About Dr. Prem Chandra Swarankar
Dr. Prem Chandra Swarankar
रचना-संसार : ‘महारोग एड्स’, ‘रोगों से कैसे बचें’, ‘संतुलित भोजन और खतरनाक रोग’ और ‘संक्रामक रोगों से सुरक्षा’ एवं ‘आँखें हैं तो जहान है’ जैसी चिकित्सा संबंधी 30 बड़ी पुस्तकें और दस छोटी पुस्तिकाएँ प्रकाशित। दो व्यंग्य संकलन ‘नहीं, यह व्यंग्य नहीं है’ तथा ‘मीटिंग चालू आहे’ और एक काव्य संकलन ‘मायने बदल चुके हैं’ एवं एक लघुकथा संकलन ‘टुकड़ा-टुकड़ा सच’ प्रकाशित।
पुरस्कार व सम्मान : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ‘महारोग एड्स’ पर ‘डॉ. मेघनाद साहा राष्ट्रीय पुरस्कार’ (प्रथम), राजभाषा विभाग, बिहार सरकार द्वारा ‘आर्यभट्ट पुरस्कार’। ‘रोगों से कैसे बचें’ पर ‘डॉ. मेघनाद साहा राष्ट्रीय पुरस्कार’। ‘संतुलित भोजन’ पर ‘राजीव गांधी मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार’ प्राप्त। ‘राजभाषा गौरव पुरस्कार’ मान. राष्ट्रपतिजी द्वारा प्रदान किया गया एवं ‘विज्ञान भूषण सम्मान’ के साथ कुल 12 सम्मान प्राप्त।
संप्रति : स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति लोगों को जाग्रत् करने की मुहिम में शामिल और रक्तदान एवं अन्य चिकित्सा शिविरों के आयोजन में भागीदारी, साथ ही साहित्य सृजन।