🇮🇳 India’s home-grown full-stack ecosystem for Publishers, Authors, Writers, and Readers. 🎊🎊 Celebrate Your Language, Authors from Your Own Land, with Rachnaye!!! 🎊🎊 Enjoy 🎧 Audiobooks at Rachnaye, download the Rachnaye App from Play Store or App Store
Bharatbhushan Agrawal

Bharatbhushan Agrawal Author

poetry · hindi

0 Followers
0 Rating
2 Books
Rate

About Bharatbhushan Agrawal

भारतभूषण अग्रवाल जन्म : 3 अगस्त, 1919 (तुलसी जयंती); मथुरा। शिक्षा : आगरा विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी में एम.ए. (1941) | दिल्ली विश्वविद्यालयसे हिन्दी में पीएच.डी. (1968)। कार्य : ‘समाज सेवक’ (कलकत्ता) के सम्‍पादक (1941-42); कलकत्ता तथा हाथरस के व्यावसायिक-औद्योगिक संस्थानों में उच्च पदस्थ कर्मचारी (1942-47); कुछ दिन 'प्रतीक' (इलाहाबाद) में रहने के बाद आकाशवाणी के कार्यक्रम अधिकारी (1948-59); साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली में उप-सचिव (1960-74); उच्चतरअध्ययन संस्थान, शिमला में विजिटिंग फ़ेलो (1975)। प्रमुख कृतियाँ : कविता-संग्रह—‘छवि के बन्धन’ (1941), ‘जागते रहो’ (1942), ‘तारसप्तक’ (सहयोगी संकलन, 1943), ‘मुक्ति मार्ग’ (1947), ‘ओ अप्रस्तुत मन’ (1958), ‘काग़ज़ के फूल’ (तुक्तक, 1963), ‘अनुपस्थित लोग’ (1965), ‘एक उठा हुआ हाथ’ (1970), ‘उतना वह सूरज है’ (1977), ‘बहुत बाक़ी है’ (1978); नाटक—‘पलायन’ (1942), ‘सेतुबन्धन’ (1955), ‘और खाई बढ़ती गई' (1956), ‘अग्नि-लीक' (1976), ‘पलायन’ (1982), ‘युग-युग या पाँच मिनट’ (1983); आलोचना—‘प्रसंगवश’ (1970), ‘हिन्दी उपन्यासों पर पाश्चात्य प्रभाव’ (शोध-प्रबन्ध, 1971), ‘कवि की दृष्टि’ (1978); ललित निबन्ध—‘लीक-अलीक’ (1980); उपन्यास—‘लौटती लहरों की बाँसुरी’ (1964); कहानी—'आधे-आधे जिस्म' (1978); बाल साहित्य—'किसने फल खिलाए' (1956), ‘भाषा ज्ञान’ (1964), ‘मेरे खिलौने’ (1980)। निधन : 23 जून, 1975 (कबीर जयंती); शिमला।
Pratinidhi Kavitayen : Bharatbhushan Agrawal
Best known for Pratinidhi Kavitayen : Bharatbhushan Agrawal

Rajkamal Prakashan Samuh · hindi · poetry

₹159 ₹199
Buy now

Books by Bharatbhushan Agrawal

Offers

Loading offers…

whatsapp