About Tarun Bhatnagar
तरुण भटनागर का जन्म 24 सितम्बर को रायपुर, छत्तीसगढ़ में हुआ। उनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं—‘गुलमेंहदी की झाड़ियाँ’, ‘भूगोल के दरवाज़े पर’, ‘जंगल में दर्पण’, ‘प्रलय में नाव’ ‘गौरतलब कहानियाँ’, ‘मैं और मेरी कहानियाँ’, ‘वनमाली सीरीज़ : दस कहानियाँ’ (कहानी-संग्रह); ‘लौटती नहीं जो हँसी’, ‘राजा, जंगल और काला चाँद’, ‘बेदावा’ और ‘मामलुक’ (उपन्यास)। कहानी-संग्रह ‘प्रलय में नाव’ का अंग्रेज़ी अनुवाद ‘Doomsday Boat and Other Short Stories’ नाम से और ‘राजा, जंगल और काला चाँद’ उपन्यास का अंग्रेज़ी अनुवाद ‘Raja, Jungle and Black Moon’ नाम से प्रकाशित हैं। ‘रचना समय’ और ‘पल प्रतिपल’ पत्रिकाओं ने उनकी रचनाओं पर केन्द्रित समग्र अंक प्रकाशित किए हैं।
उन्हें ‘वागीश्वरी सम्मान’, ‘स्पन्दन कृति सम्मान’, ‘वनमाली सम्मान’ और मध्य भारत हिन्दी साहित्य सभा के ‘हिन्दी सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।
फ़िलहाल इन्दौर में रहते हैं।
ई-मेल : tarun.bhatnagar1996@gmail.com