Ektara Trust
Safed Boriyon Wali Puliya
- Author Name:
Nachiket Patwardhan +1
-
Book Type:

- Description: कृष्ण कुमार की कहानियों का गुच्छा
Safed Boriyon Wali Puliya
Nachiket Patwardhan
Sa Re Ga Ma Pakshi
- Author Name:
Rishi Sahany
-
Book Type:

- Description: सा रे ग म पक्षी एक चित्रकथा है। यह किताब वर्डलेस पिक्चर स्टोरी है। इसका पाठक कोई भी हो सकता है। एक तीन-चार के बच्चे से लेकर एक बुज़ुर्ग से बुज़ुर्ग व्यक्ति। किसी भी देश-भाषा का व्यक्ति। क्योंकि इस किताब में लेखक और पाठक के बीच का पुल भाषा नहीं बनाती है। यह पुल चित्रों का बनाया गया है। इस चित्रकथा में एक संगीतज्ञ हैं और एक उनकी स्टूडेंट है। संगीतज्ञ की मुद्राएँ इतनी अद्भुत हैं कि उन्हें कई कई बार देखा जा सकता है। किसी बार इस पर अचरज करने के लिए कि कैसे चित्रकार ने इतनी सुरीली रेखाएँ बनाई होंगी। जैसे, संगीत में डूबे गायक का शरीर खुद उसकी अपनी आवाज़ में झूम रहा है ठीक वैसी ही झूम चित्रकार को इस चित्र बनाने में मिली होगी। वरना ये रेखाएँ इतनी आज़ाद न होतीं। उस्ताद के सुर लगते हैं तो सुर लग गए हैं इस बात जैसे विस्मित हज़ारों परिन्दे उड़ानें भरने लगते हैं। शागिर्द खुद वैसे ही सुर साधने की कोशिश में है। वह एक तरफ सुर लगाने की कोशिश करती है और दूसरी तरफ उस्ताद की मुद्राओं का अभिनय करती है। लेकिन सुर नहीं लगते हैं। सुर के परिन्दे लौट लौट आते हैं। इस किताब के किसी पेज को देखकर हो सकता है कि पाठक को कबूतरों को आज़ाद करते हुए किसी व्यक्ति की याद आ जाए। इस किताब की मुद्राएँ सुरों को आज़ाद करने की मुद्राओं की तरह हैं। इस किताब में ऐसी कितनी ही कल्पनाएँ करने और चित्रों को समझने की गलियाँ हैं। पाठक अपनी मनचाही गली में उतर सकता है। हर बार जब वह एक नई गली में जा रहा होगा यह किताब एक नई किताब में बदल रही होगी। और हर बार पाठक को इस तलाश का सुख मिलेगा कि कि समझ-समझ कर समझ बनती है। महान गायक कुमार गंधर्व को जानने वाले इस किताब को पलटते ही कुमार जी की याद में डूब जाएँगे। यह किताब चित्रकार ऋषि साहनी की ही नहीं हमारी दुनिया की सबसे सुन्दर किताबों में से एक है। बेशक। Age group 0-6 years
Sa Re Ga Ma Pakshi
Rishi Sahany
Ee Ki Matra
- Author Name:
Farah Aziz +1
-
Book Type:

- Description: ई की मात्रा फ़रह अज़ीज़ की चुटीली कहानी है। कहानी में खेल है। खेल ई की मात्रा का। ई का मात्रा जहाँ चाहे वहाँ चली जाती है और उससे शब्द का मतलब ही बदल डालती है। मसलन, कोई हाथ में मेंहदी लगा रहा है और ई की मात्रा वहाँ जाकर लग जाती है। हाथ की जगह हाथी हो जाता है। और अब मेंहदी पूरे हाथी पर लगानी पड़ती है। ई की मात्रा को स्कूलों में आमतौर पर कितने नीरस ढंग से पढ़ाया जाता है। यह किताब एक इशारा भी है। कि कैसे भाषा के खेल को चलाया जाता है। यह कहानी इस खेल से कुछ ज़्यादा है। बीच बीच में इशारे हैं। इस किताब के चित्र भी कहानी के खेल में शामिल होते हैं। यानी इस किताब में दो खिलाड़ी हैं। चित्र इतने अहम हैं कि यह किताब जितनी फ़रह अज़ीज़ की है उतनी ही राजीव आइप की भी है। इस किताब में कुछ आमने सामने के पेज इतने दिलकश हैं कि आप बार बार उन्हें खोलकर देखेंगे। और ढूँढेगे कि ई की मात्रा कहाँ कहाँ लगकर किस शब्द के मतलब को बदल रही है। इस किताब के हाथी इतने जीवन्त हैं कि पेज 14-15 को एक बार मैं कोनों से पकड़े था। इस तरह कि दायाँ अगूँठा पेज नम्बर के एक दम पास था। हाथी पर नज़र पड़ते ही मैंने अगूँठा हटाया कि कहीं हाथी के पैर की कल्पना से ही वह कुचल न जाए। शिक्षकों और पेरेन्ट्स के लिए इस किताब में अपने बच्चों से बातचीत का एक ट्रंक भर कर सामान है। Age group 6-8 years
Ee Ki Matra
Farah Aziz
The Five Fantastic Flights of Jeh
- Author Name:
Kavita Singh Kale +1
-
Book Type:

- Description: Learn about the story of J.R.D. Tata's flights. Stories that unfolded in the skies, while keeping an eye on the ground.
The Five Fantastic Flights of Jeh
Kavita Singh Kale
Jeh Ki Panch Anoothi Udaney
- Author Name:
Kavita Singh Kale +1
-
Book Type:

- Description: जानिए J.R.D.Tata के उड़ानों की कहानी. कहानियाँ जो हवाओं में बनी, जमीं पर नज़र रखते हुए. Age group 9-12 years
Jeh Ki Panch Anoothi Udaney
Kavita Singh Kale
Ped Ka Pata
- Author Name:
Sushil Shukla +1
-
Book Type:

- Description: छोटे-छोटे उन्नीस गद्यों और उतने ही चित्रों वाली किताब | वे गद्य कुछ चीज़ों, वाक़ि'आत और जगहों को याद करते हुए लिखे गए हैं | सुशील शुक्ल ने याद को अँधेरे, हवाओं, दरवाज़ों, पेड़ों, आमों, पास और दूर की, और उन सारी बातों के साथ लिखा है जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को हासिल रहती हैं | भले ही वो बीती हुई हों - ज़्यादातर गद्य एक 'था' के ज़िक्र से शुरू होते हैं | पर वो 'था' महज़ एक घटा हुआ समय नहीं है | बल्कि एक जगह है | एक पता है | Age group 9-12 years जैसे एक घर है जिसे गिराया जा रहा है। यह एक याद की कहानी है। मगर यह दुनिया के गिर रहे हरेक घर के साथ ज़िन्दा हो उठती है। तो एक ऐसी याद जो याद भी है और अभी घट भी रही है। पेड़ का न होने पर पेड़ का होना सबसे ज़्यादा सालता है। तो ये कहानियाँ किसी चीज़ के न होने की कहानियाँ हैं। जो याद बनकर ही सुनाई जा सकती थीं। इसलिए कि हमें पता चले कि हम किस तरह का कल बनाएँ कि उसकी यादें सुहावनी हों। कचोटने वाली नहीं। पाठकों को इस पते पर तापोशी घोषाल के चित्रों की सोहबत हासिल रहेगी | वे चित्र इस तरह से बेहद उदार हैं कि वो अपने साथ-साथ पढ़नेवाले की यादों को जगह देने हर पन्ने पर काफी खुली जगह रखे चलते हैं। इन चित्रों में इन सब कहानियों के किरदार हैं, जगहें हैं। इनका भीतर हम सबके भीतर की तरह है। जैसे, इस चित्र के मकान की एक ईंट हमारे घरों में लगी एक ईंट की तरह दिखती है। और इस मकान की एक ईंट का गिरना, हमारे घर की एक ईंट के गिरने की तरह है। Age group 9-12 years
Ped Ka Pata
Sushil Shukla
Museum of Goa
- Author Name:
Kunal Ray
-
Book Type:

