Firaq Gorakhpuri
जन्म : 28 अगस्त, 1896 को गोरखपुर के एक कायस्थ परिवार में। शिक्षा : गोरखपुर और इलाहाबाद में। अंग्रेज़ी साहित्य से एम.ए.। इंडियन सिविल सर्विस तथा प्रोविंसियल सिविल सर्विस हेतु सरकार द्वारा चुने गए। कुछ समय पश्चात् इस्तीफ़ा दे दिया और महात्मा गांधी द्वारा ब्रिटिश गवर्नमेंट के ख़िलाफ़ भारत की आज़ादी के लिए शुरू किए गए असहयोग आन्दोलन में सम्मिलित हुए। 1930 से 1958 तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग में प्राध्यापक रहे। सन् 1959 से 1962 तक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रिसर्च प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यरत। सन् 1970 में साहित्य अकादेमी के सम्मानित सदस्य (फ़ेलो) मनोनीत। पुरस्कार : कॉलेज में शिक्षा प्राप्ति के दौरान ‘गोखले पदक’, ‘रानडे पदक’, ‘सशादरी पदक’, सन् 1961 में ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, सन् 1968 में ‘सोवियत लैंड पुरस्कार’, सन् 1968 में ही राष्ट्रपति द्वारा ‘पद्मभूषण’ उपाधि तथा 1970 में ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित। निधन : 3 मार्च, 1982 को नई दिल्ली में।
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About Firaq Gorakhpuri
शिक्षा : गोरखपुर और इलाहाबाद में। अंग्रेज़ी साहित्य से एम.ए.।
इंडियन सिविल सर्विस तथा प्रोविंसियल सिविल सर्विस हेतु सरकार द्वारा चुने गए। कुछ समय पश्चात् इस्तीफ़ा दे दिया और महात्मा गांधी द्वारा ब्रिटिश गवर्नमेंट के ख़िलाफ़ भारत
की आज़ादी के लिए शुरू किए गए असहयोग आन्दोलन में सम्मिलित हुए। 1930 से 1958 तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग में प्राध्यापक रहे। सन् 1959 से 1962 तक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रिसर्च प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यरत।
सन् 1970 में साहित्य अकादेमी के सम्मानित सदस्य (फ़ेलो) मनोनीत।
पुरस्कार : कॉलेज में शिक्षा प्राप्ति के दौरान ‘गोखले पदक’, ‘रानडे पदक’, ‘सशादरी पदक’, सन् 1961 में ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’, सन् 1968 में ‘सोवियत लैंड पुरस्कार’, सन् 1968 में ही राष्ट्रपति द्वारा ‘पद्मभूषण’ उपाधि तथा 1970 में ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित।
निधन : 3 मार्च, 1982 को नई दिल्ली में।