Jaa Ke Bairi Sanmukh Jeevay
(0)
Author:
Surendra Mohan PathakPublisher:
Penguin IndiaLanguage:
HindiCategory:
Crime-thriller-mystery₹
175
₹ 143.5 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
I am a khalsa of Waheguru. I am the Guru's lion. I'll thunder like the clouds and in the same booming voice, I will unleash havoc on my enemies. My enemies will tremble at my challenge. My scream will rain like cinders upon them.' Jaake Bairi Sanmukh Jeevay, Taake Jeevan Ko Dhikkar This electrifying novel will quake the gentle human sensibilities. The 44th mystery in the Vimal series this is a brand-new gem from the stellar mystery author, Surendra Mohan Pathak.
Read moreAbout the Book
I am a khalsa of Waheguru. I am the Guru's lion. I'll thunder like the clouds and in the same booming voice, I will unleash havoc on my enemies. My enemies will tremble at my challenge. My scream will rain like cinders upon them.'
Jaake Bairi Sanmukh Jeevay,
Taake Jeevan Ko Dhikkar
This electrifying novel will quake the gentle human sensibilities. The 44th mystery in the Vimal series this is a brand-new gem from the stellar mystery author, Surendra Mohan Pathak.
Book Details
-
ISBN9789353491499
-
Pages384
-
Avg Reading Time13 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Khaali Makan
- Author Name:
Surendra Mohan Pathak
- Book Type:

- Description:
By giving the title of Glamor Boy to Sunil, citing bias in his unlikely success, Inspector Prabhudayal demanded an independent investigation of the case. As a result, he had an intriguing, spider-webs-like complex story of double-murder which was the challenge of his creator for him.
Hum Nahin Change Bura Na Koy
- Author Name:
Surendra Mohan Pathak
- Book Type:

- Description:
लोकप्रिय साहित्य हिन्दी अकादमिक जगत के लिए मूल्यांकन की चीज़ कभी नहीं रहा, लेकिन हिन्दी के शिक्षित समाज का बड़ा तबका उसके ही असर में रहता आया है। हमें लोकप्रिय साहित्य का बाज़ार तो दिखता है, उसकी आन्तरिक दुनिया की बनावट नहीं दिखती। ऐसे में लोकप्रिय लेखन के एक बड़े नाम सुरेन्द्र मोहन पाठक अपनी आत्मकथा लिखकर बहस और मूल्यांकन की एक नई ज़मीन तैयार कर रहे हैं। उनका अपना जीवन है भी ऐसा जिसके बारे में दूसरों को दिलचस्पी हो। कान में सुनने की मशीन, आँखों पर मोटे लेंस का चश्मा लगाए, नौकरी करते हुए, तीन सौ से अधिक सफल उपन्यास लिखनेवाले पाठक जी अपने ही रचे किसी अमर किरदार जैसे आकर्षक व्यक्तित्व वाले हैं। लेखन के तौर-तरीक़े और ख़ुद के लिए तय किया हुआ अनुशासन अचरजकारी। लाखों पाठकों की रुचि को समझना, उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के दबाव को धत्ता बताते हुए, उनके दिमाग़ पर क़ब्ज़ा जमाना—यह कोई मामूली बात नहीं है। इन सब बातों को समझने में एक औज़ार का काम कर सकती है यह आत्मकथा—'हम नहीं चंगे बुरा न कोय’। यह सुरेन्द्र मोहन पाठक के लेखकीय जीवन के सबसे हलचल वाले दिनों की कथा है। यह उनके समय के पल्प फ़िक्शन इंडस्ट्री को जानने के लिए भी ज़रूरी किताब है।
Nindak Niyare Rakhiye
- Author Name:
Surendra Mohan Pathak
- Book Type:

- Description:
लोकप्रिय फिक्शन के जादूगर कथाकार सुरेन्द्र मोहन पाठक की आत्मकथा के इस खंड में उनके जीवन के उस दौर का वर्णन है, जब वे पाठकों में व्यापक स्वीकृति और प्रसिद्धि पा चुके थे। यह उनका लेखकीय जीवन है जिसमें प्रकाशकों से उनके रिश्ते और प्रशंसकों-पाठकों की बातें आई हैं।
गम्भीर और साहित्यिक हिन्दी समाज, लेखकों और पाठकों के लिए इस आत्मकथा से गुजरना निश्चय ही एक समानान्तर संसार में जाना होगा, लेकिन यह यात्रा लगभग जरूरी है। खास तौर पर यह जानने के लिए कि लेखन की वह प्रक्रिया कैसे चलती है जिसमें पाठक की उपस्थिति बहुत ठोस होती है।
Cambodia Compound
- Author Name:
Shailendra Jha
- Book Type:

- Description:
थ्रिल, क्राइम और प्यार में गुँथी एक सनसनीखेज़ दास्तान— कंबोडिया कंपाउंड! दिल्ली के ऑटो ड्राइवर आनंद के परिवार में असीम पर कोई यकीन नहीं करता क्योंकि वह हवाई योजनाएँ बनाता है, जमीन पर नहीं रहता, गैरज़िम्मेदार है। जब उसका भाई सुदूर कंबोडिया में नौकरी के नाम पर बंधक बना लिया जाता है तब असीम कुछ ऐसा करता है कि सब सकते में आ जाते हैं। डिजिटल स्कैमर्स का भयावह और क्रूर संसार जहाँ हर व्यक्ति एक शिकार है और हर मोबाइल फोन, हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उनके निशाने पर है। जहाँ गलती से दबा एक बटन आपके सपनों को राख कर सकता है और आपकी पाई-पाई लूट सकता है। क्या आनंद का परिवार कंबोडिया और थाईलैंड से ऑपरेट कर रहे गैंग के चंगुल से बच सका? एक नकारा, नायक बन सका या उसने फिर सबको धोखा दिया?
Dhadkan Maut Ki
- Author Name:
Ved Prakash Kamboj
- Book Type:

- Description:
जब मौत की धड़कनें सुनाई देने लगें, तो हर कदम खतरा बन जाता है... पेरिस से शुरू हुई एक रहस्यमयी मुलाकात जेम्बा देश के भयानक षड्यंत्र तक पहुँचती है। अलफांसे को एक ऐसी रानी का साथ मिलता है, जिसके चारों ओर विश्वासघात, सत्ता और लालच का जाल बुना हुआ है। करोड़ों की रकम, विद्रोही बेटे की साजिश और ज्वालामुखी सा उबलता देश- हर पल जानलेवा है। क्या अलफांसे इस खेल में शिकारी रहेगा या खुद शिकार बन जाएगा ? सच्चाई की हर परत के नीचे छिपी है- मौत की धड़कन !
Orchid Villa
- Author Name:
Sanjana Anand
- Book Type:

- Description:
कहते हैं पुरानी, वीरान इमारतों में, कईं ऐसे राज़ दफन होते हैं, जो अतीत की कब्र से बाहर आने के लिए बेचैन रहते हैं। शायद ऑर्किड विला भी अपने अंदर ऐसे कुछ रहस्यों को समेटे हुए था। अगर ऐसा न होता, तो फिर क्यों अनिकेत को हर रात, ऑर्किड विला के बगीचे में एक खूबसूरत लड़की का साया-सा नज़र आता? मगर इससे पहले की अनिकेत उसके करीब पहुँच पाता, क्यों वह धुन्ध की चादर में कहीं खो जाती थी? आखिर क्या है ऑर्किड विला का सच?
Zehrili
- Author Name:
Hadi Hasan
- Book Type:

