Ajit Kumar Pal
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जन्म : सन् 1944 को ढाका में। कलकत्ता विश्वविद्यालय से सन् 1971 में भू-तत्त्व में पीएच.डी.। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जी.एस.आई.) संस्था से आपका कर्मजीवन शुरू हुआ। दीर्घ समय तक काम करने के बाद उस संस्था के एक विभाग पेलिऑन्टोलॉजी (Palaeontology) के अध्यक्ष बने। बीच में अल्प काल के लिए यादवपुर विश्वविद्यालय के पराजीव-विज्ञान विभाग में रीडर बनकर अध्यापन किया। रयाल सोसाइटी और नफेल्तु फ़ाउंडेशन की वृत्ति पाकर लन्दन और पेरिस विश्वविद्यालय में गवेषणा की। पत्र-पत्रिकाओं में उनके विविध लेख (अंग्रेज़ी व बांग्ला में) प्रकाशित। निधन : 29 फरवरी, 2006
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About Ajit Kumar Pal
जन्म : सन् 1944 को ढाका में।
कलकत्ता विश्वविद्यालय से सन् 1971 में भू-तत्त्व में पीएच.डी.। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जी.एस.आई.) संस्था से आपका कर्मजीवन शुरू हुआ। दीर्घ समय तक काम करने के बाद उस संस्था के एक विभाग पेलिऑन्टोलॉजी (Palaeontology) के अध्यक्ष बने। बीच में अल्प काल के लिए यादवपुर विश्वविद्यालय के पराजीव-विज्ञान विभाग में रीडर बनकर अध्यापन किया। रयाल सोसाइटी और नफेल्तु फ़ाउंडेशन की वृत्ति पाकर लन्दन और पेरिस विश्वविद्यालय में गवेषणा की। पत्र-पत्रिकाओं में उनके विविध लेख (अंग्रेज़ी व बांग्ला में) प्रकाशित।
निधन : 29 फरवरी, 2006
कलकत्ता विश्वविद्यालय से सन् 1971 में भू-तत्त्व में पीएच.डी.। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जी.एस.आई.) संस्था से आपका कर्मजीवन शुरू हुआ। दीर्घ समय तक काम करने के बाद उस संस्था के एक विभाग पेलिऑन्टोलॉजी (Palaeontology) के अध्यक्ष बने। बीच में अल्प काल के लिए यादवपुर विश्वविद्यालय के पराजीव-विज्ञान विभाग में रीडर बनकर अध्यापन किया। रयाल सोसाइटी और नफेल्तु फ़ाउंडेशन की वृत्ति पाकर लन्दन और पेरिस विश्वविद्यालय में गवेषणा की। पत्र-पत्रिकाओं में उनके विविध लेख (अंग्रेज़ी व बांग्ला में) प्रकाशित।
निधन : 29 फरवरी, 2006