About Sachchidanand Parlikar
जन्मतिथि : 18 जनवरी, 1930
शैक्षणिक उपलब्धियाँ : एम.ए., पीएच.डी., साहित्य-रत्न
34 वर्ष पुणे के प्रसिद्ध फर्ग्युसन महाविद्यालय में हिन्दी विभागाध्यक्ष, स्नातक तथा स्नातकोतर कक्षाओं के प्राचीन तथा आधुनिक हिन्दी साहित्य के अध्यापक। पीएच.डी. तथा एम.फिल. के शोधछात्रों से विविध विषयों पर शोधकार्य करवाया। महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति का संचालक-पद वर्षों तक सफलता से सँभाला और राष्ट्रभाषा के प्रचार में योगदान किया। संचालक-पद के कार्यकाल में लगभग दो लाख छात्रों को राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा की परीक्षाओं में सम्मिलित कराया। हिन्दी की आजीवन सेवा के लिए महाराष्ट्र राज्य की हिन्दी साहित्य अकादेमी के 2002 वर्ष के ‘अनन्त गोपाल शेवड़े पुरस्कार’ से गौरवान्वित। हिन्दी और मराठी में लगभग 200 के ऊपर लेख और 500 के ऊपर व्याख्यान।
प्रमुख रचनाएँ : ‘हिन्दी और मराठी के समस्यामूलक उपन्यासों का तुलनात्मक अध्ययन’, ‘बाणभट्ट की आत्मकथा : कुछ विचार एवं अन्य निबन्ध’, ‘हिन्दी के समीक्षात्मक निबन्ध’,
समर्थ रामदास के प्रति अनन्य भक्ति होने से उनकी जीवनी लिखने की प्रेरणा।
निधन : अक्टूबर, 2018