Sfurana Devi
आज़ादी से पूर्व सन् 1927 में ‘अबलाओं का इन्साफ़’ नाम से आधुनिक हिन्दी की प्रथम स्त्री-आत्मकथा लिखनेवाली लेखिका। About Editor : नैया जन्म : 7 मई, 1983 को नगीना, ज़िला—मेवात (हरियाणा) में। भारतीय भाषा एवं संस्कृति अध्ययन संस्थान, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से ‘हिन्दी के आरम्भिक स्त्री–कथाकार’ विषय में एम.फिल तथा ‘आरम्भिक स्त्री कथा–साहित्य और हिन्दी नवजागरण (1877–1930)’ विषय पर इसी विश्वविद्यालय से पीएच.डी.। आरम्भिक स्त्री कथा–साहित्य के गम्भीर अध्येता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनानेवाली नैया को हिन्दी की प्रथम दलित स्त्री–रचना ‘छोट के चोर’ (लेखिका श्रीमती मोहिनी चमारिन, कन्या मनोरंजन, सम्पादक ओंकारनाथ वाजपेयी, अगस्त 1915, अंक 11, भाग दो, इलाहाबाद) को प्रकाश में लाने का श्रेय जाता है। ‘आलोचना’, ‘प्रगतिशील वसुधा’, ‘पुस्तक–वार्ता’, ‘वागर्थ’, ‘आजकल’, ‘जनसत्ता’, ‘इंडिया टुडे’, ‘तहलका’, (साहित्य विशेषांक) आदि पत्र-पत्रिकाओं में शोध-समीक्षा तथा शोधपरक एवं आलोचनात्मक रचनाएँ प्रकाशित।
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About Sfurana Devi
About Editor : नैया
जन्म : 7 मई, 1983 को नगीना, ज़िला—मेवात (हरियाणा) में।
भारतीय भाषा एवं संस्कृति अध्ययन संस्थान, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से ‘हिन्दी के आरम्भिक स्त्री–कथाकार’ विषय में एम.फिल तथा ‘आरम्भिक स्त्री कथा–साहित्य और हिन्दी नवजागरण (1877–1930)’ विषय पर इसी विश्वविद्यालय से पीएच.डी.।
आरम्भिक स्त्री कथा–साहित्य के गम्भीर अध्येता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनानेवाली नैया को हिन्दी की प्रथम दलित स्त्री–रचना ‘छोट के चोर’ (लेखिका श्रीमती मोहिनी चमारिन, कन्या मनोरंजन, सम्पादक ओंकारनाथ वाजपेयी, अगस्त 1915, अंक 11, भाग दो, इलाहाबाद) को प्रकाश में लाने का श्रेय जाता है। ‘आलोचना’, ‘प्रगतिशील वसुधा’, ‘पुस्तक–वार्ता’, ‘वागर्थ’, ‘आजकल’, ‘जनसत्ता’, ‘इंडिया टुडे’, ‘तहलका’, (साहित्य विशेषांक) आदि पत्र-पत्रिकाओं में शोध-समीक्षा तथा शोधपरक एवं आलोचनात्मक रचनाएँ प्रकाशित।