About Giriraj Kishore
Giriraj Kishore
जन्म : 8 जुलाई, 1937, मुजफ्फरनगर (उ.प्र.)।
शिक्षा : मास्टर ऑफ सोशल वर्क (1960), समाज विज्ञान संस्थान, आगरा।
प्रकाशित साहित्य : नीम के फूल, चार मोती बेआब, पेपरवेट, रिश्ता और अन्य कहानियाँ, शहर दर शहर, हम प्यार कर लें, जगत्तारनी एवं अन्य कहानियाँ, गाना बड़े गुलाम अली खाँ का, वल्दरोजी, यह देह किसकी है, हमारे मालिक सबके मालिक (कहानी-संग्रह), ‘दुशमन और दुश्मन’ समग्र कहानियाँ पाँच खंडों में। लोग, चिडि़याघर, इंद्र सुनें, दावेदार, तीसरी सत्ता, यथा प्रस्तावित, परिशिष्ट, असलाह, अंतर्ध्वंस, ढाई घर, यातनाघर (उपन्यास)। प्रसिद्ध उपन्यास पहला गिरमिटिया (मराठी, गुजराती, उडि़या और अंग्रेजी में अनुवाद, कन्नड़ में भी शीघ्र प्रकाश्य) और बा (कस्तूरबा पर पहला उपन्यास); नरमेध, प्रजा ही रहने दो, चेहरे-चेहरे किसके चेहरे, केवल मेरा नाम लो, जुर्म आयद, काठ की तोप, गांधी को फाँसी दो (नाटक), ‘मोहन का दुःख’ बच्चों के लिए लघु नाटक; संवादसेतु, लिखने का तर्क, सरोकार, कथ-अकथ, सप्तपर्णी, एक जन-भाषा की त्रासदी, जन-जनसत्ता, यह देश बिराना (लेख/निबंध)।
सम्मान : भारतेंदु सम्मान, बीर सिंह देवजू राष्ट्रीय सम्मान, साहित्य अकादेमी पुरस्कार, साहित्य भूषण पुरस्कार, शतदल सम्मान, जनवाणी सम्मान।