Kuber Nath Rai

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हिन्दी के प्रख्यात निबन्धकार कुबेरनाथ राय का जन्म 26 मार्च 1933 को उत्तर-प्रदेश के गाजीपुर जिले के मतसौ ग्राम में हुआ। क्विंस कालेज तथा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी और कलकत्ता विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की। अपने सेवाकाल के आरम्भ में उन्होंने विक्रम विद्यालय, कोलकाता में अध्यापन किया। उसके बाद वे नलबारी, असम में अंग्रेजी के प्राध्यापक और सहजानन्द महाविद्यालय, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश के प्राचार्य रहे। प्रकाशित कृतियाँ : निबन्ध-प्रिया नीलकंठी, रस आखेटक, गंधमादन, निषाद बांसुरी, विषाद योग, पर्ण- मुकुट, महाकवि की तर्जनी, पत्र मणिपुतुल के नाम, मनपवन की नौका, किरात नदी में चन्द्रमधु, दृष्टि- अभिसार, त्रेता का वृहत्साम, कामधेनु, मराल, आगम की नाव, वाणी का क्षीरसागर, रामायण महातीर्थम, उत्तर कुरु, चिन्मय भारत, अन्धकार में अग्निशिखा, काव्य- कंथामणि, अन्य पुनर्जागरण का अंतिम शलाका पुरुष : स्वामी सहजानंद सरस्वती। सम्मान : भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा मूर्तिदेवी पुरस्कार, 1992; आचार्य रामचन्द्र शुक्ल सम्मान, 1971, अभयानन्द पुरस्कार, 1982; आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी पुरस्कार, 1987; साहित्य भूषण सम्मान, 1995 से विभूषित । निधन: 5 जून 1996

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