Antim Adhyay
Author:
Ramdhari Singh DiwakarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 239.2
₹
299
Available
गाँव की पृष्ठभूमि से पढ़े-लिखे युवा वर्ग का एक बड़ा तबका जो नगरों-महानगरों में रहने लगा है, इसमें कुछ उच्चपदस्थ अधिकारी भी हैं। आरक्षण की सुविधा के कारण पिछड़े और दलित भी इसमें शामिल हैं। अपनी पृष्ठभूमि से विच्छिन्न सुविधा सम्पन्न जिन्दगी जीनेवाले अधिसंख्य ऐसे लोग अहंवादी आत्मकेन्द्रित हैं। इनमें समरेश-जैसे नृशंस मनोवृत्ति के कृतघ्न भी हैं जो छल-छद्म से अपने माता-पिता को बेघर-बेजमीन बना देते हैं। इसकी दारुण परिणति होती है भूख और गरीबी से पिता की मृत्यु। गाँव के लोग कफन-काठी का इन्तजाम करते हैं। चार बेटों की बेसहारा माँ पड़ोस में नौकरानी बन जाती है।<br>जीवन के अन्तिम पड़ाव पर पहुँचे ऐसे कुछ पात्र हैं इस उपन्यास में जो बेटों के मारे हैं, लेकिन दयनीय नहीं हैं। टूटते मान-मूल्यों वाले गाँव के इन बूढ़ों में निरीहता और अकेलापन नहीं है। इनमें एक-दूसरे के दुख में शामिल होने, सहायता करने और सामूहिकता में सोल्लास जीने की मानवीय आकांक्षा और आश्वस्ति है। अमेरिका में रह रहे दो बेटों और और लन्दन में डॉक्टर-पुत्री द्वारा माँ को रिश्ते के मोहक मायाजाल में बन्दिनी बनाकर रखने और पीछे छूट गए पिता की विक्षिप्त होकर पागलखाने में मृत्यु दिल दहलानेवाली है।<br>ग्रामीण जीवन के कथाशिल्पी रामधारी सिह दिवाकर ने बड़े मनोयोग से आज के यथार्थ की यह मार्मिक कथा शिल्पित की है।
ISBN: 9788119835126
Pages: 128
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Description:
यह एक लम्बी कहानी है—यों तो मृत्यु की प्रतीक्षा में एक बूढ़ी स्त्री की, पर वह फैली हुई है उसकी समूची ज़िन्दगी के आर-पार, जिसे मरने के पहले अपनी अचूक जिजीविषा से वह याद करती है। उसमें घटनाएँ, बिम्ब, तस्वीरें और यादें अपने सारे ताप के साथ पुनरवतरित होते चलते हैं—नज़दीक आती मृत्यु का उसमें कोई भय नहीं है बल्कि मानो फिर से घिरती-घुमड़ती सारी ज़िन्दगी एक निर्भय न्योता है कि वह आए, उसके लिए पूरी तैयारी है। पर यह तैयारी अपने मोह और स्मृतियों, अपनी ज़िद और अनुभवों का पल्ला झाड़कर किसी वैरागी सादगी में नहीं है बल्कि पिछले किये-धरे को एकबारगी अपने साथ लेकर मोह के बीचोबीच धँसते हुए प्रतीक्षा है—एक भयातुर समय में, जिसमें हम जीवन और मृत्यु, दोनों से लगातार डरते रहते हैं, उसमें सहज स्वीकार, उसकी विडम्बना और उसकी ट्रैजीकॉमिक अवस्थिति का पूरा और तीखा अवसाद है।
यह कथा अपनी स्मृति में पूरी तरह डूबी स्त्री का जगत् को छोड़ते हुए अपनी बेटी को दिया निर्मोह का उपहार है। राग और विराग के बीच चढ़ती-उतरती घाटी को भाषा की चमक में पार करते हुए कोई यह सब जंजाल छोड़कर चला जानेवाला है। लेकिन तब भी यहाँ सब कुछ ठहरा हुआ है : भाषा में।
कोई भी कृति सबसे पहले और सबके अन्त में भाषा में ही रहती है—उसी में उसका सच मिलता, चरितार्थ और विलीन होता है। कथा-भाषा का इस कहानी में एक नया उत्कर्ष है। उसमें होने, डूबने-उतराने, गढ़ने-रचने की कविता है—उसमें अपनी हालत को देखता-परखता, जीवन के अनेक अप्रत्याशित क्षणों को सहेजता और सच्चाई की सख़्ती को बखानता गद्य है। प्रूस्त ने कहीं लिखा है कि लेखक निरन्तर सामान्य चेतना और विक्षिप्तता की सरहद के आर-पार तस्करी करता है। ‘ऐ लड़की’ कविता के इलाक़े से गद्य का, मृत्यु के क्षेत्र से जीवन का चुपचाप उठाकर लाया-सहेजा गया अनुभव है।
Sensation of A Soul
- Author Name:
Jyoti Patel
- Book Type:

- Description: Despite their contrasting personas, two people get conjoined and manifest that true love stories never have final; a woman’s fingers fling away from the keypad at the very instant of reading startling news. A man founds himself standing in silence amidst talks, unable to react to the love of his life. A couple never praises each other until someday; a guy always prefers to look up at the sky and think enormously about his precious life and death. There are some sorrowful and amicable poetries and thought-provoking stories. The affecting poems and captivating stories in this book share the Theme of relationship, adoration, passion, love, hope, faith, desire, dreams and life. The inner meanings are even more profound than the words used in this splendid and awe-inspiring book. The sensation of a soul is sure to touch the hearts of many readers, brings out the best moments of one’s life and encourages people to evaluate their inner selves and the world around them with advanced eyes.
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