- Description:
अपने प्यार को पाने का उसके पास केवल एक ही रास्ता था - सायनाइड! ऐसा तेज जहर जिसका स्वाद कोई नहीं जानता। क्योंकि उसे चखने वाला, उसका स्वाद बताने के लिए जिंदा ही नहीं रहा। लेकिन उसे मालूम था कि ऐसा करते ही वह कानून का मुजरिम बन जाएगा। फिर भी उसने वह रास्ता अपनाया। प्यार में अंधा जो हो गया था। इसलिए अपने इंस्पेक्टर दोस्त की आड़ में उसने वह चाल चली, जो थी बड़ी - जहरीली
Nachati Chingariyan
- Author Name:
Abid Rizvi
- Book Type:

- Description:
लोकप्रिय साहित्य के सुप्रसिद्ध लेखक 'आबिद रिज़वी' का करिश्माई लेखन छः साल बाद लंदन से पढ़ाई ख़त्म करके वापिस लौट रहे सुपरिटेण्डेन्ट फैयाज़ के बेटे वहीद, जिसके स्वागत में कर्नल विनोद, कैप्टन हमीद, अली इमरान, विशाल उर्फ ब्लैक टाइगर और सर सुल्तान जैसे भारत की सीक्रेट सर्विस तथा मिलिट्री इंटेलिजेंस के धुरंधर सुरमा खड़े थे। वह इसलिए क्योंकि वहीद के पास एक ऐसी बेशकीमती दुर्लभ मूर्ति थी, जो चाबी थी हजारों साल पुरानी और विलुप्त हो चुकी सभ्यता के रहस्यों और खज़ानों की। जिसके पीछे थे फोमांचू, मैडम शिवाना और ओमर शरीफ़ जैसे अंतराष्ट्रीय अपराधी। वह स्थान जिसे 'चिंगारियों का देश' के नाम जाना जाता था। पहाड़ियों के गर्भ में दबे उस देश में, आधी रात के बाद चारों तरफ़ इस तरह से चिंगारियाँ उभरती हुई दिखाई देतीं जैसे छोटे-छोटे ज्वालामुखी फूट रहे हों। क्या हुआ जब ये सारे धुरंधर चल पड़े उस वर्षों पुरानी विलुप्त सभ्यता का रहस्य जानने के लिए? लोकप्रिय साहित्य के सुप्रसिद्ध लेखक 'आबिद रिज़वी' का करिश्माई लेखन छः साल बाद लंदन से पढ़ाई ख़त्म करके वापिस लौट रहे सुपरिटेण्डेन्ट फैयाज़ के बेटे वहीद, जिसके स्वागत में कर्नल विनोद, कैप्टन हमीद, अली इमरान, विशाल उर्फ ब्लैक टाइगर और सर सुल्तान जैसे भारत की सीक्रेट सर्विस तथा मिलिट्री इंटेलिजेंस के धुरंधर सुरमा खड़े थे। वह इसलिए क्योंकि वहीद के पास एक ऐसी बेशकीमती दुर्लभ मूर्ति थी, जो चाबी थी हजारों साल पुरानी और विलुप्त हो चुकी सभ्यता के रहस्यों और खज़ानों की। जिसके पीछे थे फोमांचू, मैडम शिवाना और ओमर शरीफ़ जैसे अंतराष्ट्रीय अपराधी। वह स्थान जिसे 'चिंगारियों का देश' के नाम जाना जाता था। पहाड़ियों के गर्भ में दबे उस देश में, आधी रात के बाद चारों तरफ़ इस तरह से चिंगारियाँ उभरती हुई दिखाई देतीं जैसे छोटे-छोटे ज्वालामुखी फूट रहे हों। क्या हुआ जब ये सारे धुरंधर चल पड़े उस वर्षों पुरानी विलुप्त सभ्यता का रहस्य जानने के लिए?
Underworld Ke 4 Ikke
- Author Name:
Baljit Parmar +1
- Book Type:

