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Jenny Meharban Singh

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भारतीय मूल के प्रवासी मेहरबान सिंह और उनकी पत्नी लिज़ा की इकलौती सन्तान सुनहरी बालों वाली जैनी पूर्व और पश्चिम, देश और विदेश के दोरंगी सम्मिश्रण की अनोखी तस्वीर है। चुलबुली मनमौजी, समझदार और गम्भीर एक साथ। ‘जैनी मेहरबान सिंह’ ज़िन्दगी के रोमांस, उत्साह, उमंग और उजास की पटकथा है जिसे कृष्णा सोबती ने गुनगुनी सादगी से प्रस्तुत किया है। वैन्कूवर से दूर पिछवाड़े से झाँकते हैं एक-दूसरे के वैरी दो गाँव पट्टीवाल और अट्टारीवाल। एक-दूसरे को तरेरते दो कुनबों के बीच पड़ी गहरी दरारें, जान लेनेवाली दुश्मनियाँ और मरने-मारने की क़समें! ऐसे में मेहरबान सिंह और साहिब कौर की अल्हड़ मुहब्बत कैसे परवान चढ़ती! मेहरबान सिंह ने अपनी मुहब्बत की ख़ातिर जान बख़्श देने की दोस्ती निभाई और गाँव को पीठ दे कनाडा जा बसे। नए मुल्क में नई ज़िन्दगी चल निकली। लिज़ा को ख़ूब तो प्यार दिया, जैनी को भरपूर लाड़-चाव, फिर भी दिल से लगी साहिब कौर की छवि मद्धम न पड़ी.. इसके बाद की चलचित्री कहानी क्या मोड़ लेती है— पढ़कर देखिए ‘जैनी मेहरबान सिंह’।

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भारतीय मूल के प्रवासी मेहरबान सिंह और उनकी पत्नी लिज़ा की इकलौती सन्तान सुनहरी बालों वाली जैनी पूर्व और पश्चिम, देश और विदेश के दोरंगी सम्मिश्रण की अनोखी तस्वीर है। चुलबुली मनमौजी, समझदार और गम्भीर एक साथ।

‘जैनी मेहरबान सिंह’ ज़िन्दगी के रोमांस, उत्साह, उमंग और उजास की पटकथा है जिसे कृष्णा सोबती ने गुनगुनी सादगी से प्रस्तुत किया है।

वैन्कूवर से दूर पिछवाड़े से झाँकते हैं एक-दूसरे के वैरी दो गाँव पट्टीवाल और अट्टारीवाल। एक-दूसरे को तरेरते दो कुनबों के बीच पड़ी गहरी दरारें, जान लेनेवाली दुश्मनियाँ और मरने-मारने की क़समें! ऐसे में मेहरबान सिंह और साहिब कौर की अल्हड़ मुहब्बत कैसे परवान चढ़ती! मेहरबान सिंह ने अपनी मुहब्बत की ख़ातिर जान बख़्श देने की दोस्ती निभाई और गाँव को पीठ दे कनाडा जा बसे। नए मुल्क में नई ज़िन्दगी चल निकली। लिज़ा को ख़ूब तो प्यार दिया, जैनी को भरपूर लाड़-चाव, फिर भी दिल से लगी साहिब कौर की छवि मद्धम न पड़ी..

इसके बाद की चलचित्री कहानी क्या मोड़ लेती है— पढ़कर देखिए ‘जैनी मेहरबान सिंह’।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Paperback
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
2nd
Publication year
2009
Weight
146 grams
ISBN-13
9788126716821
Pages
132
Reading time
~4 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21.5 cm
Language
Hindi

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