Habib Tanvir
1
Books
0
Rating
0
Follow
मशहूर नाटककार और पटकथा लेखक हबीब तनवीर का जन्म 1 सितम्बर, 1923 को रायपुर में हुआ था। वे उर्दू-हिन्दी थियेटर की सबसे चर्चित हस्तियों में से एक थे। उन्होंने कुछ फ़िल्मों में अभिनय भी किया। 1959 में ‘नया थियेटर’ की स्थापना की। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘आगरा बाज़ार’, ‘चरणदास चोर’, ‘हिरमा की अमर कहानी’, ‘बहादुर कलारिन’ आदि। उन्हें कई राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। जिनमें प्रमुख हैं—‘कालिदास सम्मान’ (1990), ‘संगीत नाटक अकादमी फ़ेलोशिप’ (1996)। 1983 में उन्हें ‘पद्मश्री’ और 2002 में ‘पद्म भूषण’ से अलंकृत किया गया। ‘चरणदास चोर’ नाटक ‘एडिनबर्ग इंटरनेशनल ड्रामा फ़ेस्टिवल’ (1982) में सम्मानित हुआ। 8 जून, 2009 को उनका निधन हुआ।
Habib Tanvir
1
Books
Filters Options
Categories
+
- Academics And References
- Action Adventure
- Art And Design
- Bilingual Kids
- Biographies And Autobiographies
- Board Books
- Business
- Contemporary Fiction
- Cookbooks
- Crime Thriller Mystery
- Economics
- Fantasy
- Folktales
- General Non Fiction
- Graphic Novels And Comic Books
- Health
- Health Fitness Nutrition
- Higher Education
- Historical Fiction
- History And Politics
- Horror
- Humour
- Language Linguistics
- Law
- Lifestyle And Wellness
- Literary Fiction
- Lyrics Songs
- Magazine
- Management
- Media
- Mythology
- Other
- Picture Books
- Plays
- Poetry
- Religion Spirituality
- Romance
- Satire
- Science
- Science Fiction
- Self Help
- Short Story Collections
- Society Social Sciences
- Sports
- Stem Books
- Technology
- Textbooks
- Travelogues
- Young Adults
Featured Authors
+
Featured Writers
+
About Habib Tanvir
मशहूर नाटककार और पटकथा लेखक हबीब तनवीर का जन्म 1 सितम्बर, 1923 को रायपुर में हुआ था। वे उर्दू-हिन्दी थियेटर की सबसे चर्चित हस्तियों में से एक थे। उन्होंने कुछ फ़िल्मों में अभिनय भी किया। 1959 में ‘नया थियेटर’ की स्थापना की। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं—‘आगरा बाज़ार’, ‘चरणदास चोर’, ‘हिरमा की अमर कहानी’, ‘बहादुर कलारिन’ आदि।
उन्हें कई राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। जिनमें प्रमुख हैं—‘कालिदास सम्मान’ (1990), ‘संगीत नाटक अकादमी फ़ेलोशिप’ (1996)। 1983 में उन्हें ‘पद्मश्री’ और 2002 में ‘पद्म भूषण’ से अलंकृत किया गया। ‘चरणदास चोर’ नाटक ‘एडिनबर्ग इंटरनेशनल ड्रामा फ़ेस्टिवल’ (1982) में सम्मानित हुआ।
8 जून, 2009 को उनका निधन हुआ।
उन्हें कई राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। जिनमें प्रमुख हैं—‘कालिदास सम्मान’ (1990), ‘संगीत नाटक अकादमी फ़ेलोशिप’ (1996)। 1983 में उन्हें ‘पद्मश्री’ और 2002 में ‘पद्म भूषण’ से अलंकृत किया गया। ‘चरणदास चोर’ नाटक ‘एडिनबर्ग इंटरनेशनल ड्रामा फ़ेस्टिवल’ (1982) में सम्मानित हुआ।
8 जून, 2009 को उनका निधन हुआ।