- Description: सुबोध केरकर हमारे देश के जाने-माने कलाकार हैं। इन्स्टॉलेशन, स्क्ल्पचर, पेंटिंग तमाम कलाओं में उनकी आवाजाही और काम हैं। गोवा म्यूज़ियम के वे फाउण्डर डाइरेक्टर हैं। इसी म्यूज़ियम की बुनाई की कहानी यह किताब है। इस किताब में गोवा, गोवा का परिवेश, इतिहास, समुद्र है, नारियल हैं। कलाकार का दिल और उसमें उठने वाले सवाल हैं। एक सवाल से एक कलाकार कैसे उलझता है, डूबता है इस बात की सुन्दर कथा है। इसमें गांधी हैं और उनके दिल की धड़कन है। जुगलबन्दी है गोवा और सुबोध क रचनात्मक रिश्ते की। इसके चित्र बच्चों के अपने दिल के करीब के लगेंगे। कई चित्र ऐसे हैं कि उनका विषय बाद में दिखेगा उनकी सरलता पहले दिखेगी। इसलिए किसी को भी ये लग सकता है कि अरे, ये चित्र तो वे भी बना सकते हैं। इस किताब को पढ़के किसका मन गोवा के इस म्यूज़ियम को देखने का नहीं होगा।
Museum of Goa
Kunal Ray
Dharti Bunkar
- Author Name:
Kavita Singh Kale
-
Book Type:

- Description: धरती बुनकर एक सलोनी सी 28 पेज की चित्रकथा है। इस चित्रकथा में हर दो पेजों पर एक पंक्ति है। यूँ यह कथा शब्दों पर कम आश्रित है। लद्दाख और लद्दाखी बुनकरों का परिवेश है। इस कविता में लद्दाखी लोककथा की झलक मिलेगी। हमारे रोज़मर्रा के जीवन में चीज़ों को देखते ही यह सवाल आ ही जाता है कि ये कैसे बनी होगी। मसलन, ये शरबत कैसे बनता है? शरबत बनाने की विधि जानकर शरबत बनाने में शायद एक घण्टा लगे या शायद मान लो दो दिन लगें। यह सब समय हमारी पकड़ में रहता है। लेकिन शरबत तो पानी और मान लो नीबू का बना है। तो कोई ये पूछ ले कि पानी कैसे बना, कब बना तो ? तब फिर इस सवाल का समय हमारी पकड़ से बाहर आ जाता है। हम कल्पना और काम चलाऊ अनुमान का सहारा लेते हैं। इनके बिना ऐसे सवालों की थाह लेना मुमकिन नहीं है। आज विज्ञान ने कई सवालों को सुलझाया है। लेकिन आज से कई सौ सालों पहले तो कल्पना और कल्पना से बनी कहानियाँ ही हमारी मदद करती थीं। तो इस कहानी यानी धरती बुनकर का समय भी तब से लेकर अब तक का समय है। आज तक का इसलिए कि आज यह किताब बनी है। इस पर इसके बनने की तारीख लिखी है। इस किताब की पहली लाइन है - धरती पर तब कुछ भी नहीं था। अगर हम अपने आसपास पूछताछ करें। अपने शिक्षकों से पूछें। पता लगाने की कोशिश करें कि यह बात कितनी पुरानी है। तब फिर उस समय में जाकर हम वापिस लौटेंगे। एक एक रेशा करके। जैसे यह किताब हमें लौटाती है। 24 पेजों में तब से आज तक। 24 कदमों में। अगर हम इस किताब के कुल समय को 24 भागों में बाँट लें तो सोचो, हमारा एक कदम कितने हज़ार साल का होगा। ये कहानियाँ हमें इस समय फ्रेम में ले जाती हैं और हममें यह हुनर भरती हैं कि हम सोचें कि एक पेड़ कटने से या एक पोखर सूखने से या पक्षी के खत्म होने का फर्क हमें कल ही नहीं दिखेगा। शायद इसमें सौ, दो सौ, पाँच सौ साल लग जाएँगे। हमें धरती पर रहने का सलीका आएगा। सोचना आएगा। यही कितनी सुन्दर कल्पना है कि धरती बुनकर है। जैसे, बुनाई में एक रेशा दूसरे से जुड़ा होता है। एक रेशा खींच दो तो पूरी बुनाई उधड़ सकती है। एक छोटे से कीड़े के खत्म होने की भरपाई शायद धरती पर कभी न हो। अँग्रेज़ी में इस किताब का नाम है - साँग ऑफ लाइफ। यानी जीवन का गीत। इसमें न तो गीत सिर्फ हमारा है और न ही जीवन सिर्फ हमारा है। जीवन इस धरती पर रहने वाले सबका है। और ऐसे ही गीत। जैसे, वह कोयल गाता है। इस किताब की लेखक और चित्रकार कविता सिंह काले हैं। ये जो सब बातें हैं वे कहानी और चित्र दोनों के बारे में हैं। age group 0-6 years and Age group 6-8 years
Dharti Bunkar
Kavita Singh Kale
Nikki Detective
- Author Name:
Neha singh +1
-
Book Type:

- Description: An intriguing novel about a young girl who dreams of becoming a detective. As she begins to investigate strange happenings in her town — rumoured to be caused by a ghost, she is slowly led to question her own understanding of the world around her, about the idea of freedom, dreams, and about escape from the rules her world quietly imposes. The chaos unfolding in the city mirrors the unrest within her, as she grapples with a society that draws such clear boundaries around what girls can and cannot be. Neha Singh brings clarity and care to these complex questions, while Barkha Lohia’s striking illustrations evoke the dark, often stolen, quiet and breezy nights that belong to young girls and women. Age group 9-12 years
Nikki Detective
Neha singh
Kya Tum Ho Meri Dadi?
- Author Name:
Sanika Deshpande
-
Book Type:

- Description: When Avni’s dadi is no more, her father tells her that her dadi will return after thirteen days, but not as her dadi. She could come as anyone- a bird, a flower, an ant or some other thing. Thus begins Avni’s journey to look for her dadi in everything she sees. Do you think she found her? Sanika Deshpande wrote and illustrated this sensitive and lively story. These figurative illustrations realistically portray the ethos of a family that has lost a member. Every illustration sets the mood of the page, so powerful are its characters. You will find the story and illustrations so familiar, as if you have known them for years. Age group 6-8 years
Kya Tum Ho Meri Dadi?
Sanika Deshpande
Sher ki Neend
- Author Name:
Manica Musil
-
Book Type:

- Description: Travelling from Slovenia is a story of a lion, a sweet lion who wants to sleep but just can’t. The lion asks many animals for help, and finally, one of them comes up with a trick that works. What was it? Manica Musil once again mesmerises us with her illustrations. Each one is made from wool, cotton fibre, and fabric. She creates expressive, lively characters from fabric that make you fall in love with them. These illustrations provide a unique visual experience for the child. Age group- 0-6 years
Sher ki Neend
Manica Musil
Bhai Tu Aisi Kavita Kyun Karta Hai
- Author Name:
Vandana Bist +1
-
Book Type:

- Description: A collection of short poems by Sushil Shukla would surprise you with its simplicity. Things we see and live with every day quickly become a part of you and arouse the poet in you. If these poems do that to you, don’t forget to send us a few samples! Vandana Bisht’s illustrations have a character of their own and a story to tell. When you look at them, you begin to imagine what the bird must be saying, so expressive is each character! These individual artworks make you wonder about the use of colour and space. An appreciation for art comes naturally to you as you savour these artworks. Age group 6-8 years
Bhai Tu Aisi Kavita Kyun Karta Hai
Vandana Bist
Neend Kis Chidiya ka Naam Hai?
- Author Name:
Rajesh Joshi +1
-
Book Type:

