Mahakavi Avadhesh
Mahakavi Avadhesh महाकवि अवधेशजी का जन्म 1 अक्तूबर, 1928 को चित्रगुप्त के वंश में ग्राम पट्टी कुम्हर्रा, तहसील-मोंठ, जिला-झाँसी में हुआ था। उनके पिता का नाम स्व. श्री उमाप्रसाद श्रीवास्तव एवं माता का नाम स्व. श्रीमती कनल कुँवर है। उनके भरे-पूरे परिवार में धर्मपत्नी श्रीमती श्रीकुँवर, दो पुत्र एवं दो पुत्रियाँ हैं। महाकवि अवधेशजी सब प्रकार श्री एवं साहित्य संपन्न हैं। उनकी लेखनी अब भी अबाध गति से चलती रहती है। कृतियाँ : भारत आगमन, मिस फ्रीडम, प्रायश्चित, देवकी संदेश, श्रमणा : शबरी के राम। अवधेशजी की अनेक रचनाएँ बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में एम.ए. व बी.ए. के पाठ्यक्रम में समाहित हैं। हिंदी की फाइनल परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करनेवाले विद्यार्थी को प्रतिवर्ष ‘महाकवि अवधेश स्वर्ण पंख’ प्रदान किया जाता है एवं बाल अध्यात्म प्रबोध परीक्षा कराकर प्रतिवर्ष एक विद्यालय को चयनित कर सभी छात्रों को उनके जन्मदिन, यानी 1 अक्तूबर पर पुरस्कृत किया जाता है।
Mahakavi Avadhesh
Filters Options
- Academics And References
- Action Adventure
- Art And Design
- Bilingual Kids
- Biographies And Autobiographies
- Board Books
- Business
- Contemporary Fiction
- Cookbooks
- Crime Thriller Mystery
- Economics
- Fantasy
- Folktales
- General Non Fiction
- Graphic Novels And Comic Books
- Health
- Health Fitness Nutrition
- Higher Education
- Historical Fiction
- History And Politics
- Horror
- Humour
- Language Linguistics
- Law
- Lifestyle And Wellness
- Literary Fiction
- Lyrics Songs
- Magazine
- Management
- Media
- Mythology
- Other
- Picture Books
- Plays
- Poetry
- Religion Spirituality
- Romance
- Satire
- Science
- Science Fiction
- Self Help
- Short Story Collections
- Society Social Sciences
- Sports
- Stem Books
- Technology
- Textbooks
- Travelogues
- Young Adults
About Mahakavi Avadhesh
महाकवि अवधेशजी का जन्म
1 अक्तूबर, 1928 को चित्रगुप्त के वंश में ग्राम पट्टी कुम्हर्रा, तहसील-मोंठ, जिला-झाँसी में हुआ था। उनके पिता का नाम स्व. श्री उमाप्रसाद श्रीवास्तव एवं माता का नाम स्व. श्रीमती कनल कुँवर है। उनके भरे-पूरे परिवार में धर्मपत्नी श्रीमती श्रीकुँवर, दो पुत्र एवं दो पुत्रियाँ हैं।
महाकवि अवधेशजी सब प्रकार श्री एवं साहित्य संपन्न हैं। उनकी लेखनी अब भी अबाध गति से चलती रहती है।
कृतियाँ : भारत आगमन, मिस फ्रीडम, प्रायश्चित, देवकी संदेश, श्रमणा : शबरी के राम।
अवधेशजी की अनेक रचनाएँ बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में एम.ए. व बी.ए. के पाठ्यक्रम में समाहित हैं। हिंदी की फाइनल परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करनेवाले विद्यार्थी को प्रतिवर्ष ‘महाकवि अवधेश स्वर्ण पंख’ प्रदान किया जाता है एवं बाल अध्यात्म प्रबोध परीक्षा कराकर प्रतिवर्ष एक विद्यालय को चयनित कर सभी छात्रों को उनके जन्मदिन, यानी
1 अक्तूबर पर पुरस्कृत किया जाता है।