Dr. Usha Rajender Pensiya
डॉ. उषा राजेंद्र पैंसिया—भारतीय परंपरा और संस्कारों के सबसे रहस्यमय और आश्चर्यजनक विज्ञान गर्भ संस्कार पर प्रस्तुत ग्रंथ ' दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान' लिखने वाली डॉ. उषा राजेंद्र पैंसिया का जन्म 25 मार्च, 1991 को हुआ। राजस्थान विश्वविद्यालय से 'परास्नातक (राजनीति विज्ञान में स्वर्ण पदक) करने के उपरांत इन्होंने 'भारत में धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार व पंथनिरपेक्षता : एक अध्ययन' पर शोध किया । इसके साथ ही राजस्थान सरकार में ही स्कूल व्याख्याता के रूप में कुछ समय तक कार्य करने के उपरांत त्यागपत्र दे दिया, ताकि अपने लेखन, शिक्षा, अध्यात्म एवं सामाजिक सरोकारों से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में संपूर्ण समय दे सकें। 'नित्य पूजा एवं चर्चा', 'माँ गीता दैनंदिनी' (गीता डायरी), 'मैं आगरा हूँ', 'उत्तिष्ठ शिक्षक-प्रतिष्ठ भारत ' इत्यादि पुस्तकें लिखने के साथ-साथ आपणो ट्रस्ट और श्री आपणो परिवार के माध्यम से भारतीय शिक्षा, संस्कार एवं संस्कृति से संबंधित विभिन्न सेवा-कार्यों को मूर्त रूप देने में संलग्न हैं।
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About Dr. Usha Rajender Pensiya
राजस्थान विश्वविद्यालय से 'परास्नातक (राजनीति विज्ञान में स्वर्ण पदक) करने के उपरांत इन्होंने 'भारत में धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार व पंथनिरपेक्षता : एक अध्ययन' पर शोध किया । इसके साथ ही राजस्थान सरकार में ही स्कूल व्याख्याता के रूप में कुछ समय तक कार्य करने के उपरांत त्यागपत्र दे दिया, ताकि अपने लेखन, शिक्षा, अध्यात्म एवं सामाजिक सरोकारों से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में संपूर्ण समय दे सकें।
'नित्य पूजा एवं चर्चा', 'माँ गीता दैनंदिनी' (गीता डायरी), 'मैं आगरा हूँ', 'उत्तिष्ठ शिक्षक-प्रतिष्ठ भारत ' इत्यादि पुस्तकें लिखने के साथ-साथ आपणो ट्रस्ट और श्री आपणो परिवार के माध्यम से भारतीय शिक्षा, संस्कार एवं संस्कृति से संबंधित विभिन्न सेवा-कार्यों को मूर्त रूप देने में संलग्न हैं।