- Description: Acclaimed poet Rajesh Joshi’s poems make for a thought-provoking read. With the magic of his words, he turns things like a broom, a telephone, discounts, and keys into subjects worth engaging. His simple writing style serves his perspective very well and helps convey his thoughts to the reader. Each of his poems will surprise you. A talented artist, Bhargav Kulkarni’s artworks are equally engaging interpretations of the poems. Created with water colours, you would find these illustrations very thought-provoking. Age group 9-12 years Age group 9-12 years
Neend Kis Chidiya ka Naam Hai?
Rajesh Joshi
Man Mein Khushi Paida Karne Wale Rang
- Author Name:
Taposhi Ghoshal +1
-
Book Type:

- Description: Renowned Hindi writer and translator of world literature, Teji Grover's refreshing stories, memoirs, poems, haikus, and letters live on. Renowned Hindi writer and translator of world literature, Teji Grover's refreshing stories, memoirs, poems, haikus and letters are collected in this anthology. This book beautifully brings together all the vibrant colours of her writing. With her words, she brightens our days. This collection will be enjoyed by you and your children for many years to come. Taposhi Ghoshal's magical artwork is in a continuous dialogue with Teji's words. Each artwork enriches the text. Together, Teji's words and Taposhi's art complete each other.in this anthology. This book beautifully brings together all the vibrant colours of her writing. With her words, she brightens up our days. This collection would be enjoyed by you and your children for many years to come. Taposhi Ghoshal's magical artwork is in a continuous dialogue with Teji's words. Each artwork enriches the text. Together, Teji's words and Taposhi's art complete each other. Age group 9-12 years
Man Mein Khushi Paida Karne Wale Rang
Taposhi Ghoshal
Kitabon mein Billi ne Bachche Diye Hain
- Author Name:
Debabrata Ghosh +1
-
Book Type:

- Description: इब्न बतूता पहन के जूता, निकल पड़े तूफान में थोड़ी हवा नाक में घुस गई, घुस गई थोड़ी कान में Only a great poet such as Sarveshwar Dayal Saxena can write a poem for children about going into a storm. Not a regular storm, but a storm that can break you into two. Stopping only to repair his shoes, Ibn Batuta enters storm after storm. The poem rekindles memories of Ibn Battuta's courageous travels from Morocco to India as it brings life to the rhymes for children. All poems in this collection are equally remarkable. For instance, read the following poem, crisp composition with a breezy rhyme: महँगू ने महँगाई में, पैसे फूँके टाई में While poems' temperament rises and falls, Debabrata Ghosh's illustrations are quiet and serene. The green in these illustrations is at its quietest, and so is the colour blue. Age group 6-8 years
Kitabon mein Billi ne Bachche Diye Hain
Debabrata Ghosh
Suno Kahani 2
- Author Name:
Various Authors
-
Book Type:

- Description: यह 11 छोटी कहानियों का गुच्छा है। किताब में नेहा सिंह, अरशद खान, शशि सबलोक, निधि सक्सेना, मंजरी चक्रवर्ती, सारिका ठाकुर, योगेश ध्यानी, सुशील शुक्ल, श्वेता नाम्बियार, प्रमोद पाठक, और चन्दन यादव की छँटी हुई एक-एक कहानी है। सुनो कहानी का इन्द्रधनुषी अन्दाज़ इन सबके कहने के अन्दाज़ से बना है। इसके पन्नों पर 9 काबिल चित्रकारों प्रोइति राय, तापोशी घोषाल, पार्थो सेनगुप्त, प्रशान्त सोनी, प्रिया कुरियन, राजीव आइप, वन्दना विष्ट, श्रुति हेमाणी और मंजरी चक्रवर्ती के रंग हैं। कहानियों और चित्रों की यह विविधता आपको अभूतपूर्व लगेगी। Age group 6-8 years
Suno Kahani 2
Various Authors
Suno Kahani 1
- Author Name:
Various Authors
-
Book Type:

