Maitriye Devi
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बांग्ला की लब्धप्रतिष्ठ कवयित्री, कथा-लेखिका तथा रवीन्द्र-साहित्य की मर्मज्ञ मैत्रेयी देवी का जन्म 1 सितम्बर, 1914 में कलकत्ता में हुआ। कवीन्द्र-रवीन्द्र ने लेखिका को उसकी किशोरावस्था में ही स्वयं साहित्य की शिक्षा दी और 16 वर्ष की आयु में कवयित्री के प्रथम कविता-संग्रह ‘उदिता’ की भूमिका भी लिखी। मैत्रेयी देवी ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर पर छह ग्रन्थों का प्रणयन किया है। वे समाज-सेवा एवं शान्ति के लिए कार्यरत रहीं तथा ‘साम्प्रदायिक सौहार्द प्रोत्साहक समिति’ की संस्थापिका थीं। कलकत्ता में अनाथ बालकों की एक पाठशाला का संचालन भी करती रहीं। निधन : 29 जनवरी, 1989
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About Maitriye Devi
बांग्ला की लब्धप्रतिष्ठ कवयित्री, कथा-लेखिका तथा रवीन्द्र-साहित्य की मर्मज्ञ मैत्रेयी देवी का जन्म
1 सितम्बर, 1914 में कलकत्ता में हुआ। कवीन्द्र-रवीन्द्र ने लेखिका को उसकी किशोरावस्था में ही स्वयं साहित्य की शिक्षा दी और 16 वर्ष की आयु में कवयित्री के प्रथम कविता-संग्रह ‘उदिता’ की भूमिका भी लिखी।
मैत्रेयी देवी ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर पर छह ग्रन्थों का प्रणयन किया है। वे समाज-सेवा एवं शान्ति के लिए कार्यरत रहीं तथा ‘साम्प्रदायिक सौहार्द प्रोत्साहक समिति’ की संस्थापिका थीं।
कलकत्ता में अनाथ बालकों की एक पाठशाला का संचालन भी करती रहीं।
निधन : 29 जनवरी, 1989
1 सितम्बर, 1914 में कलकत्ता में हुआ। कवीन्द्र-रवीन्द्र ने लेखिका को उसकी किशोरावस्था में ही स्वयं साहित्य की शिक्षा दी और 16 वर्ष की आयु में कवयित्री के प्रथम कविता-संग्रह ‘उदिता’ की भूमिका भी लिखी।
मैत्रेयी देवी ने रवीन्द्रनाथ ठाकुर पर छह ग्रन्थों का प्रणयन किया है। वे समाज-सेवा एवं शान्ति के लिए कार्यरत रहीं तथा ‘साम्प्रदायिक सौहार्द प्रोत्साहक समिति’ की संस्थापिका थीं।
कलकत्ता में अनाथ बालकों की एक पाठशाला का संचालन भी करती रहीं।
निधन : 29 जनवरी, 1989