Jirhul
(0)
Author:
Kanupriya Kulshrestha, Jasinta KerkettaPublisher:
Ektara TrustLanguage:
HindiCategory:
Young-adults₹
90
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आपने कितने फूलों की बात सुनी हैॽ कितनों के पास दो घड़ी रहे हैंॽ फूल हो कि कुछ और हम कुछ के नाम ही जानते हैं। सिर्फ कुछ को जानने से सिर्फ कुछ ही ‘खास’ हो जाते हैं। जिरहुल, जटंगी, सोनरखी, सरई, कोईनार और सनई भी फूल हैं। क्या आपने इनके नाम सुने थे। ऐसे दस फूलों पर जसिन्ता केरकेट्टा ने कविताएँ लिखी हैं; ऐसे दिखते हैं पीले सनई फूल जैसे पीली छोटी तितलियाँ बैठी हों आकाश में सब कुछ भूल आपने इन सब फूलों को अब तक नहीं देखा हो तो कोई बात नहीं। कनुप्रिया कुलश्रेष्ठ के बनाए इनके चित्र देखोगे तो पहचान लोगे, “अरे ये तो कोईनार के फूल हैं!” Age group 9-12 years
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आपने कितने फूलों की बात सुनी हैॽ कितनों के पास दो घड़ी रहे हैंॽ फूल हो कि कुछ और हम कुछ के नाम ही जानते हैं। सिर्फ कुछ को जानने से सिर्फ कुछ ही ‘खास’ हो जाते हैं। जिरहुल, जटंगी, सोनरखी, सरई, कोईनार और सनई भी फूल हैं। क्या आपने इनके नाम सुने थे। ऐसे दस फूलों पर जसिन्ता केरकेट्टा ने कविताएँ लिखी हैं;
ऐसे दिखते हैं
पीले सनई फूल
जैसे पीली छोटी तितलियाँ
बैठी हों आकाश में सब कुछ भूल
आपने इन सब फूलों को अब तक नहीं देखा हो तो कोई बात नहीं। कनुप्रिया कुलश्रेष्ठ के बनाए इनके चित्र देखोगे तो पहचान लोगे, “अरे ये तो कोईनार के फूल हैं!”
Age group 9-12 years
Book Details
-
ISBN9788197025815
-
Pages28
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age11-18 yrs
-
Country of OriginIN
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