About Nimai Bhattacharya
जन्म 10 अप्रैल 1931 जशोर के गांव शालिखा बांग्लादेश में हुआ था।
निमाई भट्टाचार्य ने पत्रकारिता में अपना करियर शुरू किया और लगभग 25 वर्षों तक राजनीतिक, राजनयिक और संसद संवाददाता के रूप में काम किया। उनका पहला उपन्यास 1963 में साप्ताहिक अमृतबाजार अखबार में प्रकाशित हुआ था।
प्रकाशित रचनायें: लगभग 150 पुस्तकों के लेखक निमाई भट्टाचार्य की कृतियाँ 'मेमसाहिब', 'मिनीबस', 'माताल', 'इंकलाब', 'इमोन कल्याण', 'प्रबेश निशेध', 'क्लर्क', 'वाया डलहौजी', 'हॉकर्स कॉर्नर', 'राजधानी एक्सप्रेस', 'एंग्लो- इंडियन', 'डार्लिंग', 'मैडम', 'गुधुलिया', 'आकाश भरा सूर्य तारा', 'मुगल सराय जंक्शन', 'कॉकटेल', 'अनुरोध अशोर', 'युवां निकुंजे', 'शेष परानीर कारी', 'हरेकृष्णा' ज्वैलर्स', और 'पाथेर शेष' विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उनका उपन्यास 'मेमसाहिब' बंगाली साहित्य की एक मील का पत्थर है। 1972 में, इसी शीर्षक के तहत उपन्यास पर आधारित एक फिल्म बनाई गई थी। इनका निधन 25 जून 2020 को कोलकाता में हुआ |