Munshi Premchand
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Books
Godan | गोदान
- Author Name:
Munshi Premchand
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Book Type:

- Description: गोदान' स्वंत्रतापूर्व भारतीय ग्रामीण जीवन का विश्वसनीय और सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है। जमींदारी, साहूकारी और धार्मिक-सामाजिक दबाव कैसे छोटे और मझोले किसानों को कुचलकर नेस्तोनाबूद करते हैं, यह प्रेमचंद ने अपने इस उपन्यास में बड़ी सच्चाई से दर्ज किया है। इस उपन्यास में जहाँ कथित उच्च वर्ग के खोखले और निर्मम स्वरूप को उघाड़कर रख दिया गया है वहीं विधवा-विवाह और जाति समस्या पर भी विचारोत्तेजक बहसें हैं। उपन्यास के स्त्री पात्रों के विकासक्रम को देखें तो प्रेमचंद अपने युग के प्रमुख स्त्रीवादी कथाकार ठहरते हैं। कथानायक होरी अपने जटिल जीवन के बीच से, एक गाय पाल लेने का अधूरा स्वप्न लिये-लिये विदा हो जाता है। यह इस उपन्यास की प्रमुख कथा है। इससे जुड़ी हुई अनेक उपकथाएँ हैं, जो मूल कथा जितनी ही महत्त्वपूर्ण हैं, इसलिए 'गोदान' आज भी गंभीरता से पढ़े जाने की माँग करता है।
Godan | गोदान
Munshi Premchand
Veer Durgadas
- Author Name:
Munshi Premchand
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Book Type:

- Description: राजपूताना में बड़े-बड़े शूर-वीर हो गये हैं। उस मरुभूमि ने कितने ही रत्नों को जन्म दिया है, पर वीर दुर्गादास अपने अनुपम आत्म-त्याग, अपनी निःस्वार्थ सेवा-भक्ति और अपने उज्ज्वल चरित्र के लिए कोहनूर के समान हैं। औरों में शौर्य के साथ कहीं-कहीं हिंसा और द्वेष का भाव भी पाया जाएगा, कीर्ति का मोह भी होगा, अभिमान भी होगा, पर दुर्गादास शूर होकर भी साधु पुरुष थे ।
Veer Durgadas
Munshi Premchand
Ramcharcha
- Author Name:
Munshi Premchand
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Book Type:

- Description: भगवान श्री राम की कथा बहुत पुरानी है और इसे बहुत से लोगों ने बहुत तरीक़े से कहा है। एक तरीका महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का है और यह तरीका उन्होंने बच्चों के लिए विकसित किया है। उनके कहने का तरीका इतना सरल, कौतुकपूर्ण और जीवंत है कि जो लोग यह कथा जानते हैं, उन्हें भी पढ़ने में रस मिलेगा। मुंशी प्रेमचंद रामकथा के उन मार्मिक स्थलों को पहचानते हैं जो बच्चों के लिए रुचिकर और श्रेयस्कर दोनों हैं। लेकिन पढ़ते हुए यह ध्यान रखना ज़रूरी हैकि यह इतिहास या महाकाव्य नहीं, उपन्यास है।
Ramcharcha
Munshi Premchand
Sadabahar Kahaniyan : Munshi Premchand
- Author Name:
Munshi Premchand
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Book Type:

- Description: मुंशी प्रेमचंद 1880-1936 प्रेमचंद हिंदी के विश्वप्रसिद्ध लेखक हैं। उनके उपन्यास- सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, निर्मला, ग़बन, कर्मभूमि, गोदान - भारतीय जन-जीवन का आईना और विश्वसाहित्य की अमूल्य निधियाँ हैं। उन्होंने हिंदी कहानी व उपन्यास को मनोरंजन और निरी उपदेशात्मकता से निकालकर सार्थक सामाजिक आधार दिया। उन्होंने अपने सम्पादन, सामायिक टिप्पणियों और वक्तव्यों के ज़रिए भी समाज को संस्कारित करने की कोशिश की। इस संकलन में उनकी शुरुआती कहानियों से लेकर अन्तिम कहानी - कफ़न तक को संकलित किया गया। इसमें उनकी हर तरह की कहानियाँ हैं। आशा है यह संकलन आपको पसंद आएगा ।
Sadabahar Kahaniyan : Munshi Premchand
Munshi Premchand
Munshi Premchand ki Baal Kahaniyan
- Author Name:
Munshi Premchand
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Book Type:

- Description: मुंशी प्रेमचंद की बाल कहानियाँ झूरी के दोनों बैल- हीरा और मोती, बड़े मेहनती, आज़ाद ख़याल और स्वाभिमानी थे। गया गुल्ली-डंडा के खेल में तब तक हारता है जब तक खेलता नहीं। खेलने लगता है तो लोग दाँतों तले ऊँगली दबा लेते हैं। राजा का हाथी पागल नहीं था, उसे प्रेम, सम्मान और आज़ादी चाहिए। कल्लू कुत्ता तो कमाल है। ईदगाह का हामिद अपने चिमटे के साथ कहानियों का अमर किरदार है। मिट्टू एक बन्दर का नाम है, जो अपनी बुद्धिमत्ता से सबका दिल जीत लेता है।
Munshi Premchand ki Baal Kahaniyan
Munshi Premchand
Kutte ki Kahani
- Author Name:
Munshi Premchand
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Book Type:

- Description: कुत्ते की कहानी मुंशी प्रेमचंद कल्लू कुत्ते के आश्चर्यजनक कारनामों की अनोखी कहानी। वह अपने संघर्ष, साहस, और चतुराई से अनेक बार लोगों की जान बचाता है। वह एक भाड़ में पैदा हुआ था। पंडित के याहाँ पला था लेकिन ब्रिटेन तक घूम आया। अख़बारों में उसकी ख़बरें छपती रहीं। फिर वह अपने उसी गाँव में लौट आया, जहाँ पैदा हुआ था। इसमें हास्य है, खौफ़ है, रोमांच है और जीवन के लिए ज़रूरी सीख भी।
Kutte ki Kahani
Munshi Premchand
Jungle ki Kahaniyan
- Author Name:
Munshi Premchand
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Book Type:

- Description: जंगल की कहानियाँ - आपने सर्प मणि के बारे में ज़रूर सुना होगा लेकिन यह कहानी उससे ज्यादा मज़ेदार लगेगी। एक भालू ने अपने मालिक और कारिंदे की जान बचायी ।