About Virender Kumar
वीरेन्द्र कुमार का जन्म उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद के ग्राम डुडैला, पोस्ट कांठ में स्वर्गीय श्री घसीटा सिंह एवं स्वर्गीय श्रीमती मूंगा देवी के सुपुत्र के रूप में हुआ। आपने सहकारी बैंक केन्द्रीय सेवा, उत्तर प्रदेश में दीर्घकाल तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान कीं तथा उप महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए। प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ साहित्य के प्रति आपका अनुराग निरंतर विकसित होता रहा। सेवा-निवृत्ति के पश्चात आपने साहित्य-साधना को अपने जीवन का अभिन्न अंग बना लिया। आपकी रचनाओं में मानवीय संवेदनाओं की ऊष्मा, समभाव की चेतना, आध्यात्मिक दृष्टि तथा जीवन-मूल्यों के प्रति गहन आस्था का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। सरल, सहज और आत्मीय अभिव्यक्ति आपकी लेखनी की विशिष्ट पहचान है।आपकी प्रकाशित कृतियों में भाव अनुभूति, भावनाओं का आँचल, समभाव पुष्पांजलि, भाव पुष्प, मनहर भावों का मनभावन आँचल (कविता संग्रह) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आपकी अनेक कविताएँ एवं रचनाएँ विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं, साझा काव्य-संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनके लिए आपको समय-समय पर अनेक सम्मान-पत्र एवं साहित्यिक सम्मानों से अलंकृत किया गया है। वर्तमान में भी आप पूर्ण निष्ठा, मनोयोग और सृजनात्मक ऊर्जा के साथ साहित्य-सेवा में निरंतर सक्रिय हैं।