Sheetla Mishra
पूरा नाम शीतला प्रसाद मिश्र। उपनाम शील अवधेय। जन्म अयोध्या के निकट रसूलाबाद गाँव में। श्री गजानन माधव मुक्तिबोध के कृतित्व पर पीएच.डी.। उन पर पहला शोधकार्य। स्कूल-कॉलेज-विश्वविद्यालय में शिक्षण-कार्य। सन् 1978 में इन्दौर में वाग्मिता संस्थान की स्थापना। उसके मानद प्राचार्य और प्रमुख शिक्षक। कामकाजी जीवन के विविध क्षेत्रों के हज़ारों युवा-प्रौढ़ जनों को वाग्मिता (मौखिक सम्प्रेषण) के बेसिक कोर्स का शिक्षण दिया। प्रमुख कृतियाँ : ‘आधुनिक भाषण-कला’, ‘बोलने-सुनने की कला’, ‘सार्वजनिक भाषण-कला’, ‘वाचन-कला तथा वाग्मिता’, ‘बोलना तो है!’ भारतीय भाषाओं में वाणी-शिक्षा की प्रथम मासिक पत्रिका ‘बोल-व्यवहार’ का चार वर्षों तक सम्पादन-प्रकाशन। सामाजिक गूँगेपन, सामाजिक बहरेपन, सामाजिक अपर्याप्तता, सामाजिक प्रलाप और आन्तरिक प्रलाप के वाणी-रोगों से मुक्ति में लोगों की सहायता।
Sheetla Mishra
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About Sheetla Mishra
श्री गजानन माधव मुक्तिबोध के कृतित्व पर पीएच.डी.। उन पर पहला शोधकार्य। स्कूल-कॉलेज-विश्वविद्यालय में शिक्षण-कार्य। सन् 1978 में इन्दौर में वाग्मिता संस्थान की स्थापना। उसके मानद प्राचार्य और प्रमुख शिक्षक। कामकाजी जीवन के विविध क्षेत्रों के हज़ारों युवा-प्रौढ़ जनों को वाग्मिता (मौखिक सम्प्रेषण) के बेसिक कोर्स का शिक्षण दिया।
प्रमुख कृतियाँ : ‘आधुनिक भाषण-कला’, ‘बोलने-सुनने की कला’, ‘सार्वजनिक भाषण-कला’, ‘वाचन-कला तथा वाग्मिता’, ‘बोलना तो है!’
भारतीय भाषाओं में वाणी-शिक्षा की प्रथम मासिक पत्रिका ‘बोल-व्यवहार’ का चार वर्षों तक सम्पादन-प्रकाशन।
सामाजिक गूँगेपन, सामाजिक बहरेपन, सामाजिक अपर्याप्तता, सामाजिक प्रलाप और आन्तरिक प्रलाप के वाणी-रोगों से मुक्ति में लोगों की सहायता।