Rahim Rachnawali
(0)
Author:
Satyaprakash MishraPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र द्वारा सम्पादित इस रचनावली में रहीम के नाम से प्रचलित सभी रचनाओं का समावेश किया गया है। पाठ को प्रामाणिक बनाने के प्रयत्न के साथ ही साथ सम्पादक ने अपनी विस्तृत भूमिका में रहीम के विषय में प्रामाणिक सामग्री दी है। रहीम की भूमिका को निर्धारित करते हुए पुस्तक में रहीम द्वारा प्रयुक्त नई शैलियाँ और काव्य प्रयोगों को रेखांकित करके सम्पादक ने उस युग के काव्य मिज़ाज को समझाने का महत्त्वपूर्ण प्रयत्न किया है। रहीम के स्वनिर्मित स्वाभिमानी व्यक्तित्व और उनकी त्रासदी को समझे बग़ैर उनकी कविताओं को समझना कठिन है—यह इस ग्रन्थ को पढ़ने से और अधिक उजागर होगा। इस संग्रह की भूमिका और मूल पाठ से रहीम के साथ ही साथ मध्ययुगीन काव्य की मानसिक बुनावट और काव्य सन्दर्भ को समझने में मदद मिलेगी—यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है।
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डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र द्वारा सम्पादित इस रचनावली में रहीम के नाम से प्रचलित सभी रचनाओं का समावेश किया गया है। पाठ को प्रामाणिक बनाने के प्रयत्न के साथ ही साथ सम्पादक ने अपनी विस्तृत भूमिका में रहीम के विषय में प्रामाणिक सामग्री दी है।
रहीम की भूमिका को निर्धारित करते हुए पुस्तक में रहीम द्वारा प्रयुक्त नई शैलियाँ और काव्य प्रयोगों को रेखांकित करके सम्पादक ने उस युग के काव्य मिज़ाज को समझाने का महत्त्वपूर्ण प्रयत्न किया है। रहीम के स्वनिर्मित स्वाभिमानी व्यक्तित्व और उनकी त्रासदी को समझे बग़ैर उनकी कविताओं को समझना कठिन है—यह इस ग्रन्थ को पढ़ने से और अधिक उजागर होगा।
इस संग्रह की भूमिका और मूल पाठ से रहीम के साथ ही साथ मध्ययुगीन काव्य की मानसिक बुनावट और काव्य सन्दर्भ को समझने में मदद मिलेगी—यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है।
Book Details
-
ISBN9789390625529
-
Pages164
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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