Prabhu Joshi
जन्म : 12 दिसम्बर, 1950 को देवास (म.प्र.) के गाँव पीपलरावाँ में। जीवविज्ञान में स्नातक तथा रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर अध्ययन के उपरान्त अंग्रेज़ी साहित्य में भी प्रथम श्रेणी में एम.ए.। अंग्रेज़ी को कविता के ‘स्ट्रक्चरल ग्रामर’ पर विशेष अध्ययन। पहली कहानी 1973 में 'धर्मयुग’ में प्रकाशित। ‘किस हाथ से’, ‘प्रभु जोशी की लम्बी कहानियाँ’ तथा ‘उत्तम पुरुष’ शीर्षक से तीन कथा-संग्रह। ‘नई दुनिया’ के सम्पादकीय तथा फ़ीचर पृष्ठों का पाँच वर्षों तक सम्पादन। ‘धर्मयुग’, ‘सारिका’, ‘साप्ताहिक हिन्दुस्तान’, ‘पहल’, ‘पूर्वग्रह’, ‘साक्षात्कार’, ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’, ‘संडे आब्ज़र्वर’, ‘फ़्री प्रेस जर्नल’, ‘आर्ट वर्ल्ड’, ‘विज़न’, ‘नेटवर्क’ आदि पत्र-पत्रिकाओं में हिन्दी तथा अंग्रेज़ी में, लेखों, टिप्पणियों तथा कहानियों का प्रकाशन। चित्रकारी बचपन से। जलरंग में विशेष रुचि। लिंसिस्टोन तथा हरबर्ट गैलरीज, ऑस्ट्रेलिया के त्रिनाले में चित्र प्रदर्शित। गैलरी-फ़ॉर कैलिफ़ोर्निया (यू.एस.ए.) का जलरंग हेतु ढाई हज़ार डॉलर का पुरस्कार तथा ‘थामसमोरान अवॉर्ड’। ट्वेंटी फ़र्स्ट सेन्चुरी गैलरी, न्यूयॉर्क के टॉप सेवेंटी में शामिल। भारत भवन का चित्रकला तथा म.प्र. साहित्य परिषद का कथा-कहानी के लिए ‘अखिल भारतीय सम्मान’। साहित्य के लिए म.प्र. संस्कृति विभाग द्वारा ‘गजानन माधव मुक्तिबोध फ़ेलोशिप’। बर्लिन में सम्पन्न जनसंचार की अन्तरराष्ट्रीय स्पर्धा में 'ऑफ्टर ऑल हाउ लांग’ रेडियो कार्यक्रम को जूरी का विशेष पुरस्कार। धूमिल, मुक्तिबोध, सल्वाडोर डाली, पिकासो, कुमार गन्धर्व तथा उस्ताद अमीर ख़ाँ पर केन्द्रित रेडियो कार्यक्रमों को आकाशवाणी के ‘राष्ट्रीय पुरस्कार’। संगीत तथा चित्रकला पर विशेष लेखन। 'इम्पैक्ट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ऑन ट्रायबल सोसाइटी’ विषय पर किए गए अध्ययन को ऑडियंस रिसर्च विंग का राष्ट्रीय पुरस्कार। दूरदर्शन में रहते हुए इंडियन क्लासिक्स शृंखला में तीन टेलीफ़िल्मों का निर्माण। 'दो कलाकार’ नामक टेलीफ़िल्म एशिया पेसिफ़िक स्पर्द्धा में भारत की तरफ़ से एकमात्र प्रविष्टि की तरह प्रेषित।
Prabhu Joshi
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About Prabhu Joshi
जीवविज्ञान में स्नातक तथा रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर अध्ययन के उपरान्त अंग्रेज़ी साहित्य में भी प्रथम श्रेणी में एम.ए.। अंग्रेज़ी को कविता के ‘स्ट्रक्चरल ग्रामर’ पर विशेष अध्ययन।
पहली कहानी 1973 में 'धर्मयुग’ में प्रकाशित। ‘किस हाथ से’, ‘प्रभु जोशी की लम्बी कहानियाँ’ तथा ‘उत्तम पुरुष’ शीर्षक से तीन कथा-संग्रह। ‘नई दुनिया’ के सम्पादकीय तथा फ़ीचर पृष्ठों का पाँच वर्षों तक सम्पादन। ‘धर्मयुग’, ‘सारिका’, ‘साप्ताहिक हिन्दुस्तान’, ‘पहल’, ‘पूर्वग्रह’, ‘साक्षात्कार’, ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’, ‘संडे आब्ज़र्वर’, ‘फ़्री प्रेस जर्नल’, ‘आर्ट वर्ल्ड’, ‘विज़न’, ‘नेटवर्क’ आदि पत्र-पत्रिकाओं में हिन्दी तथा अंग्रेज़ी में, लेखों, टिप्पणियों तथा कहानियों का प्रकाशन।
चित्रकारी बचपन से। जलरंग में विशेष रुचि। लिंसिस्टोन तथा हरबर्ट गैलरीज, ऑस्ट्रेलिया के त्रिनाले में चित्र प्रदर्शित। गैलरी-फ़ॉर कैलिफ़ोर्निया (यू.एस.ए.) का जलरंग हेतु ढाई हज़ार डॉलर का पुरस्कार तथा ‘थामसमोरान अवॉर्ड’। ट्वेंटी फ़र्स्ट सेन्चुरी गैलरी, न्यूयॉर्क के टॉप सेवेंटी में शामिल। भारत भवन का चित्रकला तथा म.प्र. साहित्य परिषद का कथा-कहानी के लिए ‘अखिल भारतीय सम्मान’। साहित्य के लिए म.प्र. संस्कृति विभाग द्वारा ‘गजानन माधव मुक्तिबोध फ़ेलोशिप’। बर्लिन में सम्पन्न जनसंचार की अन्तरराष्ट्रीय स्पर्धा में 'ऑफ्टर ऑल हाउ लांग’ रेडियो कार्यक्रम को जूरी का विशेष पुरस्कार। धूमिल, मुक्तिबोध, सल्वाडोर डाली, पिकासो, कुमार गन्धर्व तथा उस्ताद अमीर ख़ाँ पर केन्द्रित रेडियो कार्यक्रमों को आकाशवाणी के ‘राष्ट्रीय पुरस्कार’। संगीत तथा चित्रकला पर विशेष लेखन। 'इम्पैक्ट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ऑन ट्रायबल सोसाइटी’ विषय पर किए गए अध्ययन को ऑडियंस रिसर्च विंग का राष्ट्रीय पुरस्कार। दूरदर्शन में रहते हुए इंडियन क्लासिक्स शृंखला में तीन टेलीफ़िल्मों का निर्माण। 'दो कलाकार’ नामक टेलीफ़िल्म एशिया पेसिफ़िक स्पर्द्धा में भारत की तरफ़ से एकमात्र प्रविष्टि की तरह प्रेषित।