- Description:
सत्तर से नब्बे के दशकों में गिरोह सरगना बहुतेरे हुए लेकिन उनमें असली खिलाड़ी चार थे जिन्हें तत्कालीन अंडरवर्ल्ड का उस्ताद कहा जा सकता है। इनके बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है। ज़्यादातर तो उनके क़िस्से ही चलते हैं जिनमें काफ़ी झूठ शामिल होता है। मुम्बई अंडरवर्ल्ड के ये चार बादशाह थे—करीम लाला...वरदराजन मुदलियार...हाजी मिर्ज़ा मस्तान...लल्लू जोगी...।
इन सबके अपने-अपने गिरोह थे, काम करने का अपना-अपना तरीक़ा था, लेकिन ये आपस में कभी नहीं लड़ते थे। उनके बीच एक अपने ही ढंग का भाईचारा था। हाजी मस्तान के बाक़ी तीनों से मधुर सम्बन्ध थे। यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि इन चारों ने शायद ही कभी अपने हाथ से किसी को गोली या चाकू मारा हो।
वे सब एक युग के हैं। सभी उसूलों वाले थे। ख़ूनख़राबा कोई नहीं करता था और तस्करी को वे ग़लत नहीं मानते थे। ऐसी बहुत सारी बातें हैं उनकी जो एक जैसी थीं लेकिन सबका अपना एक अलग व्यक्तित्व भी था। इसी कारण सबके साथ क़िस्म-क़िस्म की किंवदन्तियाँ भी जुड़ी हैं।
गिरोह सरगना एक अपने-आप में अनूठा और अलबेला व्यक्तित्व था।
‘अंडरवर्ल्ड के चार इक्के’ में इन चारों सरगनाओं की ज़िन्दगी के हर रंग को खोलने की कोशिश की गई है। इनके व्यक्तित्व से लेकर एक-दूसरे के साथ इनके रिश्तों और इनके धन्धों की प्रामाणिक जानकारी दी गई है।
यह एक ऐसा दस्तावेज़ है, जिसमें पहली बार इन सरगनाओं के बारे में सत्य का उद्घाटन गहरे शोध के आधार पर किया गया है।
Vardi wala Gunda
- Author Name:
Ved Prakash Sharma
- Book Type:

- Description:
वर्दी वाला गुंडा वेद प्रकाश शर्मा का सफलतम थ्रिलर उपन्यास है। इस उपन्यास की आजतक लगभग 8 करोड़ प्रतियाँ बिक चुकी हैं। भारत में जनसाधारण में लोकप्रिय थ्रिलर उपन्यासों की दुनिया में यह उपन्यास क्लासिक का दर्जा रखता है। लेखक खुद इस उपन्यास के बारे में लिखते हैं कि एक शाम मैंने देखा कि उत्तर प्रदेश पुलिस का एक वर्दीधारी सिपाही नशे में धुत चौराहे पर इधर-उधर लाठियां भांज रहा है। इस सिपाही को देखकर पहली दफा मेरे मन में विचार आया कि ये तो वर्दी की गुंडागर्दी है और इसी से ‘वर्दी वाला गुंडा’ नाम मेरे ज़ेहन में आया और फिर यह उपन्यास लिख डाला।.
Dhaai Chal
- Author Name:
Naveen Chaudhary
- Book Type:

- Description:
सत्ता की हिस्सेदारी के लिए कुछ तबकों के बीच ठनी वर्चस्व की लड़ाई, जिनकी तरफ देश की आम जनता बड़ी उम्मीदों से ताकती रहती है। एक बलात्कार को राजनीति की बिसात बना देने वालों की कहानी, जिनसे लोग न्याय के लिए साथ की अपेक्षा रखते हैं। धर्म, जाति, मीडिया और राजनीति के नेक्सस की एक ऐसी आपराधिक कथा जो किसी काल्पनिक या दूर की दुनिया की बात नहीं; बल्कि हमारे आसपास रोज़ घट रही घटनाओं का कच्चा चिट्ठा है। छल-प्रपंच और निजी सम्बन्धों के भीतर चल रहे राजनीतिक समीकरणों की एक ऐसी कथा जो चौंकाती तो है, लेकिन बेभरोसे की नहीं लगती। ‘ढाई चाल’ उपन्यास इस समय की राजनीति की रोमांचक कथा है। राजनीति जो घर और रिश्तों में जड़ें पसार चुकी है, राजनीति जो हमारे समय का सबसे बड़ा मनोरंजन है, राजनीति जो कि अब थ्रिलर है। यही कारण है साजिश और सस्पेंस—किताब के आख़िरी पन्ने तक पाठक को साथ बनाए रखते हैं।
Inspector Ranjeeta
- Author Name:
Mamta Chandrashekhar
- Book Type:

