Hasrat Mohani
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चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है नहीं आती तो याद उन की महीनों तक नहीं आती मगर जब याद आते हैं तो अक्सर याद आते हैं चोरी चोरी हम से तुम आ कर मिले थे जिस जगह मुद्दतें गुज़रीं पर अब तक वो ठिकाना याद है आरज़ू तेरी बरक़रार रहे दिल का क्या है रहा रहा न रहा वफ़ा तुझ से ऐ बेवफ़ा चाहता हूँ मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ
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चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है नहीं आती तो याद उन की महीनों तक नहीं आती मगर जब याद आते हैं तो अक्सर याद आते हैं चोरी चोरी हम से तुम आ कर मिले थे जिस जगह मुद्दतें गुज़रीं पर अब तक वो ठिकाना याद है आरज़ू तेरी बरक़रार रहे दिल का क्या है रहा रहा न रहा वफ़ा तुझ से ऐ बेवफ़ा चाहता हूँ मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ
Book Details
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ISBN9789390540136
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Pages150
-
Avg Reading Time5 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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- Description: Joyous music surrounds the tree of life and envelops its inhabitants in pure bliss, yet a single nightingale perch on a branch, as it looks at the souls it has to comfort, down below, below the joyous canopy of the tree of life, into the deep dark depths, 28 souls 28 mysteries 28 stations of life, all of which will resonate within us, no matter where we are on the tree of life.
Aahaten Aas Paas
- Author Name:
Pankaj Singh
- Book Type:

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Description:
पंकज सिंह हैं। उनके एप्रोच से मतभेद हो सकता है : एक हद तक। लेकिन उनकी एक उत्कट आकांक्षा, कुछ यथार्थ को व्यक्त करने की, और उस यथार्थ से गुथने की—इससे इनकार नहीं किया जा सकता। यह कुछ ऐसी है जैसी कि मुक्तिबोध ने की थी अपने ज़माने में बहुत मेहनत से। उस यथार्थ को व्यक्त करने की। यथार्थ को व्यक्त करना कलाकार का बहुत ही पहला और बहुत ही बुनियादी धर्म है, और उस धर्म में वह कामयाब ही हो, यह ज़रूरी नहीं है। लेकिन ऐसी कोशिश और उस कोशिश में किसी हद तक भी कामयाब होना मेरे लिए बड़ी आदरणीय चीज़ होती है। तो उसमें विभिन्न रूप से विभिन्न दृष्टियों से जो कवि संलग्न है और उसमें अगर काव्य के स्तर पर काव्याभिव्यक्ति के स्तर पर कुछ किया है उन्होंने तो उसका आदर होना चाहिए और मैं उनका आदर करता हूँ...
—शमशेर बहादुर सिंह
(‘पूर्वग्रह’, जनवरी-अप्रैल, 1976)
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