Ravindra Nath Prasad Singh
7
Books
0
Rating
0
Follow
रवींद्र नाथ प्रसाद सिंह पिताश्री : स्व. ब्रहमदेव प्र. सिंह जन्म : मुसहरिया, कुंडवा चैनपुर, पूर्वी, चंपारण (बिहार) शिक्षा : स्नातकोत्तर विज्ञान (बी.यू.), स्नातक पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान (पी.यू.) प्रकाशित कृतियाँ : ‘आप भी सफल हो सकते हैं’, ‘सफलता के 5 सूत्र’, ‘जिंदगी एक अवसर : जिंदगी एक कला’, ‘क्या खोया, क्या पाया?’, ‘जीवन को बेहतर कैसे बनाएँ’, ‘सोच को बदलें’, ‘व्यक्तित्व निर्माण’। प्रकाश्य : ‘जीवन अनमोल है’, ‘शिक्षा का अर्थ’, ‘उद्देश्य एवं औचित्य’, ‘जीवन का पैरामीटर’, ‘बिहार का विकास एक : संदर्भ कर्म-मूल्य’। अभिरुचि : लेखन एवं समाज सेवा आदर्श : पिताश्री संप्रति : उप विकास आयुक्त, बेतिया।
Ravindra Nath Prasad Singh
7
Books
Filters Options
Categories
+
- Academics And References
- Action Adventure
- Art And Design
- Bilingual Kids
- Biographies And Autobiographies
- Board Books
- Business
- Contemporary Fiction
- Cookbooks
- Crime Thriller Mystery
- Economics
- Fantasy
- Folktales
- General Non Fiction
- Graphic Novels And Comic Books
- Health
- Health Fitness Nutrition
- Higher Education
- Historical Fiction
- History And Politics
- Horror
- Humour
- Language Linguistics
- Law
- Lifestyle And Wellness
- Literary Fiction
- Lyrics Songs
- Magazine
- Management
- Media
- Mythology
- Other
- Picture Books
- Plays
- Poetry
- Religion Spirituality
- Romance
- Satire
- Science
- Science Fiction
- Self Help
- Short Story Collections
- Society Social Sciences
- Sports
- Stem Books
- Technology
- Textbooks
- Travelogues
- Young Adults
Featured Authors
+
Featured Writers
+
About Ravindra Nath Prasad Singh
रवींद्र नाथ प्रसाद सिंह
पिताश्री : स्व. ब्रहमदेव प्र. सिंह
जन्म : मुसहरिया, कुंडवा चैनपुर, पूर्वी, चंपारण (बिहार)
शिक्षा : स्नातकोत्तर विज्ञान (बी.यू.), स्नातक पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान (पी.यू.)
प्रकाशित कृतियाँ : ‘आप भी सफल हो सकते हैं’, ‘सफलता के 5 सूत्र’, ‘जिंदगी एक अवसर : जिंदगी एक कला’, ‘क्या खोया, क्या पाया?’, ‘जीवन को बेहतर कैसे बनाएँ’, ‘सोच को बदलें’, ‘व्यक्तित्व निर्माण’।
प्रकाश्य : ‘जीवन अनमोल है’, ‘शिक्षा का अर्थ’, ‘उद्देश्य एवं औचित्य’, ‘जीवन का पैरामीटर’, ‘बिहार का विकास एक : संदर्भ कर्म-मूल्य’।
अभिरुचि : लेखन एवं समाज सेवा
आदर्श : पिताश्री
संप्रति : उप विकास आयुक्त, बेतिया।