- Description: इसमें बच्चों के लिये लिख रहे दस रचनाकारों की कहानियों में से चुनी एक-एक कहानी शामिल है। आठ चित्रकारों की रंगाई है। कहानियाँ जो छोटी हैं और खरी भी। इनमें बच्चों की सहज और बाजिब जिज्ञासा है। कल्पना है। जिद है। जूझ है। और प्रेम है। -क्या इस स्कूल में पहले हाथी पढ़ते थेॽ -नहीं। -तो फिर इतना बड़ा गेट क्यों लगवायाॽ क्या कभी आपके मन में ऐसा कोई सवाल आयाॽ Age group 6-8 years
Suno Kahani 1
Various Authors
Jirhul
- Author Name:
Kanupriya Kulshrestha +1
-
Book Type:

- Description: आपने कितने फूलों की बात सुनी हैॽ कितनों के पास दो घड़ी रहे हैंॽ फूल हो कि कुछ और हम कुछ के नाम ही जानते हैं। सिर्फ कुछ को जानने से सिर्फ कुछ ही ‘खास’ हो जाते हैं। जिरहुल, जटंगी, सोनरखी, सरई, कोईनार और सनई भी फूल हैं। क्या आपने इनके नाम सुने थे। ऐसे दस फूलों पर जसिन्ता केरकेट्टा ने कविताएँ लिखी हैं; ऐसे दिखते हैं पीले सनई फूल जैसे पीली छोटी तितलियाँ बैठी हों आकाश में सब कुछ भूल आपने इन सब फूलों को अब तक नहीं देखा हो तो कोई बात नहीं। कनुप्रिया कुलश्रेष्ठ के बनाए इनके चित्र देखोगे तो पहचान लोगे, “अरे ये तो कोईनार के फूल हैं!” Age group 9-12 years
Jirhul
Kanupriya Kulshrestha
Ek Tha Ramu
- Author Name:
Ashok Sakseria +1
-
Book Type:

- Description: आप अपनी गली के कुत्तों को कितना जानते हैंॽ जिनको किसी ने नहीं पाला वो सभी के भरोसे हमारे साथ रहते हैं। ‘एक था रामू’ भी गली के एक कुत्ते की कहानी है; जो ज़रा सी देखभाल से लेखक का आत्मीय बन गया। नीलेश गहलोत ने किताब के चित्र बनाये हैं, उन्होंने सिर्फ रामू नहीं बनाया। उसके दूसरे अनाम साथियों के चित्र भी बनाये। इनमें आप अपनी गली के कुत्ते को पहचान सकते हैं। रामू के ज़रिये से यह कहानी भी यही कहती है।
Ek Tha Ramu
Ashok Sakseria
Khushboo Ki Chori
- Author Name:
Various Authors +1
-
Book Type:

- Description: ‘खुशबू की चोरी ’ में शामिल कहानियाँ मूल रूप से बाँग्ला में लिखी गईं थी। इस किताब के ज़रिये हम हिन्दी में पढ़वा रहे हैं। फिर भी हमने कहीं-कहीं बाँग्ला के असर बचाकर रखे हैं। ताकि लगे कि यह हिन्दी किसी बाँग्ला वाले द्वारा रची जा रही है। भाषा अलग होने से बचपन की रुचियाँ, अहसास और कारनामे अलग नहीं हो जाते। प्यार, बूझ, डर, गुस्सा, होशियारी और कल्पना आदि भावों की ज़मीन भाषा नहीं है। ये व्यक्त ज़रूर भाषा में होते हैं। इस गुच्छे में भी इनके बारे में दिलचस्प कहानियाँ हैं। Age 12+