Ratinath Ki Chachi
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हिन्दी उपन्यास में लोकोन्मुखी रचनाशीलता की जिस परम्परा की शुरुआत प्रेमचन्द ने की थी, उसे पुष्ट करनेवालों में नागार्जुन अग्रणी हैं। ‘रतिनाथ की चाची’ उनका पहला हिन्दी उपन्यास है। सर्वप्रथम इसका प्रकाशन 1948 में हुआ था। इसके बाद उनके कुल बारह उपन्यास आए। सब में दलितों-वंचितों-शोषितों की कथा है। ‘रतिनाथ की चाची’ जैसे चरित्रों से आरम्भ हुई यात्रा में बिसेसरी, उगनी, इन्दिरा, चम्पा, गरीबदास, लक्ष्मणदास, बलचनमा, भोला जैसे चरित्र जुड़ते गए। उनके उपन्यास में नारी-चरित्रों को मिली प्रमुखता ‘रतिनाथ की चाची’ की ही कड़ी है। इसीलिए इस कृति का ऐतिहासिक महत्त्व है।</p> <p>‘रतिनाथ की चाची’ विधवा है। देवर से प्रेम के चलते गर्भवती हुई तो मिथिला के पिछड़े सामन्ती समाज में हलचल मच गई। गर्भपात के बाद तिल-तिल कर वह मरी। यह उपन्यास हिन्दी का गौरव है।
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हिन्दी उपन्यास में लोकोन्मुखी रचनाशीलता की जिस परम्परा की शुरुआत प्रेमचन्द ने की थी, उसे पुष्ट करनेवालों में नागार्जुन अग्रणी हैं। ‘रतिनाथ की चाची’ उनका पहला हिन्दी उपन्यास है। सर्वप्रथम इसका प्रकाशन 1948 में हुआ था। इसके बाद उनके कुल बारह उपन्यास आए। सब में दलितों-वंचितों-शोषितों की कथा है। ‘रतिनाथ की चाची’ जैसे चरित्रों से आरम्भ हुई यात्रा में बिसेसरी, उगनी, इन्दिरा, चम्पा, गरीबदास, लक्ष्मणदास, बलचनमा, भोला जैसे चरित्र जुड़ते गए। उनके उपन्यास में नारी-चरित्रों को मिली प्रमुखता ‘रतिनाथ की चाची’ की ही कड़ी है। इसीलिए इस कृति का ऐतिहासिक महत्त्व है।</p>
<p>‘रतिनाथ की चाची’ विधवा है। देवर से प्रेम के चलते गर्भवती हुई तो मिथिला के पिछड़े सामन्ती समाज में हलचल मच गई। गर्भपात के बाद तिल-तिल कर वह मरी। यह उपन्यास हिन्दी का गौरव है।
Book Details
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ISBN9788171787876
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Pages160
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Avg Reading Time5 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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- Description: आते हैं और आते रहेंगे- हर साल ये फाल्गुन की हवाऐं जेठ की दुपहरी आषाढ के बादल भाद्र की फुहार और काँपती-कँपकँपाती पूस की पछिया बयार... हर बार एक परदेसी कोई आएगा, लौटकर अपने देस; झांकेगा, ताकेगा, हर गली-हर मुहल्ला लिए, दबाए, छाती में हूक एक... हर साल, हर बार जो आएगा, झांकता जाएगा, थोड़ा घबराकर, थोड़ा ठहरकर, सरसरी निगाहों से या कि संग लंबी आहों के ये राहें ...ये चौराहे, आ बैठेगा फिर कोई हर साल, हर बार मन के आंगन में ... चुप...चुप...चुप... एक अनकहा आश्वासन देंगे वो, पाएंगे हम ,थामे रखना! आऐंगे ही हम बाँटने ये सब-कुछ हर साल-हर बार.....
Little Women
- Author Name:
Louisa May Alcott
- Book Type:

- Description: Little Women was written at Orchard House from May to July 1868. The story is based on the lives of March sisters that are radically different from each other and their passage from childhood to womanhood. They are guided by their mother who raises them alone while her husband is off doing his part in the Civil War. Their love for their mother and father, their love for adventure and for each other unites them in this troubled time. The novel explores timeless themes as love and death, war and peace, the conflict between personal ambition and family responsibilities, and the clash of cultures between Europe and America.
Mrityu Aur Hansi
- Author Name:
Pradeep Awasthi
- Book Type:

-
Description:
किताब के बारे में
पति राघव के विवाहेत्तर सम्बन्धों से व्यथित वृंदा कुछ अपने असहाय अकेलेपन और कुछ प्रतिशोध में अपने से छोटे कुणाल के प्रेम में पड़ जाती है। कुणाल जो ख़ुद अभी-अभी हुए ब्रेकअप के बाद भावनात्मक ट्रांस में है। कुछ समय बाद जब चीज़ें निर्णायक मोड़ लेने लगती हैं तब दुख का जो आत्मघाती बोध मासूम बच्चे, ख़ासतौर से राघव और वृंदा का बड़ा बेटा अंश, झेल रहे थे, पहाड़ की तरह टूटकर सबके ऊपर आ पड़ता है।
एक सुसम्पादित फ़िल्म की तरह सजीव दृश्यों, संवादों और वातावरण की सूक्ष्म रेखाओं से बुना यह उपन्यास जो सबसे पहले करता है, वह प्रेम के इर्द-गिर्द लिपटे इस दुख और पीड़ा को हम तक पहुँचाना है। साथ ही हमें चेताता भी चलता है कि यह दुख हमारी नियति के साथ बँधा है, इसका उपचार नहीं है। यह हमारे होने की जद्दोजहद का हिस्सा है। बस कोशिश यह रहे कि हम उसे ईमानदारी से निबाहें; कपट, चालाकी और मौक़ापरस्ती का अवकाश न प्यार में है, न पीड़ा में।
Chhoti Si Shuruat
- Author Name:
Bhairavprasad Gupt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
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