Jal Pradushan
(0)
Author:
Dr. Sheo Gopal MishraPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Health-fitness-nutrition₹
250
200 (20% off)
Available
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Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"जल प्रदूषण भूमंडल का दो - तिहाई भाग जल है और उस जल का मात्र 2. 8 प्रतिशत भाग ही हमारे पीने के योग्य है । लेकिन बढ़ते औद्योगिकीकरण तथा शहरीकरण ने इसे भी प्रदूषित कर दिया है । जल के प्राय : सभी स्रोत या तो दूषित हो गए हैं या होते जा रहे हैं । ओद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप नदियों और समुद्रों का ही नहीं, भू-जल भी पीने योग्य नहीं रहने दिया । इस सबके परिणाम मनुष्यों, पशुओं, जल-जंतुओं तथा फसलों को भोगने पड़ रहे है । जल के स्रोत (नदियाँ, समुद्र, भू-जल) कैसे प्रदूषित होते हैं, वे कौन - कौन - से प्रदूषक है जो जल को उपयोग के अयोग्य बनाते है, प्रदूषित जल की क्या पहचान है, उसे किस प्रकार शुद्ध किया जा सकता है । प्रदूषित जल के उपयोग से कौन -कौन -सी बीमारियाँ फैलती है, विश्य-स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए क्या-क्या किया जा रहा है, इसकी प्रामाणिक और वैज्ञानिक जानकारी इस पुस्तक में दी गई है । पुस्तक विद्यार्थियों तथा आम लोगों के लिए भी समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी । "
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"जल प्रदूषण
भूमंडल का दो - तिहाई भाग जल है और उस जल का मात्र 2. 8 प्रतिशत भाग ही हमारे पीने के योग्य है । लेकिन बढ़ते औद्योगिकीकरण तथा शहरीकरण ने इसे भी प्रदूषित कर दिया है । जल के प्राय : सभी स्रोत या तो दूषित हो गए हैं या होते जा रहे हैं । ओद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप नदियों और समुद्रों का ही नहीं, भू-जल भी पीने योग्य नहीं रहने दिया । इस सबके परिणाम मनुष्यों, पशुओं, जल-जंतुओं तथा फसलों को भोगने पड़ रहे है ।
जल के स्रोत (नदियाँ, समुद्र, भू-जल) कैसे प्रदूषित होते हैं, वे कौन - कौन - से प्रदूषक है जो जल को उपयोग के अयोग्य बनाते है, प्रदूषित जल की क्या पहचान है, उसे किस प्रकार शुद्ध किया जा सकता है । प्रदूषित जल के उपयोग से कौन -कौन -सी बीमारियाँ फैलती है, विश्य-स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए क्या-क्या किया जा रहा है, इसकी प्रामाणिक और वैज्ञानिक जानकारी इस पुस्तक में दी गई है । पुस्तक विद्यार्थियों तथा आम लोगों के लिए भी समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी ।
"
Book Details
-
ISBN9789382901754
-
Pages128
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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