Saralmanoj
1
Books
0
Rating
0
Follow
Saral-Manoj ईश्वर की आत्मकथा के लेऌखक या संकलनकर्ता सरल-मनोज एक सहज और सरल इनसान हैं, जो पिछले 22-23 सालों से ईश्वर, जीवन, ब्रह्मांड और प्रकृति के परस्पर संबंध को पुस्तकीय ज्ञान और रोजमर्रा के अनुभवों के मिश्रण से समझने का प्रयास करते आ रहे हैं। ईश्वर की आत्मकथा लिऌखने की प्रेरणा लेऌखक को 19 साल की आयु में उस समय मिली, जब अचानक ही उनके दिमाग में ईश्वर से जुड़ी एक कविता के अंकुर फूटे थे। 1973 में पैदा हुए सरल-मनोज इतिहास और जनसंचार विषयों में मास्टर डिग्री हासिल कर चुके हैं और आजीविका के लिए स्वतंत्र लेखक, अनुवादक और संपादक के रूप में कार्य करते हैं। अपने फेसबुक पेज के माध्यम से वे लगातार पाठकों से जुड़कर ईश्वर और आध्यात्मिकता पर आपसी संवाद और चर्चा करते रहते है
Saralmanoj
1
Books
Filters Options
Categories
+
- Academics And References
- Action Adventure
- Art And Design
- Bilingual Kids
- Biographies And Autobiographies
- Board Books
- Business
- Contemporary Fiction
- Cookbooks
- Crime Thriller Mystery
- Economics
- Fantasy
- Folktales
- General Non Fiction
- Graphic Novels And Comic Books
- Health
- Health Fitness Nutrition
- Higher Education
- Historical Fiction
- History And Politics
- Horror
- Humour
- Language Linguistics
- Law
- Lifestyle And Wellness
- Literary Fiction
- Lyrics Songs
- Magazine
- Management
- Media
- Mythology
- Other
- Picture Books
- Plays
- Poetry
- Religion Spirituality
- Romance
- Satire
- Science
- Science Fiction
- Self Help
- Short Story Collections
- Society Social Sciences
- Sports
- Stem Books
- Technology
- Textbooks
- Travelogues
- Young Adults
Featured Authors
+
Featured Writers
+
About Saralmanoj
Saral-Manoj
ईश्वर की आत्मकथा के लेऌखक या संकलनकर्ता सरल-मनोज एक सहज और सरल इनसान हैं, जो पिछले 22-23 सालों से ईश्वर, जीवन, ब्रह्मांड और प्रकृति के परस्पर संबंध को पुस्तकीय ज्ञान और रोजमर्रा के अनुभवों के मिश्रण से समझने का प्रयास करते आ रहे हैं। ईश्वर की आत्मकथा लिऌखने की प्रेरणा लेऌखक को 19 साल की आयु में उस समय मिली, जब अचानक ही उनके दिमाग में ईश्वर से जुड़ी एक कविता के अंकुर फूटे थे।
1973 में पैदा हुए सरल-मनोज इतिहास और जनसंचार विषयों में मास्टर डिग्री हासिल कर चुके हैं और आजीविका के लिए स्वतंत्र लेखक, अनुवादक और संपादक के रूप में कार्य करते हैं।
अपने फेसबुक पेज के माध्यम से वे लगातार पाठकों से जुड़कर ईश्वर और आध्यात्मिकता पर आपसी संवाद और चर्चा करते रहते है
ईश्वर की आत्मकथा के लेऌखक या संकलनकर्ता सरल-मनोज एक सहज और सरल इनसान हैं, जो पिछले 22-23 सालों से ईश्वर, जीवन, ब्रह्मांड और प्रकृति के परस्पर संबंध को पुस्तकीय ज्ञान और रोजमर्रा के अनुभवों के मिश्रण से समझने का प्रयास करते आ रहे हैं। ईश्वर की आत्मकथा लिऌखने की प्रेरणा लेऌखक को 19 साल की आयु में उस समय मिली, जब अचानक ही उनके दिमाग में ईश्वर से जुड़ी एक कविता के अंकुर फूटे थे।
1973 में पैदा हुए सरल-मनोज इतिहास और जनसंचार विषयों में मास्टर डिग्री हासिल कर चुके हैं और आजीविका के लिए स्वतंत्र लेखक, अनुवादक और संपादक के रूप में कार्य करते हैं।
अपने फेसबुक पेज के माध्यम से वे लगातार पाठकों से जुड़कर ईश्वर और आध्यात्मिकता पर आपसी संवाद और चर्चा करते रहते है