश्किल भरे समय में विभिन्न धर्मों-मतों में सामंजस्य कैसे बनाए रखें? अपनी तरह की सर्वोत्तम रचना के रूप में यह पुस्तक ‘जीवन जीने की कला’ हमें दलाई लामा की दार्शनिक शिक्षाओं से अवगत कराती हुई मोक्ष का मार्ग दिखाती है। "
Read moreAbout the Book
"क्या पारिवारिक जिम्मेदारियों से बँधा एक सामान्य व्यक्ति निर्वाण या बुद्धत्व (बोध) प्राप्त कर सकता है?
अपने कार्य-व्यवसाय में व्यस्त किसी व्यक्ति के लिए महत्त्वाकांक्षाओं की आध्यात्मिक सीमा क्या होनी चाहिए? क्या नकारात्मक भाव अलग-अलग रूपों में सामने आते हैं?
अपने चारों ओर होनेवाले मानवीय अन्याय का सामना करते हुए आप सकारात्मक कैसे बने रह सकते हैं?
इस तरह के अनेक प्रश्नों के उत्तर परम पावन दलाई लामा द्वारा इस पुस्तक में दिए गए हैं। जीवन के विभिन्न पक्षों का ज्ञान रखनेवाले और स्वभाव से सहृदय, व्यवहारशील दलाई लामा ने ऐसे कई विषयों व समस्याओं पर महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जो एक सामान्य व्यक्ति के जीवन में प्रायः देखने में आती हैं, जैसे—संकीर्ण मानसिकता से उत्पन्न लोभ और भावनात्मक पीड़ा से स्वयं को कैसे बचाएँ? विषाद और निराशा को संतोष में कैसे बदलें? आज के इस मुश्किल भरे समय में विभिन्न धर्मों-मतों में सामंजस्य कैसे बनाए रखें?
अपनी तरह की सर्वोत्तम रचना के रूप में यह पुस्तक ‘जीवन जीने की कला’ हमें दलाई लामा की दार्शनिक शिक्षाओं से अवगत कराती हुई मोक्ष का मार्ग दिखाती है।
"
Book Details
-
ISBN9788173156038
-
Pages136
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Smaran Shakti (Memory Power)
- Author Name:
P.K. Arya
- Book Type:

- Description: स्मरण-शक्ति अगर आप यह समझते हैं कि रटने से स्मरण-शक्ति बढ़ती है तो आप गलत समझते हैं। दरअसल, किसी विषय-वस्तु को हम जितनी सरलता से और दिमाग पर जोर डाले बिना देखते, सुनते या पढ़ते हैं, वह उतनी ही सहजता से हमारे दिमाग में स्थायी रूप से दर्ज हो जाती है। मिसाल के तौर पर किसी फिल्म को एक बार देखकर या उसके गीत सुनकर वे हमें सहज ही याद हो जाते हैं। अकसर हम किसी बात को याद करने के लिए दिमाग पर जोर डालते हैं और वह हमें याद नहीं आती। थोड़ी देर बाद एकाएक वह हमें याद आ जाती है—इसे क्या कहेंगे? दरअसल, स्मरण-शक्ति बढ़ाने के लिए सरल सा नियम है—सरलता से उस विषय का दोहराव किया जाता रहे, फिर वह विषय स्थायी रूप से हमारे स्मृति-पटल पर दर्ज हो जाता है। दिन भर की घटनाएँ और पाठ हम रात्रि को दोहरा लें तो हमारी स्मरण-शक्ति अक्षुण्ण बनी रहती है। स्मरण-शक्ति विकसित करने की बेजोड़ पुस्तक आपके व्यक्तित्व का एक अनूठा पहलू है, इसलिए इसका विकास करिए, यह पुस्तक सचमुच इसमें आपकी मदद करेगी।
Ayurveda Aur Swastha Jeevan
- Author Name:
Dr. T.L. Devraj
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक आयुर्वेद के सभी आयामों की महत्ता को प्रकट करती है। पुस्तक की विषय-वस्तु में रोगों से बचाव के उपायों और उपचार दोनों पक्षों पर ध्यान दिया गया है आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों द्वारा उपचार, खनिज-लवणों तथा मानव शरीर को विषमुक्त करनेवाली बॉडी क्लींजिंग पद्धतियों के अलावा उपचार के अनूठे तरीके समाविष्ट है आयुर्वेदिक उपचार शारीरिक तथा मानसिक संतुलन सुनिश्चित करता है प्रत्येक व्यक्ति के लिए आयुर्वेद एक उत्तम मार्गदर्शक है लेखक ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने शरीर की प्रकृति के बारे में जाने और उसके अनुसार चलकर स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन प्राप्त करे
Garbhavastha Aur Shishu
- Author Name:
Dr.Abrar Multani +1
- Book Type:

