Editor : Gourinath
HINDI KI CHUNINDA GHAZALEN
- Author Name:
Editor : Gourinath
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Book Type:

- Description: collection of best hindi ghazals
HINDI KI CHUNINDA GHAZALEN
Editor : Gourinath
Hindi Cinema Mein Hashiye Ka Samaaj
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Editor : Gourinath
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Book Type:

- Description: यह आम धारणा है कि सिनेमा मनोरंजन का साधन है। हम जैसे कुछ लोगों का मानना है कि सिनेमा न सिर्फ मनोरंजन का साधन है बल्कि एक ऐसा प्रभावशाली माध्यम है जो जनमत निर्माण में सक्षम है। पहली पंक्ति वालों के लिए सिनेमा का कथ्य या उसमें गढ़े गए चरित्रों की सामाजिक/सांस्कृतिक/आर्थिक/धार्मिक पृष्ठभूमि का कुछ विशेष अर्थ नहीं होता। सिनेमा में क्या और कैसे दिखाया गया है—जैसे प्रश्नों के प्रति यह बड़ा तबका उदासीन रहता है। वह उसमें मनोरंजन के तत्वों तक ही स्वयं को सीमित कर लेता है। भावनात्मकता के चरम पर अदा किए गए सम्वाद या हास्य उत्पत्ति के निमित्त रचे गए स्टीरियोटाइप्स को हाथों-हाथ लेता है और इसमें निहित स्वार्थों की अनदेखी कर देता है। वह सिनेमा और बाज़ार, सिनेमा और प्रभुवर्ग, सिनेमा और समाज के अंतर्सम्बंधों से नावाक़िफ़ होता है। उसे यह नहीं पता कि ‘चुलबुल पाण्डेय’ कैसे हिट हो जाते हैं। उसे नहीं पता कि ‘रावण’ कैसे फ्लॉप हो जाता है। उसे नहीं पता कि बड़े-बड़े धन्नासेठों के घर का नौकर भोजपुरी मिश्रित हास्यास्पद हिन्दी क्यों बोलता है। उसे नहीं पता कि हिन्दी फ़िल्मों में दलित नायकों का अकाल सा क्यों है। उसे तो यह भी नहीं पता कि फिल्मों में जो स्त्री होती है, वह सामान्य स्त्रियों से इतना भिन्न क्यों होती है और मुसलमान चरित्र टोपीबाज़ क्यों होता है। ‘हिन्दी सिनेमा में हाशिये का समाज’ में इन्हीं प्रश्नों और सामाजिक-धार्मिक तथा आर्थिक-राजनीतिक जटिलताओं को उद्घाटित करने वाले लेखों को संकलित किया गया है। पुस्तक में योगदान देने वाले सभी लेखक फिल्म विशेषज्ञ हैं और वे सिनेमा के अंतःपुर की कथाओं-व्यथाओं से परिचित हैं। पुस्तक पठनीय होने के साथ ही सिनेमा जगत के मनोविज्ञान को समझने में सहायक भी है।