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Kailash Banwasi

Kailash Banwasi Author

short-story-collections · hindi

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About Kailash Banwasi

कैलाश बनवासी कैलाश बनवासी का जन्म 10 मार्च, 1965 को दुर्ग, छत्तीसगढ़ में हुआ। उन्होंने गणित में बी.एस-सी. और अंग्रेज़ी साहित्य में एम.ए. किया। 1984 के आसपास लिखना शुरू किया। आरम्भ में बच्चों और किशोरों के लिए ​लिखा। अस्सी से अधिक कहानियाँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं। उनकी प्रकाशित कृतियाँ हैं—‘लक्ष्य तथा अन्य कहानियाँ’, ‘बाज़ार में रामधन’, ‘पीले काग़ज़ की उजली इबारत’, ‘प्रकोप तथा अन्य कहानियाँ’, ‘जादू टूटता है’, ‘कविता पेंटिंग पेड़ कुछ नहीं’, ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दुस्तान’ (कहानी-संग्रह); ‘लौटना नहीं है’, ‘रंग तेरा मेरे आगे’ (उपन्यास); ‘सिनेमा भीतर सिनेमा’ (सिनेमा)। उनकी कहानियाँ गुजराती, पंजाबी, मराठी, बांग्ला तथा अंग्रेज़ी में अनूदित हुई हैं। कहानी-संग्रह ‘बाज़ार में रामधन’ मराठी में अनूदित है। उनकी कहानी ‘कुकरा-कथा’ को पत्रिका ‘कहानियाँ मासिक चयन’ (सम्पादक—सत्येन कुमार) द्वारा 1987 का सर्वश्रेष्ठ युवा लेखन पुरस्कार मिला था। इसके अलावा उन्हें ‘श्याम व्यास पुरस्कार’, ‘प्रेमचन्द स्मृति कथा सम्मान’, ‘वनमाली कथा सम्मान’ तथा ‘गायत्री कथा सम्मान’ से भी सम्मानित किया गया है। सम्प्रति : अध्यापन ई-मेल : kailashbanwasi@gmail.com
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