Marubhoomi
Author:
ShankarPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 60
₹
75
Unavailable
कहते हैं, अगर व्यक्ति का उद्देश्य सिर्फ़ अपनी धन-लालसा को पूर्ण करना ही रह जाए तो फिर कोई सम्बन्ध, कोई मूल्य उसके लिए कोई मायने नहीं रखता।</p>
<p>बांग्ला उपन्यासकार शंकर के इस उपन्यास में भी ऐसी ही एक लिप्सा-कथा को बताया गया है। सोमनाथ जिसके दो भाई सेवा-क्षेत्र में सफलतापूर्वक अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे, अपने लिए व्यवसाय का मार्ग चुनता है, और देखते-देखते वही उसका सब कुछ हो जाता है। मातृ-तुल्य कमला भाभी भी उसे उसकी व्यस्तताओं से नहीं निकाल पातीं। विवाह का उनका आग्रह भी वह कभी ठीक नहीं सुनता।</p>
<p>दूसरी तरफ़ सोमनाथ का मित्र है सुकुमार जो लगातार की बेकारी से मनो-चिकित्सालय में पहुँच जाता है। कणा सुकुमार की बहन है जो सोम पर विश्वास करती है, लेकिन सोम उसके भरोसे को अपनी व्यावसायिक सफलता के लिए बेच देता है। अपने घर की आर्थिक स्थिति से व्याकुल उस लड़की की पवित्रता किसी बड़े बिजनेस-ठेके की रिश्वत बन जाती है।</p>
<p>अपने सबसे नज़दीकी मित्र की बहन को सफलता की सीढ़ी बनाकर उसने बहुत कुछ हासिल किया। लेकिन फिर आख़िरकार उसी को अपनी पत्नी के रूप में भाभी कमला के सामने लाना पड़ा। यह उपन्यास लालच और लिप्सा की सौ जीभों वाली भूख और मनुष्य के अन्तस में बसे अनुताप की संघर्ष-कथा है, जो बताती है कि उम्मीद की एक आख़िरी किरण मनुष्य के भीतर हमेशा बची रहती है, वह चाहे कितना भी क्यों न गिर जाए। एक मार्मिक और विचारोत्तेजक उपन्यास।
ISBN: 9788180311468
Pages: 112
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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‘कटरा बी आर्जू’ एक मामूली कटरे की कहानी होते हुए भी लगभग पूरे देश की कहनी है—अपने समय की कहानी है। यह उन 'गूँगी बस्तियों' के 'गूँगे लोगों' की कहानी है जहाँ 'उजाले' का कहीं नामो-निशान तक नहीं है। ऐसी बस्तियाँ शहर इलाहाबाद में ही नहीं, हर बड़े शहर में हैं—दिलों में छिपे अँधेरे कोनों की तरह। और हर अँधेरा जैसे अपने भीतर रोशनी का सपना पालता है, वैसे ही बिल्लो और देशराज भी एक सपना पालते हुए बड़े होते हैं—अपना एक घर होने का सपना। सपने को सच बनाने के लिए उन्हें जी-तोड़ संघर्ष करना पड़ता है और जब कामयाबी हासिल होने को होती है तो बुलडोजर उसे चकनाचूर कर जाता है—अँधेरा, अँधेरा ही रह जाता है।
इस उपन्यास की कथा इमरजेंसी से पहले की पृष्ठभूमि में शुरू होती है और ‘जनता’ के उदय पर आकर ख़त्म होती है। कथाकार का उद्देश्य सिर्फ़ कहानी कहना है, अपनी बातें आरोपित करना नहीं। वह तटस्थ भाव से उन यातनामय स्थितियों का चित्रण करता है, जिनमें दर्द का अहसास मिट जाता है—दर्द ही दवा बन जाता है। दर्द केवल बिल्लो और देशराज का नहीं; प्रेमा नारायण, शम्सू मियाँ, भोलू पहलवान, इतवारी बाबा, बाबूराम, आशाराम वग़ैरह के भी अपने-अपने दर्द हैं जो अपनी हद पर पहुँचकर अपनी अर्थवत्ता खो देते हैं। इमरजेंसी के दौरान ऊपरी तबके के स्वार्थी तत्त्वों ने कैसा अंधेर मचाया, स्थानीय नेताशाही और नौकरशाही कैसे खुलकर खेली तथा आम आदमी का यह विश्वास कैसे टूटा कि ‘इमरजेंसी से ग़रीब आदमी का भला भया है’—ये सारी वास्तविकताएँ पूरी प्रभावकता और सहजता के साथ इस उपन्यास में उभरकर आई हैं। वस्तुतः इस असरदार कृति के द्वारा राही मासूम रज़ा की तीखी और सधी हुई क़लम की श्रेष्ठता एक बार फिर प्रमाणित हुई है।
Wapsi
- Author Name:
William Sorayan
- Book Type:

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Description:
विलियम सोरायाँ के विश्वविख्यात उपन्यास ‘द ह्यूमन कॉमेडी’ का यह अनुवाद होमर मैकाले नाम के एक चौदह वर्षीय लड़के के इर्द-गिर्द घूमता है। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जब उसका बड़ा भाई मारकस लड़ाई के मोर्चे पर चला जाता है तो होमर, यह समझते हुए कि अब घर की ज़िम्मेदारी उसी के ऊपर है, तार-घर में अंशकालिक नौकरी कर लेता है। काम है लोगों के घरों तक चिट्ठियाँ पहुँचाना।
अपने इसी काम को करते हुए उसे जीवन, मृत्यु, अकेलेपन और मानव-अस्तित्व से सम्बन्धित अनेक ऐसी सच्चाइयों का सामना करना पड़ता है, जो उसे एक अनुभवी व्यक्ति बनने में मदद करती हैं।
उपन्यास में होमर की ‘ओडिसी’ के भी अनेक सन्दर्भ बुने गए हैं। ओडिसी की तरह इस उपन्यास के केन्द्र में भी घर वापसी है।
इस उपन्यास के विश्व में अनेक फ़िल्म तथा रंगमंचीय रूपान्तरण हो चुके हैं।
A Soldier's Daughter
- Author Name:
Nupur Luthra
- Book Type:

- Description: This is the life story of a young girl who is an army officer's daughter. Brought up in the private army quarters, she somehow prefers to lead an everyday civilian life. Despite her parents' (army officers) insistence, she opts out of any profession remotely related to "Army, Navy or Air-force". From schooling to college to professional life, she is perennially confused if she belongs to the elite army circle or the mundane civilian world. Having a first-hand experience of living both lives, she narrates the exciting events from her dual life. From the best of both lives to the worst, she gives an unbiased account of what it is to be a part of the army and yet lives a civilian life. An exciting account of a young girl who reveals what it is to live two lives at once!
Yaatri-Samgra
- Author Name:
Vaiddnath Mishra 'Yaatri'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Take 2
- Author Name:
Ruchi Singh
- Book Type:

- Description: Priya's idyllic world turns upside down when she realizes her husband considers her dead weight after stripping her off her inheritance for his ambitions and lavish lifestyle. Instantly attracted to Priya, Abhimanyu knows getting involved with a married woman is inviting trouble. But despite common sense, cautions and hesitations, he is drawn to help her. Happily ever after has become a myth for Priya and trying to keep the relationship platonic is becoming more and more difficult for Abhimanyu. In the tussle between ethics, fears and desires... will Priya embrace a second chance at happiness?
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