About Shaista Yusuf
शाइस्ता यूसुफ उर्दू दुनिया की एक प्रसिद्ध शख्सियत हैं। मशहूर शायरा होने के अलावा उनकी पहचान उर्दू दुनिया में शैक्षिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सक्रिय तौर पर काम करने वाली एक कर्मठ हस्ती के रूप में भी है। उनके तीन शायरी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं— "गुल-ए-ख़ुद-रौ" (1984) जिसमें नज़्में और ग़ज़लें शामिल हैं; "सूनी परछाइयाँ" (2011) और "आब-ए-आइना" (2022) जो नज़्मों पर आधारित संग्रह हैं। उनका क़लाम राज्य की पाठ्यपुस्तकों में भी शामिल है। शाइस्ता यूसुफ ने 2010 में महमूद आयाज़ पर एक मोनोग्राफ लिखा। 2013 में "वचनास" का कन्नड़ से उर्दू में अनुवाद किया। 2019 में साहित्य अकादमी के तहत प्रकाशित "Tales of Tomorrow" का उर्दू अनुवाद किया।