- Description:
इंस्पेक्टर रंजीता नामक यह पुस्तक 20 ऐसी कहानियों का संग्रह है, जिसमें रोमांच है, रहस्य है। ये सारी कहानियाँ एक ऐसी पुलिस अधिकारी से गहरा संबंध रखती हैं, जोकि एक खूबसूरत युवती है। वह अपनी सूझबूझ से जटिलतम पुलिस प्रकरणों की विवेचना कर सुलझा लेती है। ये सारी ऐसी कहानियाँ हैं, जो वर्तमान आधुनिक समाज में जब-तब घटित हो ही जाती हैं। इस कहानी की मुख्य किरदार इंस्पेक्टर रंजीता इस प्रकार की घटनाओं की बड़ी ही बहादुरी से छानबीन कर अपराधी को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा देती है। उसके कार्य करने का ढंग बेहद रोमांचकारी है। जिसकी झलक इन कहानियों में दृष्टिगत होती है। रोचक ढंग से लिखी गई इन कहानियों में सत्यता के धरातल के साथ-साथ कल्पना की उड़ान का खूबसूरत संयोजन देखने को मिलता है। इस पुस्तक से निश्चित तौर पर जनसामान्य को अपराध व अपराधी की प्रवृत्ति को समझने में सहूलियत होगी। साथ ही पुलिस अधिकारियों को भी इंस्पेक्टर रंजीता की कार्यशैली से आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने में मदद मिलेगी। दरअसल अपराधी का तरीका व स्थान भले ही भिन्न हो, परंतु आपराधिक मानसिकता के दायरे लगभग एक ही चादर ओढ़कर समाज में दाखिल होते हैं।
Asylum : Sab Marenge
- Author Name:
Mithilesh Gupta
- Book Type:

- Description:
1970 में डॉक्टर निर्मल बनर्जी ने प्रोफेसर भास्कर के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय ख़ुफ़िया प्रोग्राम पर काम किया था, जिसमें भारत के साथ-साथ रोमानिया और हॉलैंड जैसे देश भी शामिल थे। उन दोनों का यह खतरनाक प्रयोग बुरी तरह असफल रहा गया था जिसका नतीजा यह हुआ कि इस प्रयोग में शामिल तीनों ही देश के कुल 90 बहादुर लोग न सिर्फ पागल हो गए, बल्कि उनकी जिंदगी भी खतरे में पड़ गई। उन सबको मजबूरी वश आजीवन मेन्टल असाइलम में ठूंस दिया गया। वह प्रयोग क्या था? किस कारण वह प्रयोग असफल हो गया? मेन्टल असाइलम बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? इन पागल हुए लोगों की पीछे की क्या कहानी है? डॉक्टर सत्यजीत बनर्जी, जिसके पिता का इस प्रयोग में एक अहम किरदार था, वह किस तरह इन रहस्यों से पर्दा उठायेगा? भारत, हॉलैंड और रोमानिया के असाइलम का रहस्य सुलझाने में उसका साथ कौन लोग देने वाले थे? यह डॉक्टर्स के जोखिम भरे सफर की एक ऐसी कहानी है जिसे पढ़कर आपकी रूह कांप उठेगी।
Ek Thi Sheena Bora : Sansanikhej Katla Ki Pramanik Padatal
- Author Name:
Sanjay Singh
- Book Type:

- Description:
एक थी शीना बोरा : सनसनीखेज़ क़त्ल की प्रामाणिक पड़ताल
लालच, झूठ और महत्त्वाकांक्षा की भेंट चढ़े रिश्तों की कहानी है—शीना बोरा कांड। इस किताब में इस बेहद चर्चित हत्याकांड के अब तक हुए खुलासों को एक क्रम के साथ प्रस्तुत किया गया है ताकि पाठक शीना बोरा नाम की युवती की उसकी अपनी ही माँ द्वारा की गई सुनियोजित हत्या के केस के पीछे की पूरी कहानी को ठीक-ठीक समझ सके।
बदलाव के एक तेज़ दौर से गुज़र रहे पारिवारिक सम्बन्धों का एक जटिल जाल भी इस घटना का बड़ा पहलू रहा है। उसका ख़ाका भी यह किताब, बिना जजमेंटल हुए, हमारे सामने रखती है। निजी ई-मेल्स और फ़ोन-वार्ताओं को भी लेखक ने बिना ज़्यादा काट-छाँट के यहाँ रखा है, जिनसे भावनाओं और तेज रफ़्तार महानगरीय जीवन की आर्थिक-सामाजिक पेचीदगियों की एक नाटकीय तस्वीर सामने आती है।
यह मामला अभी भी कोर्ट के विचाराधीन है; इस पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को सिर्फ़ उन तथ्यों से अवगत कराना है जो अभी तक सामने आए हैं और जिनका नि:सन्देह एक समाजशास्त्रीय महत्त्व भी है।
यह किताब उसी पत्रकार की लेखनी से सम्भव हुई है जिसने इस कांड को हर स्तर पर कवर किया है।
Ek Thi Sheena Bora : Sansanikhej Katla Ki Pramanik Padatal
Sanjay Singh
20% off₹ 399
₹ 319.2
Available
Article 15 : Ab Fark Layenge!
- Author Name:
Gaurav Solanki +1
- Book Type:

- Description:
‘आर्टिकल 15’ एक अलग तरह की अपराध कथा है। उन अपराधों की कहानी, जिनका हिस्सा जाने-अनजाने हम सब हैं। यह फ़िल्म पिछले कुछ सालों में हमारे आसपास घटी कई घटनाओं से प्रभावित है। एक दिलचस्प थ्रिलर के रास्ते यह भारत के वर्तमान सामाजिक राजनैतिक हालात की परतें उधेड़ती है, सवाल करती है, रास्ते सुझाती है। भारतीय समाज में फ़र्क़ पैदा करनेवाला सबसे बड़ा कारण 'जाति' आज भी करोड़ों लोगों को अमानवीय ज़िन्दगी जीने पर मजबूर करता है, उन्हें कमतर इंसान मानता है। 'सामाजिक व्यवस्था' के नाम पर सदियों से चल रही इस नाइंसाफ़ी के सामने यह फ़िल्म भारत के संविधान को रख देती है और आँखों में आँखें डालकर हम सबसे पूछती है कि और कितने ज़ुल्म करने हैं तुम्हें?
Bombay Bar
- Author Name:
Vivek Agrawal
- Book Type:

- Description:
सुपरिचित पत्रकार विवेक अग्रवाल की यह किताब मुम्बई की बारबालाओं की ज़िन्दगी की अब तक अनकही दास्तान को तफ़सील से बयान करती है। यह किताब बारबालाओं की ज़िन्दगी की उन सच्चाइयों से परिचित कराती है जो निहायत तकलीफ़देह हैं। बारबालाएँ अपने हुस्न और हुनर से दूसरों का मनोरंजन करती हैं। यह उनकी ज़ाहिर दुनिया है। लेकिन शायद ही कोई जानता होगा कि दूर किसी शहर में मौजूद अपने परिवार से अपनी सच्चाई को लगातर छुपाती हुई वे उसकी हर ज़िम्मेदारी उठाती हैं। वे अपने परिचितों की मददगार बनती हैं। लेकिन अपनी हसरतों को वे अक्सर मरता हुआ देखने को विवश होती हैं। कुछ बारबालाएँ अकूत दौलत और शोहरत हासिल करने में कामयाब हो जाती हैं, पर इसके बावजूद जो उन्हें हासिल नहीं हो पाता, वह है सामाजिक प्रतिष्ठा और सुकून-भरी सामान्य पारिवारिक ज़िन्दगी। विवेक बतलाते हैं कि बारबालाओं की ज़िन्दगी के तमाम कोने अँधियारों से इस क़दर भरे हैं कि उनमें रोशनी की एक अदद लकीर की गुंजाइश भी नज़र नहीं आती। इससे निकलने की जद्दोजहद बारबालाओं को कई बार अपराध और थाना-पुलिस के ऐसे चक्कर में डाल देती है, जो एक और दोज़ख़ है। लेकिन नाउम्मीदी-भरी इस दुनिया में विवेक हमें शर्वरी सोनावणे जैसी लड़की से भी मिलवाते हैं जो बारबालाओं को जिस्मफ़रोशी के धन्धे में धकेलनेवालों के ख़िलाफ़ क़ानूनी जंग छेड़े हुए है। किन्नर भी इस दास्तान के एक अहम किरदार हैं, जो डांसबारों में नाचते हैं। अपनी ख़ूबसूरती की बदौलत इस पेशे में जगह मिलने से वे सम्मानित महसूस करते हैं। हालाँकि उनकी ज़िन्दगी भी किसी अन्य बारबाला की तरह तमाम झमेलों में उलझी हुई है। एक नई बहस प्रस्तावित करती किताब।
Case No. 56
- Author Name:
Chandrashekar Nagawaram
- Book Type:

- Description:
‘‘सुरागों से आपराधिक मामले की गुत्थी सुलझ जाती है। अपराधी कोई-न-कोई सुराग जरूर छोड़ते हैं।’’ किशोर की हत्या के मामले को सुलझाने के लिए तेज-तर्रार इंस्पेक्टर जेम्स और युवा डिटेक्टिव अमर सागर एक साथ आते हैं, जो एक जाने-माने कारोबारी हर्ष शिंदे का मैनेजर था। कई सुरागों का सिरा खोलकर भी उन्हें हल नहीं मिलता, जबकि परिस्थितियों से लगने लगता है कि यह एक हादसा है और केस बंद कर देना चाहिए। अमर बेचैन हो उठता है और जाँच को आगे बढ़ाता है, क्योंकि उसे लगता है कि यह एक मर्डर है। जब पेचीदगी सच्चाई पर हावी होने लगती है, तब परिवार का हर एक शख्स शक के दायरे में आता है। क्या अमर उन सुरागों में छिपे मायने देख पाएगा? क्या कातिल शिंदे परिवार का ही कोई सदस्य है? क्या अमर की धारणा उसे केस को सुलझाने में मदद करेगी या वह इसमें उलझकर रह जाएगा? सुरागों से आपराधिक मामलों की गुत्थी सुलझ जाती है। अपराधी कोई-न-कोई सुराग जरूर छोड़ते हैं। लेकिन केस नं. 56 ऐसी बातों को फिजूल साबित करने पर आमादा है। चलिए जाँच के उस सफर पर, जिसमें दोनों कुछ अविश्वसनीय तथ्यों से परदा उठाते हैं।
Nainital Ka Khooni : Detective Neerja Gandhi
- Author Name:
Chantal Van Mierlo
- Book Type:

