About Manzoor Ehtesham
मंज़ूर एहतेशाम का जन्म 3 अप्रैल, 1948 को भोपाल में हुआ था।
उन्होंने स्नातक तक शिक्षा हासिल की। इंजीनियरिंग की अधूरी शिक्षा के बाद दवाएँ बेचीं। फिर वर्षों तक फ़र्नीचर और इंटीरियर डेकोर का व्यवसाय किया। निराला सृजनपीठ, भोपाल के अध्यक्ष रहे।
उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘कुछ दिन और’, ‘सूखा बरगद’, ‘दास्तान-ए-लापता’, ‘पहर ढलते’, ‘बशारत मंज़िल’ (उपन्यास); ‘तसबीह’, ‘तमाशा तथा अन्य कहानियाँ’ (कहानी-संग्रह); ‘एक था बादशाह’ (नाटक–सत्येन कुमार सह-लेखन)।
उन्हें अनेक सम्मान प्राप्त हुए जिनमें प्रमुख हैं—‘सूखा बरगद’ के लिए ‘श्रीकान्त वर्मा स्मृति सम्मान’ और भारतीय भाषा परिषद, कलकत्ता का पुरस्कार; ‘दास्तान-ए-लापता’ के लिए ‘वीरसिंह जूदेव पुरस्कार’; ‘तसबीह’ के लिए ‘वागीश्वरी पुरस्कार’; समग्र लेखन पर ‘पहल सम्मान’, ‘राष्ट्रीय मैथिलीशरण गुप्त सम्मान’। 2003 में उन्हें ‘पद्मश्री’ से अलंकृत किया गया।
26 अप्रैल, 2021 को उनका निधन हुआ।