Rajendra Rao

Rajendra Rao

2 Books
0 Rating
0 Follow

9 जुलाई, 1944 को कोटा (राजस्थान) में जनमे राजेंद्र राव शिक्षा और व्यवसाय से भले ही मेकैनिकल इंजीनियर रहे हों, मगर उनका मन सदैव साहित्य और पत्रकारिता में रमता रहा है। सातवें दशक में लघु उद्योगों से कॅरियर की शुरुआत करने के बाद कुछ अत्याधुनिक और विशिष्ट गैर-सरकारी और सरकारी संस्थानों में तकनीकी और प्रबंधन के प्रशिक्षण में कार्यरत रहते हुए उन्होंने कहानियाँ और रिपोर्ताज तो लिखे ही, विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित कॉलम लेखन भी किया। फिर अकस्मात् साहित्यिक पत्रकारिता में आ गए। पहली कहानी ‘शिफ्ट’ ‘कहानी’ पत्रिका में प्रकाशित हुई। उसके बाद साप्ताहिक हिंदुस्तान, धर्मयुग, सारिका, कहानी, रविवार आदि पत्रिकाओं में कहानियाँ, धारावाहिक उपन्यास, कथा-शृंखलाएँ, रिपोर्ताज और कॉलम लेखन का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जो अपनी खास मंथर गति से अब तक जारी है। अभी तक राजेंद्र राव के बारह कथा संकलन, दो उपन्यास और कथेतर लेखन का एक संकलन प्रकाशित हुआ है। संप्रति दैनिक जागरण में साहित्य संपादक।

Rajendra Rao

Rajendra Rao

2 Books

Offers

Best Deal

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat.

whatsapp