- Description:
नैनीताल का ख़ूनी डिटेक्टिव नीरजा गांधी नीरजा गांधी को एक स्कूली लड़के के ख़ूनी का अनुमान लगाना है। वह मिट चुके पद-चिह्नों, देह-हीन परछाइयों और अपनी त्रासद स्मृतियों को जोड़ती हुई उस तक पहुँच जाती है। और जब पहुँचती है तो पता चलता है वह ख़ुद ख़ूनी बुनी हुई कहानी का किरदार है। ख़ूनी की खोज एक चीज़ है, ख़ूनी के मनोविज्ञान की समझ एक अलहदा और ज़रूरी मसला है। संशय, अनिश्चय, खौफ़ और उत्सुकता की हौलनाक कहानी। शेंताल वैन मियलो का जन्म और पालन-पोषण नीदरलैंड के बॉक्सटेल में हुआ। इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह जर्मनी चली आयीं और अब अपने परिवार के साथ जर्मनी के दक्षिण में एक छोटे से गाँव में रहती हैं। इस उपन्यास का प्रकाशन मूलतः डच भाषा में स्टोरीटेल पर हुआ। जब 2017 में स्टोरीटेल पर इसका पहला एपिसोड आया तो यह उस सीजन का सबसे ज्यादा सुना जाने वाला उपन्यास था। बाद में इसका प्रकाशन और भाषाओं में हुआ।
Adrishya Jaal
- Author Name:
Amit Dubey +1
- Book Type:

- Description:
क्या एक व्हाट्सएप कॉल रिसीव करना, आपकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी ग़लती हो सकती है? आपने अगर ये नम्बर अपने फ़ोन से डायल कर दिया तो आपका फ़ोन हैक हो जाएगा। उसको एक मिस्ड कॉल आई और साफ़ हो गए उसके अकाउंट से पूरे सात लाख रूपए। उसका सोशल मीडिया पर कोई अकाउंट नहीं था, फिर भी वो शिकार वो गई साइबर क्राइम की। एक बर्गर की क़ीमत 45,000 रूपए! वो खेल रहा था पबजी(PUBG) गेम और साफ़ हो गए उसके अकाउंट से पूरे पाँच लाख रूपए! कैसे क्लोन हो गया उसका फ़िंगर प्रिंट और ख़ाली हो गया बैंक अकाउंट? एटीएम(ATM) कार्ड तो उसकी जेब में ही था, फिर कैसे किसी ने उसके अकाउंट से पैसे निकाल लिए! कैसे एक चीफ़ इनफ़ार्मेशन सिक्योरिटी अफ़सर को हैक कर लिया एक 15 साल के लड़के ने? क्या आप विश्वास करेंगे कि जिसने आप को लूटा है वो दो साल पहले मर चुका है? कैसे एक 17 साल का लड़का बन गया ट्विटर के लिए सबसे बड़ी मुसीबत? उसकी ज़िंदगी की क़ीमत सिर्फ़ दो बिटकॉइन। क्या आप जानते हैं, आपके वाई-फ़ाई(Wi-FI) से हैकर्स क्या-क्या पता कर सकते हैं?
Task Zero
- Author Name:
Akash Pathak
- Book Type:

- Description:
बंजारों की तरह एक जगह से दूसरी जगह भटकते हुए अपनी जिंदगी गुजार रहे अर्जुन को मिला है एक अजीबोगरीब ऑफर - एक ऐसा ऑफर जिसे वह कबूल करता या नहीं, दोनों ही सूरत में उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाने वाली थी। उसे मालूम था कि वह कोई आम इंसान नहीं है, इसीलिए वह कभी एक जगह टिककर नहीं रहता था। लेकिन छिपना इतना भी आसान नहीं था, जल्द ही अर्जुन को ढूँढ लिया जाता है और उसे मिलता है एक ऑफर - एजेंसी के लिए काम करो या अपनी शक्तियाँ गँवा दो। अर्जुन इस ऑफर को एक्सेप्ट कर लेता है और उसे मिलता है पहला मिशन - INFINITY INCORPORATION के प्राइवेट आइलैंड पर जाकर सबूत इकट्ठे करना कि क्या वाकई में उनके तार आतंकवादियों से जुड़े हुए हैं? लेकिन जब अर्जुन को आइलैंड पर पहली डेड बॉडी की खबर मिलती है तो उसे समझ आ जाता है कि यह काम उतना आसान नहीं था, जितना उसे बताया गया था।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book