ज़रूरी नहीं कि झुके गलत ही इस दुनिया में दोस्तों,
मजबूरी नाम की इक शै है, वो भी झुका देती है।
kya baat hai
ग़लत झुकते हैं क्या?
ज़रूरी नहीं कि झुके गलत ही इस दुनिया में दोस्तों,
मजबूरी नाम की इक शै है, वो भी झुका देती है।
kya baat hai
ग़लत झुकते हैं क्या?
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