About Gangasharan Singh
गंगाशरण सिंह
विभिन्न भारतीय भाषाओं में रचे गए कथा एवं कथेतर विधा के साहित्य से बतौर पाठक गहरा जुड़ाव। शौकिया तौर पर बरसों से पुस्तक समीक्षा और तमाम फीचर लेखन के बावजूद आज भी पढ़ने का सुख, लिखने के सुख से बड़ा प्रतीत होता है।
‘समावर्तन’, ‘नवनीत’, ‘हंस’, ‘सरस्वती’, ‘पुस्तक वार्ता’, ‘मधुमती’, ‘हिन्दुस्तानी ज़बान’, ‘नवभारत टाइम्स’, ‘जनसन्देश टाइम्स’ आदि पत्र-पत्रिकाओं में विभिन्न विषयों पर मौलिक आलेख एवं पुस्तक समीक्षाओं का प्रकाशन। नैवेद्य (कथाकार सूर्यबाला की चुनिन्दा कहानियों का संचयन) और ‘राजेन्द्र श्रीवास्तव : एक शिनाख़्त’ शीर्षक से सम्पादित पुस्तकें प्रकाशित।
सम्प्रति : स्वतंत्र लेखन, अनुवाद और सम्पादन।