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Ajay Singh Kushwaha

Ajay Singh Kushwaha Author

art-and-design · hindi

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About Ajay Singh Kushwaha

डॉ. अजय सिंह कुशवाहा का जन्म 26 अगस्त, 1985 को ग्राम बमनुआँ, झाँसी, उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने बुन्देलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी से इतिहास विषय में परास्नातक करने के बाद बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी से पर्यटन प्रबन्धन में परास्नातक किया, फिर पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की। वे दो विषय, पर्यटन-प्रबन्धन और इतिहास में यू.जी.सी.-नेट उत्तीर्ण हैं; एन.सी.सी. में सी-सर्टिफिकेट प्राप्त किया है एवं एन.सी.सी. के राष्ट्रीय स्तर के अनेक कैम्पों में सम्मिलित होकर साहसिक व सैनिक गतिविधियों में दक्षता हासिल की है। उनके बुन्देलखंड की संस्कृति, पर्यटन एवं इतिहास विषयक कई शोध पत्र और लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। वे पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षण कार्यक्रमों (कुम्भ गाइड प्रशिक्षण; पर्यटन सूचना अधिकारी प्रशिक्षण, अयोध्या तीर्थ क्षेत्र गाइड, नैमिषारण्य तीर्थ गाइड आदि) में प्रशिक्षक की भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं—‘बुन्देलखंड की अष्टगढ़ियाँ (वैभवपूर्ण ऐतिहासिक विरासत)’ और ‘बुन्देलखंड : किलों की भूमि (शौर्य, कला, संस्कृति और पर्यटन)’। फिलहाल पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित मा. कांशीराम पर्यटन प्रबन्ध संस्थान, लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। ई—मेल : ajaysinghjhansi@gmail.com
Bundelkhand : Kilon Ki Bhoomi
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Rajkamal Prakashan Samuh · hindi · art-and-design

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