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Vinod Bhardwaj

Vinod Bhardwaj Author

art-and-design · hindi

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About Vinod Bhardwaj

विनोद भारद्वाज जन्म : 1948 लखनऊ में। विनोद भारद्वाज ने लखनऊ विश्वविद्यालय से 1971 में मनोविज्ञान में एम.ए. के बाद टाइम्स ऑफ़ इंडिया के हिन्दी प्रकाशनों में पत्रकारिता शुरू की। वहाँ 25 सालों की नौकरी में धर्मयुग, दिनमान और नवभारत टाइम्स सरीखे प्रकाशनों में फ़िल्म, कला, संस्कृति, साहित्य आदि पर नियमित लिखा। 1967-69 में कविता-कला की लघु पत्रिका ‘आरम्भ’ का सम्पादन किया। 1981 में उन्हें कविता के लिए भारतभूषण अग्रवाल स्मृति पुरस्कार और सर्जनात्मक लेखन के लिए प्रतिष्ठित संस्कृति पुरस्कार मिला। 1989 में उन्हें लेनिनग्राद (तत्कालीन सोवियत संघ) के पहले अन्तरराष्ट्रीय ग़ैर कथा फ़िल्म महोत्सव की ज्यूरी का सदस्य चुना गया। ‘जलता मकान’, ‘होशियारपुर’ (कविता-संग्रह); ‘नया सिनेमा’, ‘समय और सिनेमा’, ‘सिनेमा : कल, आज, कल’ (फ़िल्म पर पुस्तकें); ‘समकालीन भारतीय कला : एक अन्तरंग अध्ययन’, ‘कला के सवाल’, ‘कला-चित्रकला’, ‘वृहद आधुनिक कला कोश’, ‘रामचन्द्रन कला संसार’ (कला पर पुस्तकें); ‘चितेरी’ (कहानी-संग्रह); ‘समय सच्चाई और सपने’ (टिप्पणियाँ और स्तम्भ) और ‘संस्कृति संवाद’ (भेंटवार्ताएँ) आदि विनोद भारद्वाज के प्रमुख प्रकाशन हैं। धूमीमल गैलरी के सूजा के विशाल संग्रह के कैटलॉग (अंग्रेज़ी) का उन्होंने सम्पादन भी किया है। राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय, विदेश मंत्रालय, यू.जी.सी., दूरदर्शन और धलिमल गैलरी आदि के लिए वह तीस से अधिक कला फ़िल्मों के सब्जेक्ट एक्सपर्ट रह चुके हैं। ललित कला अकादेमी की स्वर्ण जयन्ती के अवसर पर उन्होंने ‘आर्ट इन सिनेमा’ नाम के चर्चित कार्यक्रम को क्यूरेट किया, ‘समकालीन कला’ के दो अंकों का अतिथि सम्पादन किया और ‘कलाएँ आसपास’ पुस्तक का सम्पादन किया।
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