About D.K. Bhaskar
डी. के. भास्कर (देवेन्द्र कुमार भास्कर) समकालीन हिन्दी साहित्य और सामाजिक चेतना के प्रतिबद्ध हस्ताक्षरों में से एक हैं। उनका जन्म 8 जनवरी 1980 को उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा के ग्राम परखम गूजर में श्रद्धेय लक्ष्मी चन्द एवं श्रद्धेया पूरन देवी के परिवार में हुआ। पेशे से अधिवक्ता होने के साथ-साथ वे सामाजिक सरोकारों और साहित्यिक विमर्श से गहरे रूप से जुड़े हुए हैं। वे हिन्दी मासिक पत्रिका 'डिप्रेस्ड एक्सप्रेस' के संपादक हैं, जिसके माध्यम से वे वंचित, दलित, बहुजन तथा सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को निरंतर प्रमुखता से उठाते रहे हैं।
डी.के. भास्कर का लेखन सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक चेतना के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का परिचायक है। वे साहित्य को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम मानते हैं और अपने लेखन, संपादन तथा वैचारिक हस्तक्षेप के माध्यम से जनपक्षधर चिंतन को नई दिशा देने का सतत प्रयास करते हैं। सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक साहित्यिक एवं बौद्धिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता रही है। स्पष्ट वैचारिक दृष्टि, संवेदनशील अभिव्यक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व के कारण उन्होंने हिन्दी साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।