John Stuart Mill

John Stuart Mill

1 Books
0 Rating
0 Follow

जन्म : 20 मई, 1806; पेंटनविले, लन्दन। मृत्यु : 8 मई, 1873; एविन्यॉन (फ़्रांस) जॉन स्टुअर्ट मिल प्रख्यात ब्रिटिश इतिहासकार, दार्शनिक और अर्थशास्त्री जेम्स मिल के पुत्र थे और दर्शन एवं अर्थशास्त्र में उन्हीं की विचार-परम्परा को कुछ रैडिकल-सुधारवादी ढंग से आगे विकसित करनेवाले योग्य शिष्य भी। उनका प्रारम्भिक वैचारिक प्रशिक्षण पिता के मार्गदर्शन में हुआ था। पिता के ही माध्यम से वे बेन्थम, ह्यूम, बर्कले और हार्टले के दर्शन, राजनीतिक अर्थशास्त्र से प्रभावित हुए। कोम्त द्वारा स्त्रियों की सामाजिक-घरेलू दासता के जैविक-समाजशास्त्रीय आधार पर औचित्य-प्रतिपादन के ठीक विपरीत मिल ने स्त्रियों को पुरुषों के समान सामाजिक-राजनीतिक अधिकार देने की पुरज़ोर और तर्कपूर्ण वकालत की। ‘हाउस ऑफ़ कॉमन्स' की सदस्यता के दौरान मिल ने 1867 में स्त्रियों को मताधिकार देने का प्रस्ताव रखा था जो पारित नहीं हुआ। इसके तुरन्त बाद उसी वर्ष श्रीमती पी.ए. टेलर, एमिली डेवीज आदि के साथ मिलकर पहली ‘स्त्री मताधिकार सोसाइटी’ की स्थापना भी मिल ने ही की थी। इसके बाद जल्दी ही यह एक देशव्यापी लहर बन गई। अपनी पुस्तक ‘स्त्रियों की पराधीनता’ मिल 1861 में ही लिख चुके थे, लेकिन वह 1869 में पहली बार प्रकाशित हुई। प्रकाशित होते ही यह पुस्तक व्यापक चर्चा और विवाद का विषय बन गई और कुछ ही वर्षों के भीतर पूरे यूरोप के पैमाने पर स्त्री-आन्दोलन को एक नया संवेग देने में इसने सफलता हासिल की।

John Stuart Mill

John Stuart Mill

1 Books

Offers

Best Deal

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat.

whatsapp