About Janardan Gond
जनार्दन गोंड
जनार्दन गोंड का जन्म 14 अक्टूबर, 1976 को मिर्जापुर के एक गोंड आदिवासी परिवार में हुआ। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बी.एससी., एम.एससी., दक्षिण भारतीय हिन्दी प्रचार सभा, चेन्नई से बी.ए., काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी से एम.ए. किया। हैदराबाद विश्वविद्यालय से एम.फिल., पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की। सिने-अध्ययन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और अनुवाद में प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र।
वे आदिवासी साहित्य, सिनेमा-संस्कृति, दलित साहित्य, स्त्री साहित्य एवं अनुवाद के क्षेत्र में रचनात्मक रूप से सक्रिय हैं। लेखन की शुरुआत 'आदिवासी सत्ता' पत्रिका से की। 'फ़ॉरवर्ड प्रेस', 'इंडिया न्यूज', 'दलित अस्मिता', 'पूर्वग्रह', 'हंस', 'वर्तमान साहित्य', 'परिकथा', 'नवनीत', 'युद्धरत आम आदमी', 'समकालीन जनमत' और 'वागर्थ' आदि पत्रिकाओं में लेख, कहानियाँ और कविताएँ प्रकाशित हैं। 'निरुप्रह' के सिनेमा अंक का अतिथि सम्पादन किया। आदिवासी कहानी संकलन का सम्पादन, आदिवासी साहित्य, संस्कृति एवं भाषा पर दो पुस्तकों और नासिरा शर्मा की प्रतिनिधि कहानियों के एक संकलन का सम्पादन। एनबीटी की तीन बाल पुस्तकों का अंग्रेज़ी से हिन्दी में अनुवाद भी किया है। उनका एक उपन्यास 'पहाड़गाथा' प्रकाशित है।
सम्प्रति : इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग में अध्यापन।
ई-मेल : jnrdngnd@gmail.com