Dr. Kapil Dev Panwar
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Books
‘Nishank’ Ke Sahitya Mein Lokatattv
- Author Name:
Dr. Kapil Dev Panwar
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Book Type:

- Description: रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का साहित्य उत्तराखंड का दर्पण जैसा लगता है। उसमें प्रतिबिंबित हुआ है—पर्वतीय अंचल का इतिहास-विकास, संपूर्ण प्रकृति परिदृश्य, जन-जीवन के संस्कार, पर्व-त्योहार, आचार-विचार, व्यवहार, खान-पान, पहनावा, रहन-सहन, परंपराएँ, रीति-रिवाज अर्थात् संपूर्ण आंचलिक वैशिष्ट्य। कपिल देव पंवार ने लेखक ‘निशंक’ की कथा-कृतियों में अंकित घटनाओं और पात्रों के माध्यम से हिमालयी संस्कृति संधी एक सकारात्मक संदेश दूर-दूर तक पहुँचाया है। —प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित (सभापति, हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग) श्री निशंक के कथा-साहित्य में लोक तत्त्वों की प्रधानता ही उनके कथा साहित्य का प्राणतत्त्व है, जिसके माध्यम से उत्तराखंड की समग्र संस्कृति, जीवन मूल्य, सामाजिक विसंगतियाँ, सामाजिक, परिवर्तन, स्त्री की वर्तमान स्थिति जैसे अनेक सामाजिक सरोकार पाठक की समूची चेतना पर अपना प्रभाव डालते हैं। यह कार्य लेखक की साहित्यिक मात्रा एवं रचना धर्मिता के विभिन्न सोपानों को उजागर करता है, जिसमें श्री निशंक के साहित्यिक अवदान व उसके महत्त्व से पाठक भली-भाँति परिचित हो सकता है। —प्रो. योजना रावत (हिंदी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़)