About Idrees Babar
इदरीस बाबर का जन्म पाकिस्तान के शहर गुजरांवाला में 1973 में हुआ। इंजीनियरिंग कॉलेज, लाहौर से इंजीनियरिंग की तालीम हासिल की। वह अपनी तालीम के ज़माने में अहम अदबी रचनाओं का तर्जुमा करते रहे। 1992 में ‘फ़ुनून’ नामी रिसाले में छपने वाली उनकी अनोखी ग़ज़लों के सबब उन्हें शोहरत हासिल हुई और उनका पहला शेरी मजमूआ ‘यूँ ही’ सामने आते ही पढ़ने वालों की तवज्जोह का मरकज़ बन गया। इदरीस बाबर ने उर्दू शायरी में ‘अशरे’ के नाम से एक नई सिन्फ़ भी ईजाद करी है, जिसमें दस मिसरों की पाबन्दी करनी ज़रूरी है। और इसे भी तेज़ी से मक़बूलियत हासिल हो रही है। इदरीस बाबर का शायराना लहजा उर्दू की बिलकुल ताज़ा आवाज़ों में नया और अनोखा माना गया है। ‘अशरे’ के नाम से ही उनकी किताब उर्दू में प्रकाशित हो चुकी है।