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Mughal Kaleen Bharat (Babar)

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यह ग्रन्थ बाबर के हिन्दुस्तान के इतिहास से सम्बन्धित है। इस कारण कि काबुल की विजय के उपरान्त उसका हिन्दुस्तान से सम्पर्क प्रारम्भ हो गया था। 910 हि. से अन्त तक के पूरे ‘बाबरनामा’ का अनुवाद भाग ‘अ’ में प्रस्तुत किया जा रहा है, किन्तु बाबर के व्यक्तित्व को समझने के लिए उसकी प्रारम्भिक आत्मकथा का भी ज्ञान परमावश्यक है; अत: भाग ‘द’ में इसका भी अनुवाद कर दिया गया है। केवल कुछ थोड़े से ऐसे पृष्ठों का जो पूर्ण रूप से उज्बेगों के इतिहास से सम्बन्धित थे, अनुवाद नहीं किया गया है। ऐसे अंशों के विषय में उचित स्थान पर उल्लेख कर दिया गया है। भाग ‘ब’ में ‘नफ़ायसुल मआसिर’, गुलबदन बेगम के ‘हुमायूँनामा’, ‘अकबरनामा’ तथा ‘तबक़ाते अकबरी’ के बाबर से सम्बन्धित सभी पृष्ठों का अनुवाद प्रस्तुत किया गया है। बाबर को समझने के लिए अफ़ग़ानों के दृष्टिकोण का ज्ञान भी परमावश्यक है; अत: भाग ‘स’ में अफ़ग़ानों के इतिहास से सम्बन्धित ‘वाक़ेआते मुश्ताक़ी’, ‘तारीख़े दाऊदी’ तथा ‘तारीख़े शाही’ का अनुवाद प्रस्तुत किया गया है। परिशिष्ट में ‘हबीबुस् सियर’, ‘तारीख़े रशीदी’, ‘तारीख़े अलफ़ी’ तथा ‘तारीख़े सिन्ध’ के आवश्यक उद्धरणों का अनुवाद प्रस्तुत किया गया है। प्रोफ़ेसर रश ब्रुक विलियम्स द्वारा प्रसिद्धि-प्राप्त ‘एहसनुस् सियर’ नामक ग्रन्थ का मिथ्या-खंडन भी परिशिष्ट ही में किया गया है। बाबर के इतिहास के लिए उसकी आत्मकथा हमारी जानकारी का बड़ा ही महत्त्वपूर्ण साधन है। प्रस्तुत अनुवाद अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना द्वारा किए गए फ़ारसी भाषान्तर से किया गया है, किन्तु मूल तुर्की तथा मिसेज़ बेवरिज एवं ल्युकस किंग के अनुवादों से भी सहायता ली गई है। नाम तो सब के सब तुर्की ग्रन्थ से लिए गए हैं और उनके हिज्जे में तुर्की उच्चारण का ध्यान रखा गया है। उम्मीद है कि यह ग्रन्थ शोधार्थियों और जिज्ञासु पाठकों के लिए उपयोगी साबित होगा।

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यह ग्रन्थ बाबर के हिन्दुस्तान के इतिहास से सम्बन्धित है। इस कारण कि काबुल की विजय के उपरान्त उसका हिन्दुस्तान से सम्पर्क प्रारम्भ हो गया था। 910 हि. से अन्त तक के पूरे ‘बाबरनामा’ का अनुवाद भाग ‘अ’ में प्रस्तुत किया जा रहा है, किन्तु बाबर के व्यक्तित्व को समझने के लिए उसकी प्रारम्भिक आत्मकथा का भी ज्ञान परमावश्यक है; अत: भाग ‘द’ में इसका भी अनुवाद कर दिया गया है। केवल कुछ थोड़े से ऐसे पृष्ठों का जो पूर्ण रूप से उज्बेगों के इतिहास से सम्बन्धित थे, अनुवाद नहीं किया गया है। ऐसे अंशों के विषय में उचित स्थान पर उल्लेख कर दिया गया है। भाग ‘ब’ में ‘नफ़ायसुल मआसिर’, गुलबदन बेगम के ‘हुमायूँनामा’, ‘अकबरनामा’ तथा ‘तबक़ाते अकबरी’ के बाबर से सम्बन्धित सभी पृष्ठों का अनुवाद प्रस्तुत किया गया है। बाबर को समझने के लिए अफ़ग़ानों के दृष्टिकोण का ज्ञान भी परमावश्यक है; अत: भाग ‘स’ में अफ़ग़ानों के इतिहास से सम्बन्धित ‘वाक़ेआते मुश्ताक़ी’, ‘तारीख़े दाऊदी’ तथा ‘तारीख़े शाही’ का अनुवाद प्रस्तुत किया गया है। परिशिष्ट में ‘हबीबुस् सियर’, ‘तारीख़े रशीदी’, ‘तारीख़े अलफ़ी’ तथा ‘तारीख़े सिन्ध’ के आवश्यक उद्धरणों का अनुवाद प्रस्तुत किया गया है। प्रोफ़ेसर रश ब्रुक विलियम्स द्वारा प्रसिद्धि-प्राप्त ‘एहसनुस् सियर’ नामक ग्रन्थ का मिथ्या-खंडन भी परिशिष्ट ही में किया गया है।

बाबर के इतिहास के लिए उसकी आत्मकथा हमारी जानकारी का बड़ा ही महत्त्वपूर्ण साधन है। प्रस्तुत अनुवाद अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना द्वारा किए गए फ़ारसी भाषान्तर से किया गया है, किन्तु मूल तुर्की तथा मिसेज़ बेवरिज एवं ल्युकस किंग के अनुवादों से भी सहायता ली गई है। नाम तो सब के सब तुर्की ग्रन्थ से लिए गए हैं और उनके हिज्जे में तुर्की उच्चारण का ध्यान रखा गया है।

उम्मीद है कि यह ग्रन्थ शोधार्थियों और जिज्ञासु पाठकों के लिए उपयोगी साबित होगा।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
3rd
Publication year
1960
Weight
1024 grams
ISBN-13
9788126718399
Pages
734
Reading time
~24 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
16 × 24.5 cm
Language
Hindi

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