About Ogawa Mimei
ओगावा मिमेई का जन्म 7 अप्रैल, 1882 में नीईगाता प्रान्त के ताकाकी गाँव में हुआ। समाज में बुराई और पक्षपात को सह नहीं पाते थे। उनका मन स्वार्थपरायणता को देख उद्विग्न हो विरोध करने लगता।
मिमेई का मानना था कि मानव विकास के लिए प्राकृतिक सौन्दर्य के विनाश को ज़्यादा दिनों तक टाला नहीं जा सकता। धरती पर बदलाव तो आना ही है।
उनकी कहानियों में प्रकृति, दन्तकथा तथा परी-कथाओं का मिश्रण है। मिमेई ने कई उपन्यास, कहानियों एवं कविताओं की रचना की।
उनकी रचनाओं में कमज़ोर के प्रति दया, सहानुभूति, ग़रीबों के प्रति संवेदना और हमदर्दी, पक्षपात के प्रति ग़ुस्सा, न्याय एवं नेक चीज़ों को अपनाने, लागू करने की हिम्मत, सुन्दरता से लगाव, आज़ादी का सम्मान एवं नवीन युग के निर्माण की आकांक्षा के भाव कूट-कूटकर भरे हैं।
सन् 1951 में इन्हें जापान के ‘साहित्य कला अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
निधन : सन् 1961