- Description: वि गत वर्षों में प्रेग्नेन्सी और चाइल्ड केयर पर कई पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं और लिखी जा रही हैं। हम यह पुस्तक क्यों लिख रहें हैं? आप इसे क्यों पढ़ेंगे? जबकि आपके पास तो बहुत सारी पुस्तकों के विकल्प मौजूद हंै? हमने लाइब्रेरियों में और किताबों की दुकानों की अधिकांश पुस्तकें पढ़ीं और पाया कि उनमें से अधिकांश आपको चिकित्सक बनाने पर उतारू हैं। प्रेग्नेन्सी के साथ-साथ चाइल्ड केयर या बच्चों की परवरिश के लिये कोई भी सम्पूर्ण किताब ऐसी नहीं थी जो कि एक आम माँ और अभिभावक को आसानी से इस महत्वपूर्ण अवस्था के बारे में बता सके और शिक्षित कर सके। मातृत्व की सेवा एवं भावी पीढ़ी के निर्माण में हमें योगदान देना था। हम चाहते थे कि माँ एवं शिशु स्वस्थ रहें, जिसमें हमारा भी योगदान हो तथा इससे हमारा ईश्वर ख़ुश हो जाए। यह पुस्तक माँओं के लिये मददगार बनेगी तथा गर्भावस्था के दौरान उनकी एक सहायिका के रूप में काम करेगी, उनका मार्गदर्शन करेगी। शिशु के जन्म के पश्चात् यह शिशु की परवरिश करने में भी सहायक होगी। यह पुस्तक इस शैली में लिखी गई है कि इसमें गर्भस्थ शिशु के विकास के अनुसार अध्यायों को क्रमवार किया गया है। यदि आप इसे निश्चित समय पर पढ़ेंगे तो आपके शिशु का विकास होता जायेगा और आपकी पुस्तक पूर्ण होती जायेगी। हमने इस पुस्तक को ऐसे लिखा है कि इस पर समय का कोई प्रभाव न पड़े। अतः आप इसे पढ़कर कुछ वर्षों के पश्चात् भी अपने किसी प्रियजन को उपहार में दे सकती हैं। यह हमेशा इतनी ही उपयोगी रहेगी। आप माँ बनने जा रही हैं या बन चुकी हैं, हमारी ओर से बहुत-बहुत बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ। आशा है यह पुस्तक आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। शुभेच्छु डाॅ. अबरार मुल्तानी डाॅ. नाज़िया ख़ान
Garbh Evam Prasav Gyan
- Author Name:
Shanti Roy,Alka Pandey,Shipra Roy
- Book Type:

- Description: प्रसूति विज्ञान चिकित्सा शास्त्र की उस शाखा का नाम है, जिसका संबंध स्त्री जननांग, गर्भावस्था, प्रसव तथा प्रसवोत्तर काल से होता है। इस शास्त्र का उद्देश्य है—‘स्वस्थ माँ और स्वस्थ नवजात’। माँ और बच्चे के स्वास्थ्य के माध्यम से ही किसी देश की स्वास्थ्य संबंधी गुणवत्ता की पहचान होती है। वहाँ की चिकित्सा सेवा कितनी अच्छी है, इसका अंदाजा वहाँ के मातृ मृत्यु-दर एवं शिशु मृत्यु-दर से ही लगाया जाता है। विकसित देशों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पहले ही काफी कम हो चुकी है। गर्भ एवं प्रसव विज्ञान पर अधिकांश पुस्तकें अंग्रेजी में हैं, जिन्हें पढ़ना और समझना हमारी सामान्य जनता के लिए संभव नहीं है। प्रस्तुत पुस्तक सरल-सुबोध भाषा में लिखी प्रामाणिक जानकारी लिये है। इसकी भाषा और बातें हमारी जनता पढ़ सकेगी, समझ सकेगी तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रह सकेगी। हम अपने ही शरीर से बिल्कुल अनजान हैं। इस पुस्तक में जननांगों की बनावट एवं जनन-क्रिया को संक्षेप में बताया गया है। भ्रूण के विकास की क्रिया और उसको दुष्प्रभावित करनेवाले कारकों को बताया गया है। गर्भ तथा प्रसव की सामान्य एवं असामान्य स्थितियों की भी चर्चा की गई है। अन्य बीमारियों से पीडि़त माताओं को गर्भावस्था में क्या सावधानियाँ रखनी होंगी, नवजात की सही देखभाल कैसे की जाए, यह सब इस पुस्तक में वर्णित है। हर घर-परिवार के लिए पठनीय एवं उपयोगी पुस्तक।
Chhand Chhand Par Kumkum
- Author Name:
Shri Wagish Shukla
- Book Type:

- Description: पाठ, टीका आदि की अनेक नयी विधियाँ भारतीय प्रसंड्भ में प्राकु-आधुनिक हूँ, भले इधर वे हिन्दी आलोचना के परिसर से बाहर ही रहती आयी हूँ । 'राम की शक्तिपूजा' की यह टीका निराला की कविता को उसकी पूरी अर्थाभा, आशयों और अन्तर्ध्वनियाँ में, समकालीन सन्दर्भों और पारम्परिक स्मृति के अत्यन्त सर्जनात्मक रसायन के रूप में पुनरायत्त करने का अवसर सुलभ कराती है। प्रकारान्तर से यह टीका सत्यापित करती है कि निराला की आधुनिक संवेदना में परम्परा के कितने सन्दर्भो-स्मृतियाँ और अन्तर्भावाँ का गुम्फन और पुनराविष्कार है। उसका एक अघोषित किन्तु असन्दिग्ध प्रतिपाद्य यह भी है कि श्रेष्ठ आधुनिकता के स्थापत्य में परम्परा की अनेक तहाँ और घटित स्तराँ का आधार है; यह भी कि प्रश्नाकुलता आधुनिकता भर का नहीं, हमारे यहाँ परम्परा का भी स्वभाव रहा है।
Al Hijama
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: "Indeed in Hijama there is a cure" -Prophet Muhammed (PBUH). AL-HIJAMA IS the treatment which is recommended by the Prophet Muhammed (PBUH) for the Mankind. Al-Hijama is a devine treatment and having miraculous benefits. The Book Al-Hijama is the world's number one book which is written by one of the most experienced Hijama Therapist of the world,who has done Hijama on more than 50,000 patients till now . Author Dr Abrar Multani is a well known personality in the field of health who is a bestseller Author also.The book Al-Hijama is a complete therapeutic guide for the Students as well as for the Hijama Therapist.
Hathyoga : Swaroop evam Sadhna
- Author Name:
Yogi Adityanath
- Book Type:

- Description: योग-साधना के संबंध में आज भी बहुत सी भ्रांत धारणाएँ जन-साधारण के बीच प्रचलित हैं। आम जन-मानस योग का संबंध विरक्त साधु-संन्यासियों के उपयोग तक ही सीमित मानता है। इसी प्रकार हठयोग के संबंध में भी जन-साधारण में यही भ्रांत धारणा है कि ‘हठयोग’ का अर्थ हठात् अर्थात् हठ (विशेष आग्रह) पूर्वक योगाभ्यास करने से है। योग तथा हठयोग से संबंधित इन सभी भ्रांत धाराणाओं को निर्मूल सिद्ध करने तथा इनसे संबंधित सभी आवश्यक तथ्यों और तत्त्वों से जन-साधारण को अवगत कराने की दृष्टि से इस पुस्तक का विशेष महत्त्व है। आशा है कि योग-जिज्ञासुगण इस कृति के माध्यम से हठयोग साधना के विभिन्न विषयों को आसानी से समझ सकेंगे। योग-साधना संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए हमारे ऋषियों-महर्षियों और महान् योगियों द्वारा प्रचारित विशिष्ट रसायन है, जिसका सेवन हर देश, काल, जाति, लिंग, वर्ण, समुदाय, संप्रदाय एवं पंथ के लोगों के लिए सुलभ और उपादेय है।
Dama Evam Alergy : Kaise Chhutkara Payen
- Author Name:
Rajendra Mehta
- Book Type:

- Description: साँसों के साथ ही जीवन की डोर बँधी है। मगर इन साँसों का दुश्मन है दमा। इसी तरह एक और व्याधि है एलर्जी। दमा एवं एलर्जी कैसे होती है और इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है? इसका इलाज किन-किन विधियों से होता है और दमे की अवस्था की जाँच कैसे होती है? दमे की दवाइयाँ कौन-कौन-सी हैं?एलर्जी से कौन-कौन से रोग होते है और इनका सम्पूर्ण निदान कैसे किया जाता है? आदि अनेक ऐसे सवाल हैं जिनका समुचित उत्तर इस पुस्तक में आपको मिल जाएगा। दमा एवं एलर्जी के प्रभावी मैनेजमेंट की विस्तृत जानकारी इस पुस्तक में संकलित है जो इन व्याधियों से छुटकारा पाने में एक सच्चे मार्गदर्शक की तरह आपको सही राह सुझाएगी।
Veer Usko Janiye
- Author Name:
Navin Gulia
- Book Type:

- Description: ‘वीर उसको जानिए’ एक ऐसे असाधारण व्यक्ति की प्रेरणात्मक कथा है, जिसे हर किसी को पढ़ना चाहिए। वह अपने जीवन में अगणित कठिनाइयों का सामना करता है, जिनका किसी व्यक्ति के लिए अनुमान लगा पाना भी कठिन है; किंतु वह व्यक्ति हतोत्साहित नहीं होता और हर कठिनाई का सामना मुस्तैदी से करते हुए अपनी राह पर बढ़ता रहता है। इस पुस्तक का यही संदेश है कि हमें न सिर्फ खेल के मैदान में, अपितु अपने जीवन में भी एक खिलाड़ी ही होना चाहिए और एक खिलाड़ी की तरह ही कठिनाइयों का सामना साहस व उत्साह के साथ करते हुए अपने उद्देश्य की ओर बढ़ना चाहिए। एक खिलाड़ी अपने सामने किसी भी बाधा, कठिनाई अथवा चुनौती को देखकर हतोत्साहित नहीं होता; बल्कि वे कठिनाइयाँ, बाधाएँ और चुनौतियाँ उसे प्रेरित करती हैं। यह पुस्तक मात्र विद्यार्थियों को ही नहीं, जीवन में कुछ कर गुजरने की इच्छा रखनेवाले पुरुषार्थी लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है।
55 Salahen Jo Aapka Jeevan Badal Dengi
- Author Name:
Business Today Editorial Team
- Book Type:

- Description: "55 सलाहें, जो आपका जीवन बदल देंगी सलाह सुनहली होती है...लेकिन सिर्फ तभी, जब उसे लागू किया जाता है और यह कारगर रहती है। यह पुस्तक अच्छी सलाहों का एक खजाना है। ये सलाहें इस पुस्तक में उल्लिखित 55 लोगों के लिए कारगर रही हैं। इनमें भारत की सबसे जानी-मानी हस्तियों और नीति-निर्माताओं के नाम शामिल हैं—जैसे ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, अजीम प्रेमजी, आमिर खान, शाहरुख खान, जावेद अख्तर, आर.सी. भार्गव, गुरचरण दास, किरण मजूमदार-शॉ, डॉ. देवी शेट्टी, राम प्रसाद गोयनका, प्रसून जोशी, हर्ष मारीवाला और करण जौहर। ये तमाम लोग अपने-अपने क्षेत्रों के नेता हैं—चाहे वह व्यापार, विज्ञान, राजनीति, दवा, साहित्य या मनोरंजन का क्षेत्र हो। यहाँ उन चुनिंदा सलाहों को रखा गया है, जिन्हें इन हस्तियों ने मूल्यवान् और महत्त्वपूर्ण पाया—चाहे रिश्ते सुधारने की बात हो, कॉरियर बनाने की बात हो, यहाँ तक कि कुछेक मामलों में इसने उन्हें दुनिया को बेहतर बनाने के प्रयास में भी मदद की। प्रेरणा, अंतर्दृष्टि या महज कुछ व्यावहारिक मार्गदर्शन पाने की इच्छा रखने वाले पाठक के लिए इस पुस्तक को खरीदना उपयोगी व सार्थक रहेगा। "
Aapka Swasthya Aapke Haath
- Author Name:
Dinanath Jhunjhunwala
- Book Type:

- Description: बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं हुआ करती; अगर व्यक्ति मानसिक बीमारियों जैसे-काम; क्रोध; लोभ; मोह आदि से ग्रस्त हैं तो भी वह बीमार ही माना जाएगा। अत: पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति वह है; जो शारीरिक एवं मानसिक दृष्टि से स्वस्थ है। बीमारियों का कारण हम स्वयं बनते हैं। शारीरिकबीमारियों केनिवारण केलिए 'प्रात: भ्रमण' तथा 'योग' को दिनचर्या में अपनाना जरूरी है। इससे बिना दवा खाए भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। प्रस्तुत पुस्तक में विद्वान् लेखक ने यह बताया है कि स्वस्थ रहने के लिए प्रात: भ्रमण कैसे करना चाहिए भोजन तथा आहार कैसा होना चाहिए तथा कब करना चाहिए दांपत्य जीवन को कैसे सफल बनाया जा सकता है; वृद्धावस्था की समस्याएँ एवं उनका समाधान; सुख क्या है और कहाँ?; जल ही जीवन है आदि। स्वस्थ रहने के लिए सबसे अहम बात यह है कि हम उन चीजों के सेवन से परहेज करें; जिनकी हमें जरूरत नहीं है; जो हानिकारक हैं। पान; पान मसाला; खैनी; शराब; मांसाहार के बिना भी हम अधिक स्वस्थ बने रह सकते हैं; अत: इनका सेवन करकेबीमार क्यों पड़े? यह हमेशा ध्यान रखें कि स्वस्थ रहना प्राकृतिक है; अस्वस्थ रहना अप्राकृतिक। आज हर कोई-क्या गरीब; क्या अमीर-अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। ऐसे में इस पुस्तक की उपयोगिता और बढ़ जाती है। आशा है; सुधी पाठक पुस्तक में दिए सुझावों को अपने जीवन में अपनाकर पूर्ण स्वस्थ तथा निरोग रह सकते हैं।
Child Health And Nutrition In India
- Author Name:
Sanjay Prasad +2
- Rating:
- Book Type:

- Description: This book is an attempt to present, in a consolidated form of research articles that can provide a common platform for communication and discussion about healthcare and service providers, functionaries, scholars and social workers involved with child health and nutrition. The scope of this book is to present an overview of child health, maternal health and community issues in India and also attempt to highlight some of the important issues in this field.
Jal Pradushan
- Author Name:
Dr. Sheo Gopal Mishra
- Book Type:

- Description: "जल प्रदूषण भूमंडल का दो - तिहाई भाग जल है और उस जल का मात्र 2. 8 प्रतिशत भाग ही हमारे पीने के योग्य है । लेकिन बढ़ते औद्योगिकीकरण तथा शहरीकरण ने इसे भी प्रदूषित कर दिया है । जल के प्राय : सभी स्रोत या तो दूषित हो गए हैं या होते जा रहे हैं । ओद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप नदियों और समुद्रों का ही नहीं, भू-जल भी पीने योग्य नहीं रहने दिया । इस सबके परिणाम मनुष्यों, पशुओं, जल-जंतुओं तथा फसलों को भोगने पड़ रहे है । जल के स्रोत (नदियाँ, समुद्र, भू-जल) कैसे प्रदूषित होते हैं, वे कौन - कौन - से प्रदूषक है जो जल को उपयोग के अयोग्य बनाते है, प्रदूषित जल की क्या पहचान है, उसे किस प्रकार शुद्ध किया जा सकता है । प्रदूषित जल के उपयोग से कौन -कौन -सी बीमारियाँ फैलती है, विश्य-स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए क्या-क्या किया जा रहा है, इसकी प्रामाणिक और वैज्ञानिक जानकारी इस पुस्तक में दी गई है । पुस्तक विद्यार्थियों तथा आम लोगों के लिए भी समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी । "
Yog Dwara Swastha Jeevan
- Author Name:
B.K.S. Iyengar
- Book Type:

- Description: योग द्वारा स्वस्थ जीवन—बी.के.एस. आयंगर ‘योग’ एक तपस्या है। शरीर को निरोग एवं सशक्त बनाने की एक संपूर्ण विधि है ‘योग’। योग असाध्य रोगों को भी दूर भगाता है। आज संसार भर के लोग योग और इसके चमत्मकारी प्रभावों के प्रति आकर्षित हैं। विश्वप्रसिद्ध योगगुरु बी.के.एस. आयंगार की इस पुस्तक ‘योग द्वारा स्वस्थ जीवन’ में आसन किस प्रकार किए जाएँ, किस प्रकार होनेवाली गलतियों को टाला जा सकता है और अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है, इन बातों को आम लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है। योग के द्वारा कैसे व्यक्तियों का उपचार किया जाए, इसका त्रुटिहीन अभ्यास करते हुए अधिकाधिक लाभ कैसे प्राप्त किया जाए—इसका सचित्र वर्णन किया गया है। पुस्तक का उपयोग करना आसान व सरल हो, इस दृष्टि से पुस्तक के अंत में दो परिशिष्ट जोड़े गए हैं। परिशिष्ट 1 में आसन क्रमांक और आसनों के नाम देकर उनका वर्गीकरण प्रस्तुत किया गया है। परिशिष्ट 2 में किस रोग में किस आसन से लाभ होगा, उनका वर्णन है। स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखानेवाली सरल-सुबोध भाषा में योग पर एक अनुपम कृति।
Yog Vishwa Ko Bharat Ki Anmol Bhent PB
- Author Name:
Ravi Kumar
- Book Type:

- Description: "प्राचीन भारत ने हमें गणित, बीजगणित, ज्यामिति, त्रिकोणमिति, शून्य, दशमलव, ज्योतिष, औषधि, व्याकरण, जातक कथाएँ और अनेक नैतिक मूल्यों का आधार दिया है। आधुनिक विश्व संस्कृत, भगवद्गीता और योग से लाभ उठा रहा है। योग के अभ्यास को हमारे ऋषियों और संतों द्वारा शरीर, मन और आत्मा के संपूर्ण स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए सहज ज्ञान द्वारा प्राप्त करके दिशा दी गई, सिद्ध और संहिताबद्ध किया गया। योग लोगों को अशांति के बीच शांति प्राप्त करने में सहायता करता है। ये हमारे शरीर, मन और आत्मा में स्वास्थ्य और संतुलन लाता है। तन स्वस्थ हो, मन स्वस्थ हो, सब नीरोग हों—यही योग का संदेश है। 11 दिसंबर, 2014 को 193 सदस्यों की संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्राचीन भारत के स्वास्थ्य एवं कल्याण की ओर समग्र दृष्टिकोण को मान्यता देते हुए आम सहमति से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने पर सहमति प्रदान की। योग का संबंध आज पूरे विश्व से है। विश्व के कई नेता, खेल-कूद और फिल्मी दुनिया के सितारे और संगीत जगत् के दिग्गज विभिन्न कारणों से अपने दैनिक जीवन में योगाभ्यास करते हैं। योग की वैश्विक स्वीकार्यता और उसके उपयोग की व्यापकता को रेखांकित करने के उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई है। हमें विश्वास है कि यह पुस्तक लोगों को योग की ओर आकर्षित करेगी और जन-जन योग को अपनाकर अपने जीवन को सुखमय-तनावमुक्त बना पाएँगे। "
Beemariyan Harengi
- Author Name:
Dr.Abrar Multani
- Book Type:

- Description: स्वास्थ्य के लिए अमृत का प्याला
HIRANYAGARBHA
- Author Name:
Vidya Vindu Singh
- Book Type:

- Description: भारत का स्त्री विमर्श चूँकि पश्चिम के वूमेन लिव का प्रतिफलन है, अतः स्वाभाविक ही था कि भारतीय स्त्रीवादी चिंतन को उस पश्चिमी नजरिए से देखा गया, जहाँ औरत की आजादी का मतलब है—पुरुष की बराबरी। इस सोच को हवा देने में हमारे यहाँ के बुद्धिजीवी भी पीछे नहीं रहे। उनका कहना है, ‘‘स्त्री-मुक्ति की हर यात्रा उसकी देह से शुरू होती है।’’ इस प्रकार के बोल्ड बयानों ने स्त्री-मुक्ति के अर्थ को विकृत किया है और अपने ‘वस्तु’ होने का विरोध करनेवाली स्त्री के लिए खुद ही वस्तु बनाए जाने के खतरों को बढ़ा दिया है। भारतीय संस्कृति से कटे ऐसे वक्तव्यों ने स्त्री स्वतंत्रता और स्वच्छंदता की विभाजक रेखा को मिटाकर दोनों में किस प्रकार घालमेल किया है, इसका प्रमाण हैं स्त्री-विमर्श के नाम पर परोसी गई ऐसी कहानियाँ, जिनमें स्त्री स्वतंत्रता के नाम पर स्वच्छंदता की दुहाई दी गई है। कथाकार डॉ. विद्या विंदु सिंह का यह उपन्यास संग्रह नारी-विमर्श के विभिन्न आयामों का स्पर्श करता है—यौन हिंसा, यौन शोषण, अविवाहित मातृत्व, अशिक्षा, दहेज, यौनिक भेदभाव, विधवा पुनर्विवाह, घरेलू हिंसा, विवाह विच्छेद, परित्यक्ता नारी और पहचान का संकट आदि। इन समस्याओं के निरूपण के साथ लेखिका ने खाँटी भारतीय तरीके से समस्या का समाधान भी प्रस्तुत किया है। —निशा गहलौत
Yoga Aur Aahar Dwara 100 Saal Kaise Jiyen
- Author Name:
Bijoylaxmi Hota
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक समग्रता में प्रायः सभी सामान्य एवं असामान्य रोगों से बचाव के उपाय बताती है। पाचन समस्या, जैसे—एसिडिटी, दस्त, कब्ज और बवासीर; साँस की समस्याएँ, जैसे—दमा, श्वास शोथ और साधारण सर्दी-जुकाम; स्नायु संबंधी रोग, जैसे अनिद्रा, घबराहट इत्यादि—पार्किंसन रोग और दिमागी धक्का; अन्य बीमारियों, जैसे—एलर्जी, ओस्टोपोरोसिस और वर्टिगो के विषय में यह मार्गदर्शिका आपको सही आहार और योग अभ्यासों के बारे में बताती है, जो आपको रोग-मुक्त कर देंगे। लेखिका ने प्रत्येक अभ्यास के साथ उसका असर भी दिया है, साथ ही ये विष-मुक्त होने के एवं ध्यान के विभिन्न यौगिक तरीके, योगासन, स्वादिष्ट एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन की विधियाँ भी बताती हैं। पैंतीस वर्षों से अधिक की अनुभवी प्रख्यात योग चिकित्सक की यह संपूर्ण पुस्तक निश्चित रूप से आपके स्वास्थ्य एवं आहार से संबंधित जरूरतों के बारे में प्राकृतिक वस्तुओं एवं तकनीक के माध्यम से बताएगी।
Super Ameer Banne Ki Master Key
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: "छ लोग धन कमाने का आसान सा रास्ता पाना चाहते हैं, ऐसा कि जिसमें कुछ भी न करना पड़े। और ऐसा लगभग सभी चाहते हैं। परंतु ऐसा कोई फॉर्मूला नहीं है कि कुछ भी किए बिना काफी कुछ हाथ लग जाए; लेकिन एक रास्ते से धन कमाने का गुण हासिल होना निश्चित है और यह मास्टर चाबी से मिल सकता है। यह मास्टर चाबी ऐसा अमोघ यंत्र है, जिसे धारण करनेवाला इससे सभी समस्याओं के समाधान का दरवाजा खोल सकता है। इसकी जादुई ताकत का अंदाजा इसे हासिल करने पर ही लग सकता है। इससे वे तौर-तरीके मालूम हो जाते हैं, जिनसे किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति, असफलता, निराशा, गलती, गलत निर्णय और पहले की पराजय को अनमोल उपलब्धि में तब्दील किया जा सकता है। निराशा को आशा में बदलनेवाली यह चाबी ऐसा फॉर्मूला है, जिसे घुमाकर विवेक का अकूत भंडार मिल सकता है। इस भरोसेमंद उपाय से विनम्र लोग पैसा, ताकत, नाम, शोहरत सब हासिल कर सकते हैं। यह हताशा में समय से पहले बूढ़े नजर आनेवाले युवकों में नई ऊर्जा, जोश और उत्साह भर देता है। धनकुबेर की बात करते समय दिमाग में हमेशा यह बात रहती है कि इसे हासिल करनेवालों ने अपने हिसाब से जीवन को ऐसे ढर्रे पर ढाला, ताकि जीवन प्रसन्नता से भरा रहे। धनकुबेर बनने के व्यावहारिक सूत्र बताती एक अत्यंत विचारशील पुस्तक, जो केवल धन को ही नहीं अपितु आपसी संबंधों, सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदना एवं जीवन में अनुशासन को भी बराबर का महत्त्व देती है। "
ACUPRESSURE CHIKITSA
- Author Name:
Dr. A.K. Saxena +1
- Book Type:

- Description: "पिछले कुछ वर्षों में एक्यूप्रेशर ने काफी ख्याति अर्जित की है, जिसका प्रमुख कारण यह है कि इसमें किसी तरह की दवाइयों या शल्य चिकित्सा की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे यह हर तरह के साइड इफेक्ट से मुक्त है। यह पूरी तरह से गैरपरंपरागत, सुरक्षित और गैर-हस्तक्षेपकारी है। इतना ही नहीं, गरदन के दर्द या लंबर स्पॉण्डिलाइटिस, साइनसाइटिस, पीठ दर्द, घुटनों के दर्द, एडि़यों के दर्द, साइएटिका, डिस्क खिसकने, कब्ज, अपच, अनिद्रा, अवसाद, टेनिस एल्बो, दमा, हाइपर टेंशन, माइग्रेन, स्नायु संबंधी समस्याओं आदि में भी बेहद उपयोगी साबित हुई है। काफी समय से इस बात की आवश्यकता अनुभव की जा रही थी कि कोई ऐसी पुस्तक प्रश्नोत्तर रूप में हो, जिसमें इस थेरैपी के असर और उपयोगिता के बारे में आम पाठक के मन में उठने वाले सारे प्रश्नों के उत्तर दिए गए हों। यह पुस्तक उस अभाव की पूर्ति करती है। इसमें स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए एक्यूप्रेशर का उपयोग और उसके महत्त्व को चित्रों के जरिए यथासंभव स्पष्टता के साथ समझाया गया है। नीरोग रहने के लिए बिना किसी साइड इफेक्ट के एक्यूप्रेशर चिकित्सा का व्यावहारिक उपयोग बनानेवाली महत्त्वपूर्ण पुस्तक।"
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book