Parul Priya
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पारुल प्रिया जन्म : 1 अक्तूबर, 1951। शिक्षा : एम.एस-सी. (गणित), बी.एड.। 1974 से 2011 तक दिल्ली के एक सरकारी विद्यालय में अध्यापन। फरवरी 2005 में पहली बार शिरडी की यात्रा। साईं बाबा की कृपा हुई और बाबा ने हाथ में कलम थमा दी। कलम भी बाबा की और शब्द भी बाबा के। कलम ने ऐसी गति पकड़ी कि भावधारा बह निकली और पुस्तकों की झड़ी लग गई— साईं अमृतवाणी, साईं अमृतवर्षा, साईं चरितावली, साईं इक देवदूत, रब उतरा धरती पर, साईं मीठा संगीत, साईं बाबा की अमर कहानी, परम पावन धाम शिरडी।
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About Parul Priya
पारुल प्रिया
जन्म : 1 अक्तूबर, 1951।
शिक्षा : एम.एस-सी. (गणित), बी.एड.। 1974 से 2011 तक दिल्ली के एक सरकारी विद्यालय में अध्यापन।
फरवरी 2005 में पहली बार शिरडी की यात्रा। साईं बाबा की कृपा हुई और बाबा ने हाथ में कलम थमा दी। कलम भी बाबा की और शब्द भी बाबा के। कलम ने ऐसी गति पकड़ी कि भावधारा बह निकली और पुस्तकों की झड़ी लग गई— साईं अमृतवाणी, साईं अमृतवर्षा, साईं चरितावली, साईं इक देवदूत, रब उतरा धरती पर, साईं मीठा संगीत, साईं बाबा की अमर कहानी, परम पावन धाम शिरडी।
जन्म : 1 अक्तूबर, 1951।
शिक्षा : एम.एस-सी. (गणित), बी.एड.। 1974 से 2011 तक दिल्ली के एक सरकारी विद्यालय में अध्यापन।
फरवरी 2005 में पहली बार शिरडी की यात्रा। साईं बाबा की कृपा हुई और बाबा ने हाथ में कलम थमा दी। कलम भी बाबा की और शब्द भी बाबा के। कलम ने ऐसी गति पकड़ी कि भावधारा बह निकली और पुस्तकों की झड़ी लग गई— साईं अमृतवाणी, साईं अमृतवर्षा, साईं चरितावली, साईं इक देवदूत, रब उतरा धरती पर, साईं मीठा संगीत, साईं बाबा की अमर कहानी, परम पावन धाम शिरडी।