About Jaishankar Prasad
जन्म : 30 जनवरी, 1889 को काशी के प्रसिद्ध सुंघनी साहू परिवार में।
शिक्षा : प्रारंभिक शिक्षा आठवीं तक, किंतु घर पर संस्कृत, अंगेजी, पालि, प्राकृत भाषाओं का अध्ययन। इसके बाद भारतीय इतिहास, संस्कृति, दर्शन, साहित्य और पुराण कथाओं का एकनिष्ठ स्वाध्याय।
छायावादी युग के चार प्रमुख स्भों में से एक। प्रसाद एक युगप्रवर्तक लेखक थे, जिन्होंने एक ही साथ कविता, नाटक, कहानी और उपन्यास के क्षेत्र में हिंदी को गौरव करने लायक कृतियाँ दीं।
प्रमुख रचनाएँ : ‘कानन वुक्तसुम’, ‘महाराणा का महत्त्व’, ‘झरना’, ‘आँसू’, ‘लहर’, ‘कामायनी’, ‘प्रेम पथिक’ (काव्य); ‘स्दंगुप्त’, ‘धुवस्वामिनी’, ‘चंद्रगुप्त’, ‘जनमेजय का नागयज्ञ’, ‘राज्यश्री’, ‘कामना’ (नाटक); ‘छाया’, ‘प्रतिध्वनि’, ‘आकाशदीप’, ‘आँधी’, ‘इंद्रजाल’ (कहानी -संग्रह) ; ‘कंकाल’, ‘तितली’, ‘इरावती’ (उपन्यास)।
स्मृतिशेष : 14 जनवरी, 1937, वाराणसी में।